# उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी में 125 करोड़ से बदलेगी बुनियादी तस्वीर, सड़क और ड्रेनेज का मास्टर प्लान तैयार

> दिल्ली सरकार ने बुराड़ी क्षेत्र में 125 करोड़ रुपये की लागत से 7.1 किलोमीटर सड़क सुधार और 9.3 किलोमीटर ड्रेनेज नेटवर्क तैयार करने की योजना बनाई है, जिससे लाखों निवासियों को जलभराव और खराब रास्तों से राहत मिलेगी।

**Type:** article · **Category:** दिल्ली · **Published:** 2026-09-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/delhi/uttari-delhi-ke-burari-men-125-karora-se-badalegi-buniyadi-tasvira-saraka-aura-dreneja-ka-mastara-plana-taiyara-35522 · **Language:** Hindi
**Tags:** बुराड़ी, दिल्ली इंफ्रास्ट्रक्चर, पीडब्ल्यूडी, परवेश साहिब सिंह वर्मा, सड़क निर्माण, जलभराव समस्या, ड्रेनेज सिस्टम

उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके में वर्षों से बदहाल रास्तों और सीवर तथा बारिश के पानी के जमाव से जूझ रहे स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी योजना सामने आई है। इस क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए 125 करोड़ रुपये के व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी गई है। इस नई परियोजना के अमल में आने से बुराड़ी के करीब 15 लाख स्थायी बाशिंदों के साथ आसपास के इलाकों से गुजरने वाले लाखों दैनिक यात्रियों को रोजमर्रा की आवाजाही में सीधा लाभ पहुंचेगा।

## लंबे समय से बनी बदहाली और भारी जलभराव से मिलेगा छुटकारा
बुराड़ी क्षेत्र में काफी समय से खस्ताहाल सड़कें, गड्ढे और निकासी तंत्र का अभाव स्थानीय जनता की मुख्य समस्या बने हुए थे। बारिश के दिनों में सड़कों पर पानी भर जाने से हालात इतने बदतर हो जाते थे कि इस इलाके की तुलना पाकिस्तान के सबसे गंदे शहरों में गिने जाने वाले रावलपिंडी तक से की जाने लगी थी। जलभराव के चलते यातायात ठप होना, गाड़ियों का खराब होना और पैदल चलने वालों के लिए रास्ते बंद होना आम बात हो गई थी। कनेक्टिविटी की भारी दिक्कतों ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर रखा था। इसी पृष्ठभूमि को देखते हुए दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग ने एक साथ सड़क और स्टॉर्म-वॉटर ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने का समन्वित खाका खींचा है।

## तीन हिस्सों में बंटेगी 7.1 किमी सड़क, आरसीसी और बिटुमिनस का होगा इस्तेमाल
पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा ने हाल ही में बुराड़ी रोड तथा आसपास के ड्रेनेज कार्यों का मौका मुआयना किया था, जिसके बाद पूरे कॉरिडोर के कायाकल्प की योजना को हरी झंडी दी गई। मास्टर प्लान के तहत 7.1 किलोमीटर लंबी बुराड़ी रोड को तीन अलग-अलग हिस्सों में विभाजित करके सुधारा जाएगा।

योजना के अनुसार, पहला हिस्सा आउटर रिंग रोड से शुरू होकर बाबा कॉलोनी तक जाएगा, जिसे बिटुमिनस सड़क के रूप में मजबूती दी जाएगी। इसके आगे बाबा कॉलोनी से लेकर नाथुपुरा तक 3.9 किलोमीटर का स्ट्रेच तैयार होगा। इस हिस्से को अत्यधिक टिकाऊ बनाने के लिए आरसीसी सड़क के रूप में बनाया जाएगा, जिस पर करीब 39 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। तीसरे चरण में नाथुपुरा से हिरंकी तक का बचा हुआ हिस्सा फिर से बिटुमिनस तकनीक से सुधारा जाएगा, जिसकी लागत लगभग 9 करोड़ रुपये आंकी गई है। पूरे 7.1 किलोमीटर के मार्ग पर वाहनों की सुगम और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बीच में सेंट्रल वर्ज का निर्माण भी किया जाएगा।

## 75 करोड़ से बनेगा 9.3 किलोमीटर लंबा जल निकासी नेटवर्क
सड़क निर्माण के साथ-साथ इस इलाके की सबसे बड़ी जड़ यानी जलभराव को खत्म करने पर भी बड़ा बजट लगाया जा रहा है। कुल परियोजना में से 75 करोड़ रुपये केवल 9.3 किलोमीटर लंबे विस्तृत ड्रेनेज नेटवर्क के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत अमृत विहार से लेकर बंगाली कॉलोनी तक सड़क के दोनों तरफ पक्के नाले बनाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, स्वरुप नगर मोड़ से लेकर बुराड़ी क्रीक तक भी ड्रेनेज सुधार का जरूरी काम पूरा किया जाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक, ड्रेनेज से जुड़े कार्यों की टेंडर प्रक्रिया पहले ही मुकम्मल हो चुकी है, जबकि सड़क निर्माण से संबंधित टेंडर आगामी 10 दिनों के भीतर जारी किए जाने की उम्मीद है। दोनों काम एक साथ चलने से बार-बार सड़क खोदने की नौबत नहीं आएगी।

## गुणवत्ता नियंत्रण, समन्वय और धूल से बचाव के कड़े निर्देश
लोक निर्माण विभाग के मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि निर्माण कार्य के दौरान सख्त गुणवत्ता नियंत्रण बरता जाए। संबंधित विभागों को आपस में पूरा तालमेल बनाए रखने को कहा गया है, ताकि काम में कोई अड़चन न आए और स्थानीय निवासियों को बार-बार असुविधा न झेलनी पड़े।

