घर की बालकनी में ऐसे उगाएं लौंग का पौधा, जानिए नर्सरी से लाने से लेकर खाद-पानी देने का पूरा तरीका किचन के खास मसाले लौंग को अब आप अपने घर के गमले में भी आसानी से लगा सकते हैं। जानिए इसके लिए सही मिट्टी, धूप, पानी और देखभाल से जुड़ी पूरी जानकारी। भारतीय रसोई में लौंग एक ऐसा अहम मसाला है जिसके बिना कई व्यंजनों का स्वाद अधूरा रहता है। चाय के जायके को बढ़ाना हो, किसी मसालेदार सब्जी को तैयार करना हो या फिर घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करना हो, लौंग की अपनी एक खास जगह होती है। ज्यादातर लोग इसे बाजार से खरीदकर ही अपने घर लाते हैं, लेकिन बहुत कम लोग इस बात से वाकिफ हैं कि लौंग के पौधे को गमले में भी सफलता से उगाया जा सकता है। हालांकि यह पौधा अन्य सामान्य पौधों की तुलना में थोड़ा अधिक धैर्य मांगता है, लेकिन सही देखभाल मिलने पर यह लंबे समय तक हरा-भरा बना रहता है। यदि आपके घर में भी एक छोटी सी बालकनी, छत या आंगन मौजूद है, तो वहां एक गमले में लौंग का पौधा लगाकर आप अपने गार्डन को बेहद खास बना सकते हैं। इसकी चमकदार पत्तियां और हल्की प्राकृतिक खुशबू आसपास के पूरे वातावरण को तरोताजा रखती है। नर्सरी से सही पौधा चुनना है सबसे पहला कदम यदि आप यह सोच रहे हैं कि रसोई में रखी सूखी हुई लौंग को सीधे मिट्टी में दबाकर नया पौधा तैयार किया जा सकता है, तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है क्योंकि सूखी लौंग कभी भी अंकुरित नहीं होती है। लौंग का पौधा उगाने के लिए हमेशा ताजा बीज या फिर एक स्वस्थ पौधे की आवश्यकता होती है। इसके लिए सबसे आसान तरीका यह माना जाता है कि किसी भरोसेमंद नर्सरी से लौंग का छोटा पौधा खरीद लिया जाए। ऐसा करने से पौधा काफी तेजी से आगे बढ़ता है और उसमें सफलता मिलने की संभावना भी काफी ज्यादा बढ़ जाती है। ताजा पौधा खरीदते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पौधे की पत्तियां पूरी तरह हरी और चमकदार होनी चाहिए। उसका तना मजबूत दिखना चाहिए और उस पर किसी भी प्रकार के कीड़े या बीमारी के कोई निशान नहीं होने चाहिए, क्योंकि एक स्वस्थ पौधा नई जगह पर खुद को बहुत जल्दी ढाल लेता है। गमले का चुनाव और सही मिट्टी तैयार करने की विधि लौंग का पौधा बहुत ही धीमी गति से आगे बढ़ता है, इसलिए इसकी जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिलना बहुत जरूरी है। इसके लिए आपको कम से कम 12 से 15 इंच गहरे और चौड़े गमले का चयन करना चाहिए। इस बात का भी खास ख्याल रखें कि गमले के नीचे पानी निकलने के लिए एक छेद जरूर हो, ताकि अतिरिक्त पानी वहां जमा न हो सके। जब आप इसकी मिट्टी तैयार कर रहे हों, तो उसमें 50 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30 प्रतिशत वर्मीकंपोस्ट और 20 प्रतिशत रेत को आपस में अच्छी तरह मिला लें। इस मिश्रण से मिट्टी एकदम हल्की बनी रहती है और पौधे की जड़ों तक हवा भी बेहद आसानी से पहुंच पाती है। धूप, तापमान और पानी देने का सही संतुलन लौंग का पौधा तेज धूप में लंबे समय तक बिल्कुल भी जीवित नहीं रह सकता है, इसलिए इसे ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहां दिनभर में लगभग 3 से 4 घंटे ही हल्की धूप मिल सके। इसे दोपहर की कड़ी और तेज धूप से बचाकर रखना ही सबसे अच्छा माना जाता है। यदि सर्दियों के मौसम में तापमान गिरकर 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच