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  "type": "article",
  "title": "त्योहारी मांग के बीच मिलावटखोरों पर शिकंजा, राजधानी में सैकड़ों लीटर अखाद्य सामग्री जब्त",
  "summary": "दिल्ली में पर्व-त्योहारों के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर 948.9 लीटर संदिग्ध घी और भारी मात्रा में बासी मिठाइयां जब्त कर नष्ट की हैं। प्रशासन ने मिलावट करने वालों के विरुद्ध साल भर कठोर कानूनी कदम उठाने की चेतावनी दी है।",
  "content": "पर्वों के आगमन के साथ ही मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों में बढ़ती मिलावट की रोकथाम के लिए राजधानी में व्यापक प्रशासनिक अभियान शुरू कर दिया गया है। विशेष निरीक्षण दस्तों ने बुधवार को विभिन्न व्यापारिक केंद्रों पर औचक दबिश देकर कुल 948.9 लीटर संदिग्ध घी अपने कब्जे में लिया। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान कई खुदरा और थोक प्रतिष्ठानों से गुणवत्ता परीक्षण के वास्ते 15 अलग-अलग नमूने प्रयोगशाला भिजवाए गए हैं। प्रशासनिक प्रमुख रेखा गुप्ता ने स्पष्ट संकेत दिया है कि मिलावट के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए संबंधित विभाग में आधुनिक तकनीकों का समावेश किया जाएगा तथा फील्ड कर्मचारियों की संख्या में भी शीघ्र विस्तार होगा।\n\nतीन प्रमुख बाजारों में पुलिस बल के साथ संयुक्त दबिश\nजांच अधिकारियों की अलग-अलग टुकड़ियों ने बुधवार को भोगल मार्केट, नजफगढ़ मार्केट और शिव विहार इलाके में एक साथ छापा मारा। आंकड़े बताते हैं कि भोगल के व्यापारिक ठिकानों से सर्वाधिक 389.9 लीटर घी कब्जे में लिया गया, जबकि नजफगढ़ के बाजारों से 338 लीटर की बरामदगी हुई। इसी तरह शिव विहार क्षेत्र में स्थानीय पुलिस बल के सहयोग से चलाए गए अभियान में 221 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया गया। इस समूची धरपकड़ के दौरान भोगल और नजफगढ़ के केंद्रों से एकत्र किए गए कुल 15 नमूनों को अधिकृत रासायनिक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला रवाना किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षण के अंतिम नतीजे सामने आने के बाद संलिप्त व्यापारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।\n\nसाल भर चलेगा सघन अभियान और हेल्पलाइन की व्यवस्था\nनिरीक्षण प्रक्रिया को गति देने के लिए खाद्य सुरक्षा तंत्र को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। फील्ड स्टाफ की संभावित कमी को पूरा करने के लिए आवश्यकतानुसार अन्य सरकारी विभागों के मानव संसाधन को भी इस कार्य में शामिल किया जाएगा, ताकि छापेमारी और निगरानी निरंतर जारी रह सके। सरकार की ओर से यह भी साफ किया गया है कि यह निगरानी केवल त्योहारों के समय तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे वर्ष नियमित अंतराल पर औचक निरीक्षण होते रहेंगे। इसमें किसी भी छोटे दुकानदार अथवा नामचीन ब्रांडेड कंपनी के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। आम नागरिकों की सुविधा के लिए कार्यदिवसों के आधिकारिक समय में 1800-11-3921 नंबर की एक विशेष टेलीफोन हेल्पलाइन उपलब्ध कराई गई है, जिस पर एक्सपायर्ड या मिलावटी सामान की सीधी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।