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  "title": "संघ लोक सेवा आयोग के सौ वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने जारी किए विशेष सिक्का, डाक टिकट और पुस्तक",
  "summary": "दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मारक डाक टिकट, सिक्का और 100 ऐतिहासिक फैसलों पर आधारित किताब जारी की।",
  "content": "यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन यानी संघ लोक सेवा आयोग ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर दिल्ली के भारत मंडपम में भव्य शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। देश में प्रशासनिक सेवाओं की नींव रखने वाले इस संस्थान के गौरवशाली सफर को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने विशेष पहलों का अनावरण किया और आयोग के योगदान की सराहना की।\n\nस्मारक डाक टिकट, सिक्का और विशेष पुस्तक का विमोचन\nशताब्दी समारोह के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयोग की 100 वर्षों की यात्रा को समर्पित एक शताब्दी स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट जारी किया। इसके साथ ही उन्होंने लोक सेवा आयोगों से जुड़े 100 ऐतिहासिक फैसलों पर आधारित एक महत्वपूर्ण पुस्तक का भी लोकार्पण किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि देशवासियों का संघ लोक सेवा आयोग पर अटूट भरोसा है और उन्होंने भविष्य की चयन प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।\n\n1926 में हुई थी आयोग की स्थापना\nभारत में सिविल सेवा के इतिहास में संघ लोक सेवा आयोग की यात्रा वर्ष 1926 से शुरू हुई थी। लोक सेवा आयोग के रूप में 1926 में स्थापित इस संस्थान ने भारतीय प्रशासनिक सेवा और पुलिस सेवा सहित केंद्रीय सेवाओं के लिए देश के शीर्ष अधिकारियों के चयन की निष्पक्ष व्यवस्था को मजबूत किया। एक सदी के इस सफर में आयोग ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और शासन की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को निरंतर ढाला है।\n\nलाखों उम्मीदवारों की भागीदारी\nप्रशासनिक सेवाओं में शामिल होने के लिए युवाओं का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। 2025 में संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में 10 से 12 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। इनमें से केवल सिविल सेवा परीक्षा के लिए ही 9 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन फॉर्म भरा था, जो इस प्रतिष्ठित चयन संस्था के प्रति देश भर के युवाओं की व्यापक उम्मीदों और भरोसे को दर्शाता है।\n\nइसका आप पर असर\nसंघ लोक सेवा आयोग के सौ वर्ष पूरे होने का यह आयोजन देश की प्रशासनिक परीक्षा प्रणाली और लाखों अभ्यर्थियों के विश्वास को नई मजबूती प्रदान करता है।\n\n• अभ्यर्थियों के लिए: आयोग की निष्पक्ष चयन प्रणाली और विश्वसनीयता पर राष्ट्रीय नेतृत्व का भरोसा युवाओं का मनोबल बढ़ाता है। परीक्षा की शुचिता और उच्च मानकों को बनाए रखने की दिशा में निरंतर संस्थागत प्रयास जारी रहेंगे।\n• प्रशासनिक सुधार: सौ ऐतिहासिक फैसलों पर आधारित पुस्तक भविष्य में प्रशासनिक सुधारों और नीतियों के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ बनेगी। इससे भर्ती नियमों और व्यवस्थाओं की ऐतिहासिक समझ गहरी होगी।\n• संस्थागत गरिमा: विशेष स्मारक सिक्के और डाक टिकट के जारी होने से इस शताब्दी पुरानी संस्था के ऐतिहासिक योगदान को राष्ट्रीय पहचान मिली है। यह देश के भावी प्रशासनिक अधिकारियों में सेवा भावना को प्रेरित करेगा।\n• परीक्षा प्रणाली: अभ्यर्थियों को परखने के लिए नई कसौटियों और सुझावों पर चर्चा से भविष्य की परीक्षाओं में आधुनिक जरूरतों का समावेश हो सकता है। इससे तैयारी कर रहे छात्रों को प्रासंगिक कौशल पर ध्यान देने का संकेत मिलता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह समारोह 1926 में स्थापित संघ लोक सेवा आयोग के 100 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित किया गया। एक सदी के निष्पक्ष और पारदर्शी चयन इतिहास का सम्मान करना इसका मुख्य उद्देश्य था।\n\n• शताब्दी का मील का पत्थर: लोक सेवा आयोग की नींव 1926 में रखी गई थी, जिसके सौ वर्ष पूरे होने पर इस भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई। इस सफर में संस्था ने देश के शासन ढांचे को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।\n• ऐतिहासिक फैसलों का संकलन: एक सदी के कानूनी, प्रशासनिक और नीतिगत निर्णयों को दस्तावेजी रूप देने के लिए 100 ऐतिहासिक फैसलों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया। इससे भावी पीढ़ियों के लिए संस्थागत इतिहास संरक्षित हुआ।\n• स्मारक पहल: सौ साल की निरंतर सेवा और साख को चिरस्थायी बनाने के लिए विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी करना एक स्थापित परंपरा का हिस्सा रहा है। भारत मंडपम जैसे राष्ट्रीय मंच पर इसे आयोजित कर इसका दायरा व्यापक बनाया गया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. संघ लोक सेवा आयोग की स्थापना कब हुई थी?\nसंघ लोक सेवा आयोग की शुरुआत 1926 में लोक सेवा आयोग के रूप में हुई थी।\n\n2. शताब्दी समारोह कहाँ आयोजित किया गया?\nयह शताब्दी समारोह नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया गया।\n\n3. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या जारी किया?\nप्रधानमंत्री ने 100 ऐतिहासिक फैसलों पर आधारित पुस्तक, एक शताब्दी स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट जारी किया।\n\n4. वर्ष 2025 में कितने छात्रों ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में भाग लिया?\n2025 में आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में 10 से 12 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से 9 लाख से अधिक ने सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन किया था।",
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  "category": "दिल्ली",
  "publishedAt": "2026-10-01",
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