जाए, तो गमले को किसी शेड के नीचे या फिर घर के अंदर रख देना बेहतर रहता है ताकि पौधे को ठंड से कोई नुकसान न पहुंचे। कई लोग पौधों में जरूरत से ज्यादा पानी डालकर उन्हें खुद ही नुकसान पहुंचा देते हैं। लौंग के पौधे को भी लगातार गीली मिट्टी बिल्कुल पसंद नहीं होती है, इसलिए जब आपको मिट्टी की ऊपरी परत सूखी हुई महसूस हो, तभी इसमें पानी दें। गर्मियों के दिनों में सुबह या फिर शाम के वक्त हल्का पानी देना ज्यादा सही रहता है और यदि मौसम बहुत अधिक गर्म हो, तो पत्तियों पर हल्का पानी छिड़का जा सकता है जिससे पौधे के आसपास नमी बरकरार रहे। खाद, छंटाई और नियमित देखभाल के जरूरी टिप्स पौधे की अच्छी और बेहतर बढ़वार के लिए हर 30 से 45 दिन के अंतराल पर एक मुट्ठी वर्मीकंपोस्ट या फिर नीम खली डाली जा सकती है। इस तरह की जैविक खाद पौधे को धीरे-धीरे पोषण प्रदान करती है और मिट्टी की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाए रखती है। रासायनिक खाद का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से हमेशा बचना चाहिए क्योंकि इससे पौधे की नाज़ुक जड़ों पर बुरा असर पड़ सकता है। जब आपका पौधा थोड़ा बड़ा आकार ले ले, तो उसकी सूखी और पीली पड़ चुकी पत्तियों को समय-समय पर हटाते रहना चाहिए। इससे नई शाखाओं के निकलने में काफी मदद मिलती है और यदि पत्तियों पर किसी तरह के कीड़े नजर आएं, तो नीम के तेल के हल्के घोल का छिड़काव किया जा सकता है। बरसात के मौसम में यह जरूर सुनिश्चित करें कि गमले में पानी बिल्कुल भी जमा न हो, क्योंकि जलभराव होने से इसकी जड़ें सड़ने का खतरा काफी बढ़ जाता है। धैर्य के साथ करें देखभाल लौंग का पौधा कोई बहुत तेजी से बढ़ने वाली प्रजाति नहीं है और इसे पूरी तरह विकसित होने में काफी लंबा समय लगता है। कई बार लोग मात्र कुछ ही महीनों के भीतर परिणाम देखने की उम्मीद करने लगते हैं, जबकि सच तो यह है कि लौंग के पौधे को अच्छी तरह बड़ा होने में कई साल लग सकते हैं। इसलिए इसके लिए नियमित देखभाल और धैर्य दोनों का होना बेहद जरूरी है। यदि इस पौधे को सही वातावरण और उचित पोषण लगातार मिलता रहे, तो यह लंबे समय तक आपकी बगिया की शोभा को चार चांद लगा सकता है। इसका आप पर असर भारत में: घर पर गार्डनिंग करने के शौकीन लोग अपनी बालकनी या छत पर आसानी से लौंग का पौधा उगाकर ताजा हरियाली और प्राकृतिक महक का आनंद ले सकते हैं। सवाल-जवाब 1. क्या रसोई में रखी सूखी लौंग से नया पौधा उगाया जा सकता है? नहीं, सूखी लौंग अंकुरित नहीं होती है। लौंग का पौधा उगाने के लिए आपको नर्सरी से ताजा और स्वस्थ पौधा ही खरीदना होगा। 2. लौंग के पौधे के लिए गमला कितने आकार का होना चाहिए? लौंग के पौधे की जड़ों को फैलने के लिए कम से कम 12 से 15 इंच गहरा और चौड़ा गमला चुनना चाहिए जिसमें नीचे पानी निकासी के लिए छेद हो। 3. लौंग के पौधे को कितनी धूप की आवश्यकता होती है? इस पौधे को दिनभर में लगभग 3 से 4 घंटे की हल्की धूप की जरूरत होती है और इसे दोपहर की तेज धूप से बचाकर रखना चाहिए। 4. लौंग के गमले की मिट्टी कैसे तैयार करनी चाहिए? मिट्टी तैयार करने के लिए 50 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30 प्रतिशत वर्मीकंपोस्ट और 20 प्रतिशत रेत को आपस में मिलाना चाहिए। https://trendkia.com/diy/ghar-ki-balcony-me-aise-ugaye-clove-ka-pauda-11514 TrendKia — Har trend, sabse pehle.