\n\nनिहाल विहार में अवैध कारखानों पर दबिश और उत्पाद नष्ट\nइससे पूर्व की एक योजनाबद्ध कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने निहाल विहार की गलियों में 13 संदिग्ध ठिकानों की पड़ताल की थी। इस कार्रवाई के तहत कुल 402 किलोग्राम दूषित खाद्य वस्तुओं को तत्काल प्रभाव से नष्ट करवाया गया। नष्ट की गई सामग्रियों में 265 किलोग्राम तैयार रसगुल्ले, 45 किलोग्राम छेना, 80 किलोग्राम मिल्क केक और 12 किलोग्राम कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल शामिल था। निरीक्षण दल ने वहां बिना वैध लाइसेंस के चलाई जा रही कई अनधिकृत निर्माण इकाइयों, मिष्ठान्न निर्माताओं और दुकानों की पड़ताल की। इस दौरान विभिन्न इकाइयों से 14 नमूने जांच के लिए उठाए गए, जिनमें छेने के छह, रसगुल्ले व मिल्क केक के दो-दो तथा बेसन लड्डू, मोतीचूर लड्डू, पनीर और रसभरी का एक-एक सैंपल शामिल था। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार 26 अगस्त को पूर्व में की गई एक कोशिश के समय व्यापारियों ने अपने शटर गिरा दिए थे और टीम महज तीन ठिकानों तक पहुंच सकी थी। इस बाधा से सबक लेते हुए इस बार सार्वजनिक अवकाश के दिन का चयन किया गया और अनेक गलियों को एक साथ घेरकर औचक कार्रवाई पूरी की गई।\n\nमोरी गेट खोया मंडी में सड़े हुए माल का निस्तारण\nराजधानी के थोक व्यापारिक केंद्र मोरी गेट की खोया मंडी में भी एक पृथक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को लावारिस दशा में पड़ा भारी स्टॉक मिला। जांचकर्ताओं को मौके पर 370 किलोग्राम खोया और 150 किलोग्राम छेना अत्यंत दुर्गंधयुक्त और सड़ी हुई स्थिति में प्राप्त हुआ। जनस्वास्थ्य के लिए खतरे को भांपते हुए अधिकारियों ने तुरंत 520 किलोग्राम सड़े हुए खोए और छेने को नष्ट करवा दिया। इस स्थान से भी प्रयोगशाला विश्लेषण के लिए खोए के तीन अतिरिक्त नमूने सुरक्षित रखे गए। उल्लेखनीय है कि पूर्व में कृष्ण जन्माष्टमी पर्व के दौरान 4 सितंबर को इसी विशिष्ट बाजार से लगभग 3,050 किलोग्राम दूषित पनीर और खोया नष्ट किया गया था। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सभी रिपोर्टों की समीक्षा के उपरांत दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई निश्चित की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि मिठाइयों की शुद्धता जनस्वास्थ्य से सीधे जुड़ी है और मुनाफे की खातिर नागरिकों के जीवन से खिलवाड़ किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा।\n\nइसका आप पर असर\nत्योहारी सीजन में खरीदे जाने वाले घी और दुग्ध उत्पादों की शुद्धता को लेकर प्रशासन ने सख्त निगरानी बढ़ा दी है।\n\n• उपभोक्ता स्वास्थ्य पर असर: बाजार में बिकने वाले मिलावटी घी, बासी छेना और दूषित मिठाइयों के सेवन से होने वाली बीमारियों से सुरक्षा मिलेगी। खरीदार अब किसी भी संदिग्ध या बासी उत्पाद की शिकायत सीधे आधिकारिक हेल्पलाइन पर कर सकेंगे।\n• दिल्ली के खरीदारों के लिए: राजधानी के प्रमुख बाजारों जैसे भोगल, नजफगढ़ और मोरी गेट में खुली मिठाइयों की सघन जांच से मिलावट पर रोक लगेगी। स्थानीय निवासी कार्यदिवसों के दौरान हेल्पलाइन नंबर 1800-11-3921 पर कॉल करके खराब खाद्य पदार्थों की तत्काल शिकायत दर्ज करा सकते हैं।\n• मिठाई और किराना कारोबारियों के लिए: सभी छोटे-बड़े मिष्ठान्न निर्माताओं और विक्रेताओं के लिए वैध खाद्य लाइसेंस रखना और स्वच्छता मानकों का पालन करना अनिवार्य हो गया है। मानकों का उल्लंघन करने वाले या एक्सपायर्ड सामान बेचने वाले प्रतिष्ठानों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।