सितंबर में दिसंबर जैसी ठंड, दिल्ली में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा और पारा 16.8 डिग्री पर आया दिल्ली में सितंबर महीने के दौरान अचानक मौसम ने बड़ा उलटफेर दिखाया है। पिछले 25 वर्षों में रविवार की रात सबसे सर्द दर्ज की गई, जिससे लोगों को एसी बंद कर कंबल निकालने पड़े। इस वर्ष मौसम का मिजाज लगातार करवट ले रहा है। कभी तेज धूप तो कभी बारिश, तो कभी मौसम प्रणालियों के असर से सूखे और बाढ़ जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं। हालांकि राजधानी दिल्ली में रविवार को कुछ ऐसा अनूठा मौसम देखने को मिला, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। रात के वक्त अचानक ठंड इतनी बढ़ गई कि लोगों को अपने घरों के एसी बंद करने पड़े और अलमारियों से कंबल निकालने की नौबत आ गई। राष्ट्रीय राजधानी में पिछले 25 वर्षों में सितंबर की यह रात सबसे सर्द साबित हुई, जिसे महसूस करके ऐसा लगा मानो शहर में दिसंबर का कड़ाके का ठंडक भरा महीना आ गया हो। सफदरजंग और रिज क्षेत्र में तापमान में भारी गिरावट भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक, रविवार 26 सितंबर की यह रात पिछले 25 वर्षों की दूसरी सबसे ठंडी सितंबर की रात रही, जब पारे ने सामान्य स्तर से काफी नीचे गोता लगाया। मुख्य वेधशाला सफदरजंग में रात का न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के सामान्य औसत तापमान से तीन डिग्री कम था। हालांकि, शहर के रिज क्षेत्र में स्थिति और भी ठंडी रही, जहां न्यूनतम तापमान लुढ़ककर सीधे 16.8 डिग्री सेल्सियस के निचले स्तर तक जा पहुंचा। आंकड़ों के लिहाज से यह पिछले दो साल की सबसे ठंडी सितंबर की रात भी बन गई। विभिन्न इलाकों में दर्ज हुआ अलग-अलग तापमान भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में यह गिरावट अलग-अलग पैमाने पर दर्ज की गई। इनमें रिज स्टेशन सबसे ठंडा साबित हुआ, जहां न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से पूरे सात डिग्री कम था, जिसे मौसम विभाग ने सामान्य से काफी नीचे की श्रेणी में रखा है। इसके अलावा पालम वेधशाला में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम यानी 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि मयूर विहार इलाके में यह पारा 19.5 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया गया। इसके साथ ही लोधी रोड और आयानगर जैसे अन्य पड़ोसी स्टेशनों पर न्यूनतम तापमान क्रमशः 21 और 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे पूरे शहर में ठंडक का अहसास एक जैसा बना रहा। बारिश और हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन इस अचानक आए बदलाव के पीछे मौसम के कई कारक सक्रिय थे। शनिवार को भी शहर में ठंडक बनी हुई थी और हल्की से मध्यम बारिश भी दर्ज की गई थी। सफदरजंग में 4.9 मिलीमीटर और रिज क्षेत्र में 6.8 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि नोएडा के कुछ हिस्सों में तो 26.5 मिलीमीटर तक की अच्छी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र ने वातावरण से नमी को खींचा, जबकि उसी समय उत्तर भारत पर एक पश्चिमी विक्षोभ भी पूरी तरह सक्रिय था। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के मेल ने दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा डाल दिया और फिर बारिश का दौर शुरू हुआ। नमी और उत्तर-पूर्वी हवाओं का असर आसमान में छाए घने बादलों ने दिन के समय सूरज की तपिश को काफी हद तक कम कर दिया, जिससे अधिकतम तापमान में भी गिरावट आई। इसके अलावा, बारिश के बाद गीली जमीन और मजबूत उत्तर-उत्तर-पूर्वी हवाओं के चलने से वातावरण में ठंडक और ज्यादा गहरी हो गई। शनिवार को पालम क्षेत्र में 33 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक तेज हवाएं चलीं, जबकि पूरे दिन 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पूर्वी हवाएं बहती रहीं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले समय में यानी सोमवार, 28 सितंबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है, हालांकि बारिश होने की कोई उम्मीद नहीं जताई गई है। इसका आप पर असर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अचानक हुए इस मौसम बदलाव का असर सीधे तौर पर आम नागरिकों के दैनिक जीवन और स्वास्थ्य पर पड़ा है। • भारत में: उत्तर भारत में इस तरह के असामयिक मौसमी बदलाव से त्योहारी सीजन से पहले स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां जैसे सर्दी और वायरल संक्रमण बढ़ सकते हैं। किसानों को भी अपनी फसलों की कटाई और बुवाई के चक्र में इस तरह के अचानक तापमान उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखना होता है। • दिल्ली में: दिल्ली के निवासियों को अचानक रात के तापमान में गिरावट के कारण अपने घरों में पंखे और एसी बंद कर गर्म कपड़ों या कंबलों का उपयोग करना शुरू करना पड़ा है। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से सुबह और रात के समय आवागमन करने वाले कामकाजी लोगों और बच्चों को ठंड से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतनी होगी। ऐसा क्यों हुआ अक्टूबर से पहले दिल्ली में सितंबर के महीने में अचानक आई इस भीषण ठंड के पीछे एक साथ कई मौसमी प्रणालियों का सक्रिय होना मुख्य वजह रहा। • निम्न दबाव का क्षेत्र: मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर बने एक स्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र ने आसपास के क्षेत्रों से भारी मात्रा में नमी को अपनी ओर खींच लिया। • पश्चिमी विक्षोभ: उत्तर भारत के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय था, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर बादलों का निर्माण हुआ और बारिश की स्थिति बनी। • हवाओं की गति: बारिश के बाद नम जमीन और लगातार बहने वाली मजबूत उत्तर-उत्तर-पूर्वी हवाओं ने वातावरण में ठंडक को काफी ज्यादा बढ़ा दिया। सवाल-जवाब 1. दिल्ली में सितंबर के दौरान तापमान में इतनी भारी गिरावट क्यों दर्ज की गई? मध्य उत्तर प्रदेश पर बने निम्न दबाव के क्षेत्र और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह गिरावट आई। 2. सफदरजंग वेधशाला में रात का न्यूनतम तापमान कितना दर्ज किया गया? सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री कम था। 3. शहर का सबसे ठंडा इलाका कौन सा रहा? दिल्ली रिज स्टेशन शहर का सबसे ठंडा इलाका रहा जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 16.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। 4. क्या आने वाले दिनों में बारिश होने की कोई संभावना है? मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है। https://trendkia.com/delhi/sitnbara-men-disnbara-jaisi-thnda-delhi-men-25-sala-ka-rikorda-tuta-aura-para-16-8-degree-para-aya-39843 TrendKia — Har trend, sabse pehle.