विकसित भारत के विज़न को गति देने दिल्ली में जुटे केंद्र सरकार के सचिव, पीएम मोदी ने दिए अहम निर्देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में भारत सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की, जिसमें अर्थव्यवस्था, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों के जरिए विकसित भारत के लक्ष्यों को हासिल करने पर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। भारत सरकार के कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने और विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर मंथन तेज हो गया है। इसी कड़ी में मंगलवार को नई दिल्ली स्थित 7, लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के सचिवों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। यह प्रधानमंत्री की सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक थी। इस बैठक में मुख्य रूप से देश की अर्थव्यवस्था, वित्त, वाणिज्य, उद्योग और प्रौद्योगिकी से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अब तक हुई प्रगति का ब्योरा लिया गया तथा भविष्य की प्राथमिकताओं पर रोडमैप तय किया गया। मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल और साइलो खत्म करने पर जोर बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी विभागों के काम करने के तरीके में व्यापक बदलाव लाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रालयों के बीच आपसी समन्वय और टीम भावना सफलता की पहली शर्त है। प्रशासनिक व्यवस्था में अक्सर देखने को मिलने वाली क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर बाधाओं को पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए ताकि कोई भी विभाग अलग थलग रहकर काम न करे। जब सभी मंत्रालय एकीकृत दृष्टिकोण के साथ कार्य करेंगे, तभी नीतियां जमीन पर अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी साबित होंगी। जनहित को केंद्र में रखकर नीति निर्माण और स्वदेशी तकनीक की जरूरत सुशासन की अवधारणा को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की हर नीति और फैसले के केंद्र में देश का आम नागरिक होना चाहिए। नागरिक केंद्रित शासन व्यवस्था ही जनता की आकांक्षाओं को पूरा कर सकती है। इसके साथ ही उन्होंने प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया। भारत वर्तमान समय में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के निर्माण में निवेश कर रहा है, लेकिन इसके साथ ही स्वदेशी तकनीकों को विकसित करने को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए। महत्वपूर्ण क्षेत्रों में घरेलू क्षमताओं का निर्माण करना देश के दीर्घकालिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। ऊर्जा सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों के लिए दीर्घकालिक रोडमैप ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को देश की संप्रभुता और आर्थिक मजबूती से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा असर राष्ट्रीय सुरक्षा और आम नागरिकों के कल्याण पर पड़ता है। भारत को इस क्षेत्र में तेजी से नवाचार, विविधता और अपनी क्षमता का विस्तार करना होगा। इसके अलावा, प्रशासनिक सुधारों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सुधार कोई केवल चर्चा में रहने वाला शब्द नहीं है, बल्कि यह सुचारू शासन चलाने की एक निरंतर प्रक्रिया है। सरकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने और कार्य संस्कृति में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सुधारों को लगातार लागू करना होगा। साइबर सुरक्षा, डिजिटल तंत्र और युवाओं की भागीदारी डिजिटल क्रांति के इस दौर में सुरक्षा पहलुओं पर ध्यान आकर्षित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे देश में डिजिटल प्रणालियों और इंटरनेट अवसंरचना का दायरा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे साइबर सुरक्षा पर ध्यान देना अनिवार्य हो गया है। उभरते हुए डिजिटल खतरों का मुकाबला करने के लिए लगातार सतर्क रहने की जरूरत है। इस दिशा में देश के युवा नवोन्मेषकों और टेक उद्यमियों को आगे लाया जाना चाहिए ताकि वे साइबर सुरक्षा के लिए आधुनिक और मजबूत समाधान विकसित कर सकें। रणनीतिक संचार और उद्योग के अनुकूल कौशल विकास सरकार की बड़ी और रणनीतिक योजनाओं को लेकर फैलने वाली भ्रामक जानकारी और अफवाहों को रोकने के लिए प्रधानमंत्री ने सक्रिय जनसंपर्क और पारदर्शी संचार रणनीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सही जानकारी समय पर जनता तक पहुंचनी चाहिए। वहीं देश के वर्कफोर्स को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने के लिए उन्होंने नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम बनाने की बात कही। यह पाठ्यक्रम उद्योग जगत के साथ मिलकर तैयार किए जाने चाहिए ताकि युवाओं को वही कौशल मिले जिसकी बाजार में मांग है। उन्होंने कहा कि सरकार को हमेशा युवा, गतिशील और नए अवसरों के अनुरूप ढलने वाली संस्था बने रहना चाहिए। बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति इस उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में कैबिनेट सचिव, केंद्र सरकार के प्रमुख मंत्रालयों एवं विभागों के सचिव और प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी सचिवों ने अपने संबंधित विभागों की उपलब्धियों, चुनौतियों और आगामी योजनाओं पर अपनी प्रस्तुतियां दीं। इसका आप पर असर देशभर में: बुनियादी ढांचे में निवेश, स्वदेशी तकनीक के विकास और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और नई तकनीकों व डिजिटल सुरक्षा से आम नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित सेवाएं मिलेंगी। उद्योगों और युवाओं के लिए: उद्योग जगत के साथ मिलकर नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम तैयार करने की योजना से भविष्य के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवा नवोन्मेषकों को साइबर सुरक्षा व तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। सवाल-जवाब 1. यह उच्च-स्तरीय बैठक कहां और कब आयोजित की गई? यह बैठक मंगलवार को नई दिल्ली स्थित 7, लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास में आयोजित की गई। 2. इस समीक्षा बैठक में किन प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा हुई? बैठक के दौरान वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग तथा प्रौद्योगिकी से जुड़े क्षेत्रों की समीक्षा की गई और विकसित भारत का रोडमैप तैयार किया गया। 3. प्रधानमंत्री मोदी ने प्रशासनिक सुधारों को लेकर क्या दिशा-निर्देश दिए? उन्होंने कहा कि सुधार केवल एक फैशन नहीं बल्कि प्रभावी सुशासन के लिए सतत आवश्यकता हैं, और मंत्रालयों को साइलो खत्म कर एकीकृत दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। 4. साइबर सुरक्षा और युवाओं की भूमिका पर क्या कहा गया? बढ़ते डिजिटल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए साइबर खतरों के प्रति सतर्क रहने और इसमें युवा नवोन्मेषकों तथा उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। 5. ऊर्जा सुरक्षा को किस प्रकार राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा गया? प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिक कल्याण से है, इसलिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता जरूरी है। 6. इस उच्च-स्तरीय बैठक में कौन-कौन से अधिकारी मौजूद रहे? बैठक में कैबिनेट सचिव, विभिन्न प्रमुख मंत्रालयों व विभागों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। https://trendkia.com/delhi/vikasita-bharata-ke-vizana-ko-gati-dene-delhi-men-jute-kendra-sarakara-ke-sachiva-pm-modi-ne-die-ahama-nirdesha-11547 TrendKia — Har trend, sabse pehle.