\n• त्योहारी खरीदारी में सावधानी: खुले में बिकने वाले अत्यधिक सस्ते खोए और बिना ब्रांड के घी को खरीदते समय नागरिकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। प्रामाणिक पैकेजिंग और निर्माण तिथि की जांच करके ही मिठाइयों की खरीदारी करने की सलाह दी जाती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nत्योहारों के दौरान दुग्ध उत्पादों और पारंपरिक मिठाइयों की भारी मांग का अनुचित लाभ उठाने के लिए मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं, जिसे रोकने के लिए यह प्रशासनिक कदम उठाया गया।\n\n• मांग और आपूर्ति का अंतर: करवा चौथ और आगामी दीवाली जैसे पर्वों पर खोया, छेना और देसी घी की खपत सामान्य दिनों से कई गुना बढ़ जाती है। मांग की इस भारी वृद्धि की आड़ में कुछ अनैतिक व्यापारी घटिया और सस्ते रसायनों की मिलावट करके अधिक मुनाफा कमाने की कोशिश करते हैं।\n• लाइसेंस रहित गुप्त निर्माण इकाइयां: घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्रों में बिना किसी वैध लाइसेंस अथवा स्वच्छता जांच के अनधिकृत मिठाई कारखाने संचालित किए जा रहे थे। पूर्व में दुकानदारों द्वारा शटर बंद कर जांच रोकने के अनुभवों को देखते हुए अधिकारियों ने इस बार छुट्टी के दिन औचक छापे मारे।\n• पूर्व में बरामदगी की घटनाएं: राजधानी की थोक मंडियों में मिलावटी और सड़े हुए कच्चे माल का जमावड़ा पहले भी सामने आ चुका है। जन्माष्टमी के दौरान 4 सितंबर को इसी मोरी गेट मंडी में 3,050 किलो सड़ा पनीर व खोया नष्ट किया जाना यह दर्शाता है कि यह समस्या बार-बार उभरती है।\n• दीर्घकालिक निगरानी की कमी: अतीत में केवल पर्व-त्योहारों के आसपास सीमित अवधि के लिए निरीक्षण दल सक्रिय होते थे, जिसका लाभ उठाकर सिंडिकेट साल भर सक्रिय रहते थे। अब विभाग में तकनीकी उन्नयन, स्टाफ विस्तार और निरंतर पूरे वर्ष अभियान चलाने की योजना इसी पृष्ठभूमि में तैयार की गई है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. दिल्ली में बुधवार को हुई छापेमारी के दौरान कुल कितना घी जब्त किया गया?\nप्रशासनिक दस्तों ने तीन प्रमुख इलाकों में दबिश देकर कुल 948.9 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया।\n\n2. किन-किन इलाकों में घी की जब्ती और नमूना संग्रह की कार्रवाई की गई?\nयह कार्रवाई भोगल मार्केट, नजफगढ़ मार्केट और शिव विहार में की गई, जहां से 15 नमूने भी जांच के लिए भेजे गए।\n\n3. निहाल विहार में कितनी मात्रा में खाद्य सामग्री नष्ट करवाई गई?\nनिहाल विहार के 13 ठिकानों से लगभग 402 किलोग्राम दूषित सामग्री नष्ट कराई गई, जिसमें रसगुल्ले, छेना और मिल्क केक शामिल थे।\n\n4. मोरी गेट खोया मंडी में क्या कार्रवाई देखने को मिली?\nअधिकारियों ने मोरी गेट मंडी से लावारिस हालत में मिले 520 किलोग्राम सड़े हुए खोए और छेने को तुरंत नष्ट कराया।\n\n5. खराब या मिलावटी खाद्य पदार्थों की शिकायत उपभोक्ता कहां दर्ज करा सकते हैं?\nउपभोक्ता कार्यदिवसों के दौरान आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 1800-11-3921 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।\n\n6. दोषी पाए जाने वाले व्यापारियों के खिलाफ किस कानून के तहत कार्रवाई होगी?\nप्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।",
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  "publishedAt": "2026-10-29",
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    "दिल्ली सरकार",
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