सोशल मीडिया पर स्पा जॉब का झांसा देकर देह व्यापार में धकेलने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, दिल्ली पुलिस ने 10 लड़कियां कराईं मुक्त दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं को आकर्षक वेतन वाली स्पा नौकरी का लालच देकर मानव तस्करी के जाल में फंसाने वाले एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया है। पुलिस ने गुजरात, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में समन्वित छापेमारी कर 10 पीड़ित लड़कियों को छुड़ाया तथा 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम ने सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को आकर्षक नौकरियों का झांसा देकर देह व्यापार और मानव तस्करी के धंधे में धकेलने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह शातिर नेटवर्क आर्थिक रूप से कमजोर परिस्थितियों में रह रही लड़कियों को स्पा सेंटरों में शानदार वेतन, मुफ्त रहने की सुविधा और बेहतर जीवनशैली का सपना दिखाता था। इसके बाद पीड़िताओं को दिल्ली से उठाकर देश के अन्य राज्यों में ले जाया जाता था और वहां गिरोह से जुड़े स्पा संचालकों के हवाले कर दिया जाता था। पुलिस ने लगातार तीन राज्यों में व्यापक अभियान चलाते हुए कुल 10 पीड़ित लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। 15 वर्षीय किशोरी के अचानक लापता होने से सुलझी पूरी गुत्थी मानव तस्करी के इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का राज तब खुला जब दिल्ली के दक्षिणपुरी इलाके से 9 मई को एक 15 साल की नाबालिग लड़की रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गई। किशोरी के अचानक लापता होने के बाद उसकी मां ने आंबेडकर नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपहरण और गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई। जब साइबर टीम ने गायब किशोरी के डिजिटल फुटप्रिंट और सोशल मीडिया खातों की छानबीन की, तो पता चला कि अज्ञात लोगों ने उसे सोशल मीडिया पर संपर्क किया था। आरोपियों ने लड़की को स्पा सेंटर में ऊंचे वेतन वाली नौकरी देने और उसकी जीवनशैली सुधारने का बड़ा लालच देकर अपने जाल में फंसाया था। गुजरात के कच्छ में निजी गाड़ी से पहुंची पुलिस टीम, मुंद्रा के होटल से हुई पहली बरामदगी तकनीकी निगरानी, मोबाइल सर्विलांस और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण करने पर पुलिस को पहला ठोस सुराग गुजरात राज्य से मिला। सुराग मिलने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम निजी वाहन से गुजरात के कच्छ जिले के मुंद्रा इलाके के लिए रवाना हुई। स्थानीय गुजरात पुलिस के सहयोग से मुंद्रा के एक होटल में चल रहे स्पा सेंटर पर अचानक छापा मारा गया। वहां से दिल्ली से गायब हुई 15 वर्षीय किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया गया। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने स्पा मालिक दामनी सुशील हरेश उर्फ सुशील और वहां काम करने वाले रिसेप्शनिस्ट लक्ष्य को हिरासत में ले लिया। इस दौरान मौके पर दो अन्य किशोर भी मौजूद पाए गए। उत्तर प्रदेश के बलिया से 7 और दिल्ली के गणेश नगर से 2 युवतियों को कराया गया मुक्त पकड़े गए आरोपियों से मिली जानकारी और कड़ियों को जोड़ते हुए दिल्ली पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पहुंची। वहां संचालित एक स्पा सेंटर पर दबिश देकर 7 पीड़ित लड़कियों को मुक्त कराया गया। इस ठिकाने से स्पा सेंटर चलाने वाले आरोपी मोनू शर्मा और संजीव मौर्य को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने राष्ट्रीय राजधानी के गणेश नगर स्थित एक परिसर में छापेमारी की। गणेश नगर के इस ठिकाने से 2 और लड़कियों को सुरक्षित बचाया गया तथा इस परिसर का संचालन करने वाली 27 वर्षीय महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। मासूमों को जाल में फंसाने का तरीका और गिरोह का पूरा तंत्र जांच में आरोपियों की कार्यप्रणाली का पूरा ब्योरा सामने आया है। गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों और अपने व्यक्तिगत संपर्कों के जरिए ऐसी लड़कियों की तलाश करते थे जो आर्थिक तंगी या पारिवारिक परेशानियों का सामना कर रही हों। इसके बाद उन्हें बड़े शहरों के स्पा सेंटरों में आकर्षक सैलरी और रहने के लिए कमरा देने का वादा किया जाता था। एक बार लड़कियां झांसे में आ जाती थीं तो उन्हें दिल्ली लाया जाता था और फिर अलग अलग राज्यों के स्पा मालिकों को सौंप दिया जाता था। इस पूरे मामले में पुलिस ने अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य समन्वयक समेत दो फरार आरोपियों की तलाश तेज पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क के मुख्य समन्वयक की पहचान दिल्ली निवासी विनय उर्फ महादेव के रूप में की है। आरोप है कि विनय ही पीड़िताओं के रहने, खाने और एक राज्य से दूसरे राज्य में परिवहन की पूरी व्यवस्था संभालता था। इसके अलावा लड़कियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में मदद करने वाला प्रिंस नाम का आरोपी भी शामिल है। वर्तमान में विनय और प्रिंस दोनों फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पूरे ऑपरेशन के दौरान तीन किशोरों को भी पकड़ा गया था, जिनमें से दो के बयानों के आधार पर उन्हें पीड़ित मानते हुए एक अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसका आप पर असर भारत में: यह घटना चेतावनी देती है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले अनपेक्षित और आकर्षक जॉब ऑफरों के प्रति सतर्क रहें, क्योंकि इनके पीछे मानव तस्करी गिरोह सक्रिय हो सकते हैं। दिल्ली और एनसीआर में: अचानक गायब हुई नाबालिगों या संदिग्ध स्पा केंद्रों की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को देने से ऐसे अंतरराज्यीय गिरोहों पर नकेल कसने में मदद मिलती है। सवाल-जवाब 1. दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल कितनी पीड़ित लड़कियों को बचाया? दिल्ली पुलिस ने गुजरात, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी करके कुल 10 पीड़ित लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। 2. इस पूरे मामले की जांच किस घटना के बाद शुरू हुई थी? यह जांच 9 मई को दिल्ली के दक्षिणपुरी इलाके से 15 वर्षीय किशोरी के लापता होने और उसकी मां द्वारा आंबेडकर नगर थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद शुरू हुई। 3. मानव तस्करी गिरोह लड़कियों को अपने जाल में कैसे फंसाता था? आरोपी सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संपर्कों से कमजोर स्थिति वाली लड़कियों को निशाना बनाते थे और उन्हें स्पा सेंटरों में भारी वेतन व रहने की जगह का लालच देते थे। 4. इस मामले में अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कौन फरार हैं? पुलिस ने गिरोह से जुड़े 6 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दिल्ली का समन्वयक विनय उर्फ महादेव और उसका साथी प्रिंस अभी फरार हैं। https://trendkia.com/delhi/soshala-midiya-para-spa-joba-ka-jhansa-dekara-deha-vyapara-men-dhakelane-vale-antararajyiya-giroha-ka-pardaphasha-delhi-police-ne--16139 TrendKia — Har trend, sabse pehle.