सड़क और नाले की खुदाई के दौरान उड़ने वाली धूल से यात्रियों तथा आसपास रहने वाले लोगों को सांस की परेशानी न हो, इसके लिए प्रभावित इलाकों में नियमित अंतराल पर पानी का छिड़काव अनिवार्य किया गया है। पूरी योजना का उद्देश्य बुराड़ी को एक मजबूत और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करना है।

## इसका आप पर असर
बुराड़ी के 15 लाख से अधिक निवासियों और उत्तरी दिल्ली के यात्रियों को वर्षों पुराने जलभराव, टूटी सड़कों और ट्रैफिक जाम से स्थायी मुक्ति मिलेगी।

- **दैनिक आवागमन पर:** आउटर रिंग रोड से हिरंकी तक की 7.1 किमी सड़क नई बनने से सफर का समय काफी घट जाएगा। सेंट्रल वर्ज बनने से आमने-सामने के हादसों पर रोक लगेगी और वाहनों की आवाजाही सुगम होगी।
- **मानसून में जलभराव पर:** 75 करोड़ की लागत से बनने वाला 9.3 किमी लंबा ड्रेनेज नेटवर्क बारिश के पानी को तुरंत बाहर निकालेगा। अमृत विहार और बंगाली कॉलोनी के निवासियों को जलभराव के कारण घरों में कैद होने से निजात मिलेगी।
- **स्थानीय स्वास्थ्य और पर्यावरण पर:** निर्माण अवधि में नियमित पानी के छिड़काव से उड़ने वाली धूल नियंत्रित रहेगी। नालों के पक्के होने से सड़ांध, मच्छरों के पनपने और जलजनित बीमारियों के खतरे में कमी आएगी।
- **व्यापार और संपत्ति मूल्य पर:** बेहतर कनेक्टिविटी और साफ़-सुथरे रास्तों से बुराड़ी और आसपास के इलाकों में वाणिज्यिक गतिविधियों को गति मिलेगी। जलभराव की बदनामी खत्म होने से स्थानीय आवासीय संपत्तियों के मूल्य और किराए में सुधार देखने को मिलेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
बुराड़ी में लंबे समय से बुनियादी ढांचे की उपेक्षा, अनियोजित बसावट और जलनिकासी व्यवस्था के अभाव ने हालात गंभीर कर दिए थे। बारिश के दिनों में सड़कों पर पानी भरने और कनेक्टिविटी ठप होने के चलते इस संपूर्ण अपग्रेड की आवश्यकता पड़ी।

- **कमजोर निकासी ढांचा:** इलाके में स्टॉर्म-वॉटर ड्रेनेज का नेटवर्क बेहद सीमित और जर्जर था, जिससे मामूली बारिश में भी नाले उफन जाते थे। आबादी के लगातार बढ़ने के मुकाबले पुरानी नालियां पानी का भारी दबाव झेलने में असमर्थ थीं।
- **सड़कों पर अत्यधिक दबाव और क्षति:** आउटर रिंग रोड से हिरंकी तक भारी वाहनों की लगातार आवाजाही और जमा पानी के कारण बिटुमिनस सड़कें बार-बार टूट रही थीं। बाबा कॉलोनी से नाथुपुरा जैसे व्यस्त हिस्से में आरसीसी की मजबूत सड़क न होना बार-बार गड्ढे बनने का मुख्य कारण था।
- **क्रीक और मुख्य नालों का अवरोध:** स्वरुप नगर मोड़ से बुराड़ी क्रीक तक पानी की निकासी का रास्ता बाधित रहने से पानी कॉलोनियों में बैक मारता था। इसी वजह से सड़क निर्माण से पहले अलग से 75 करोड़ रुपये के स्वतंत्र नाला नेटवर्क को प्राथमिकता दी गई।

## सवाल-जवाब

### 1. बुराड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का कुल बजट कितना है?
इस व्यापक अपग्रेड प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत करीब 125 करोड़ रुपये रखी गई है।

### 2. इस योजना के तहत कितनी लंबी सड़क और ड्रेनेज बनाई जाएगी?
इसके तहत 7.1 किलोमीटर लंबी सड़क का जीर्णोद्धार और 9.3 किलोमीटर लंबा ड्रेनेज नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

### 3. सड़क निर्माण को किन तीन चरणों में बांटा गया है?
आउटर रिंग रोड से बाबा कॉलोनी बिटुमिनस सड़क बनेगी, बाबा कॉलोनी से नाथुपुरा तक 39 करोड़ की आरसीसी सड़क बनेगी, और नाथुपुरा से हिरंकी तक 9 करोड़ की बिटुमिनस सड़क तैयार होगी।

### 4. ड्रेनेज नेटवर्क पर कितना खर्च होगा और नाले कहां बनेंगे?
ड्रेनेज पर 75 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसके तहत अमृत विहार से बंगाली कॉलोनी तक दोनों तरफ और स्वरुप नगर मोड़ से बुराड़ी क्रीक तक नाले बनेंगे।

### 5. परियोजना की टेंडर प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति क्या है?
ड्रेनेज कार्यों के टेंडर पूरे हो चुके हैं, जबकि सड़क निर्माण के टेंडर 10 दिनों में जारी होने की उम्मीद है।

### 6. निर्माण के दौरान उड़ने वाली धूल से राहत के लिए क्या उपाय किए जाएंगे?
धूल नियंत्रण के लिए निर्माण से प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाएगा।

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