सड़कों पर हुए हंगामे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्ष को घेरा, दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी को सराहा राजधानी में शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शन पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने विपक्ष पर शहर की शांति बिगाड़ने की साजिश का आरोप लगाते हुए हालात संभालने के लिए दिल्ली पुलिस के जवानों की सराहना की। शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने विचार साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने राजधानी में बने तनावपूर्ण माहौल को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर शहर के सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त करने की कोशिश की गई, लेकिन सुरक्षा बलों की तत्परता ने किसी भी बड़े संकट को टाल दिया। सड़क पर टकराव और सुरक्षा बलों को उकसाने का आरोप मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार के घटनाक्रम पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर कांग्रेस, आप, लेफ्ट और सीजेपी के लोगों ने राजधानी के माहौल को खराब करने का काम किया। उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने में जुटी दिल्ली पुलिस तथा अन्य सुरक्षा बलों को जानबूझकर उकसाने की कोशिश की गई, ताकि टकराव के हालात पैदा हो सकें। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस पूरे प्रदर्शन का मकसद शहर के सौहार्द को चोट पहुंचाना था। शहरवासियों के व्यवहार की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में दिल्ली के नागरिकों ने असाधारण संयम और परिपक्वता दिखाई। उन्होंने कहा कि तथाकथित आंदोलनजीवियों ने शांति भंग करने का भरसक प्रयास किया, लेकिन दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों की अटूट कर्तव्यनिष्ठा के कारण स्थितियां नियंत्रण में बनी रहीं। दिल्ली पुलिस के जवानों की तारीफ और सुरक्षा का भरोसा राजधानी में कानून व्यवस्था संभाले रखने के प्रयासों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा, "मैं दिल्ली पुलिस के जवानों को विशेष रूप से साधुवाद देती हूं। उन्होंने धैर्य नहीं खोया। पूरी जिम्मेदारी और सूझबूझ से हालात को संभाला और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।" मुख्यमंत्री ने दोहराया कि दिल्ली सरकार और प्रशासन आम नागरिकों की सुरक्षा, उनकी रोजमर्रा की सहूलियतों और सामान्य जनजीवन की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि कानून अपना काम पूरी मजबूती से करेगा और किसी भी सूरत में शांति व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल पर तीखे राजनीतिक हमले एक्स पर जारी अपने विस्तृत बयान में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी राजनीति में देशवासियों द्वारा नकारे जा चुके ये दोनों नेता अपनी सहयोगी टीम सीजेपी के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजधानी को राजनीतिक अखाड़े में तब्दील करने की फिराक में हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बार-बार मिलने वाली चुनावी हार की खीझ आखिर दिल्ली की बेकसूर जनता पर क्यों उतारी जा रही है। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनों के कारण आम आदमी को होने वाली परेशानियों को रेखांकित करते हुए पूछा कि दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों और इलाज के लिए अस्पताल जा रहे मरीजों को हो रही दिक्कतों का जिम्मेदार कौन होगा। उन्होंने पूछा कि क्या कुछ राजनेताओं की निजी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं दिल्ली के लाखों परिवारों की रोजी-रोटी, सुरक्षा और शांति से भी बढ़कर हो गई हैं। जनादेश, पीएम मोदी का रिकॉर्ड और कड़ा संदेश दिल्ली के राजनीतिक मिजाज का जिक्र करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की जनता ने स्पष्ट रूप से विकास के पक्ष में मतदान किया है। उन्होंने रेखांकित किया कि देशवासियों के अभूतपूर्व आशीर्वाद की बदौलत पीएम मोदी भारत की चुनावी राजनीति के इतिहास में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने वाले नेता बने। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवारवाद और अवसरवादी राजनीति में उलझे दल इस ऐतिहासिक जनसमर्थन को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। अरविंद केजरीवाल पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खुद को दिल्ली का मालिक बताने वाले नेता अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए दिल्लीवासियों की सुरक्षा और अमन-चैन को दांव पर लगा रहे हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि दिल्ली को बंधक बनाने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी और लोकतंत्र के नाम पर अराजकता फैलाने तथा जनमत को चुनौती देने वाली ताकतों से मजबूती से निपटा जाएगा। दूसरी ओर, राष्ट्रीय राजधानी में विपक्षी नेताओं की एहतियातन हिरासत का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां रविवार को एक विशेष पीठ द्वारा इस याचिका पर सुनवाई किए जाने की प्रक्रिया तय की गई है। इसका आप पर असर राजधानी में हुए विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक तनातनी का सीधा असर आम नागरिकों के आवागमन और शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ा है। • दिल्ली में: सड़कों पर हुए हंगामे और कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के कारण दैनिक यात्रियों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और मरीजों को यातायात की भारी बाधाओं का सामना करना पड़ा। सुरक्षा बलों की सख्त निगरानी के चलते आने वाले दिनों में संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग और जांच अभियान तेज रह सकता है। • भारत में: राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक गतिरोध और विपक्षी नेताओं की हिरासत का मामला सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ तक पहुंच गया है। शीर्ष अदालत की रविवार की सुनवाई से भविष्य में बड़े राजनीतिक प्रदर्शनों और एहतियातन कानूनी कार्यवाहियों के नियमों पर व्यापक असर पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह राजनीतिक टकराव शनिवार को दिल्ली की सड़कों पर विपक्षी दलों और सहयोगी संगठनों के संयुक्त विरोध प्रदर्शन के चलते शुरू हुआ, जिसके बाद प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। • विरोध प्रदर्शन का आयोजन: कांग्रेस, आप, वामपंथी दलों और सीजेपी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने शनिवार को राजधानी की सड़कों पर बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया था। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस दौरान सुरक्षा बलों को जानबूझकर उकसाया गया और टकराव के हालात पैदा किए गए। • चुनावी हार और राजनीतिक खींचतान: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तर्क दिया कि विपक्षी दल लगातार चुनावी पराजयों की हताशा में शहर को राजनीतिक अखाड़ा बना रहे हैं और पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल के ऐतिहासिक जनादेश को पचा नहीं पा रहे हैं। • हिरासत के खिलाफ कानूनी हस्तक्षेप: राजधानी में प्रदर्शन के दौरान कई विपक्षी नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया। इस प्रशासनिक कार्रवाई को फौरन सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, जिसके चलते रविवार को अवकाश के दिन विशेष पीठ की सुनवाई तय हुई। सवाल-जवाब 1. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार के प्रदर्शन पर क्या बयान दिया? उन्होंने शनिवार को दिल्ली की सड़कों पर हुए घटनाक्रम को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और विपक्षी दलों पर शांति व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया। 2. मुख्यमंत्री ने किन राजनीतिक दलों और संगठनों पर आरोप लगाए हैं? उन्होंने कांग्रेस, आप, वामपंथी दलों और सीजेपी पर आरोप लगाया कि उन्होंने विरोध के नाम पर अव्यवस्था फैलाने और सुरक्षा बलों को उकसाने का प्रयास किया। 3. दिल्ली पुलिस की भूमिका को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या कहा? उन्होंने दिल्ली पुलिस के धैर्य और सूझबूझ की सराहना करते हुए कहा कि जवानों ने जिम्मेदारी से हालात संभाले और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। 4. विपक्षी नेताओं की हिरासत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में क्या कदम उठाया गया है? विपक्षी नेताओं की एहतियातन हिरासत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है, जिस पर रविवार को एक विशेष पीठ द्वारा सुनवाई की जाएगी। https://trendkia.com/delhi/sarakon-para-hue-hngame-ke-bada-mukhyamntri-rekha-gupta-ne-vipaksha-ko-ghera-delhi-police-ki-mustaidi-ko-saraha-46148 TrendKia — Har trend, sabse pehle.