मानसून में जाम होते लकड़ी के किवाड़ों को बिना कारपेंटर आसानी से सही करने के घरेलू नुस्खे बारिश में हवा की नमी से लकड़ी के दरवाजे फूलकर चौखट में फंसने लगते हैं। हेयर ड्रायर, मोमबत्ती, रेगमार और तेल की मदद से इन किवाड़ों को घर पर ही मिनटों में ठीक किया जा सकता है। बरसात की वजह से वातावरण में आर्द्रता काफी अधिक बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर घर के लकड़ी के फर्नीचर और किवाड़ों पर दिखने लगता है। चूंकि लकड़ी का प्राकृतिक स्वभाव हवा से सीलन सोखने का होता है, इसलिए मानसून आते ही दरवाजे फूलकर अपनी चौखट में फंसने या ठीक से बंद न होने की जिद करने लगते हैं। अक्सर लोग इस परेशानी से घबराकर तुरंत किसी कारपेंटर को बुलाने की सोच लेते हैं। लेकिन वास्तव में किसी मिस्त्री को पैसे देने से पहले कुछ ऐसे बेहद सरल और कारगर घरेलू उपाय उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से आप इस दिक्कत को पल भर में खुद ही दूर कर सकते हैं। घर्षण कम करने के लिए मोम या साबुन की टिक्की का प्रयोग यदि आपका दरवाजा पूरी तरह से रुका नहीं है बल्कि बंद करते समय चौखट से मामूली रगड़ खा रहा है, तो इसके लिए एक बेहद आसान तरीका काम आ सकता है। घर में रखी किसी सूखी मोमबत्ती या फिर कपड़े धोने वाले सूखे साबुन की टिक्की को लेकर दरवाजे के उन किनारों पर अच्छी तरह रगड़ दें जहां से वह अटक रहा हो। चौखट की पट्टियों पर भी इसे थोड़ा लगा दें। ऐसा करने से लकड़ी की सतह पर एक चिकनी परत बन जाती है, जो घर्षण को तुरंत खत्म कर देती है और किवाड़ बिना जोर लगाए सहजता से बंद होने लगता है। हेयर ड्रायर की गर्म हवा से अंदरूनी नमी को सुखाएं जब हवा में सीलन ज्यादा होने के कारण लकड़ी का ढांचा काफी ज्यादा फूल जाता है, तो उसमें फंसी नमी को बाहर निकालना जरूरी होता है। इसके लिए अपने घर के हेयर ड्रायर का सहारा लिया जा सकता है। दरवाजे के जिस हिस्से पर सूजन आई है, वहां लगभग 5 से 10 मिनट तक हेयर ड्रायर से तेज गर्म हवा मारें। ड्रायर से निकलने वाली लगातार गर्मी लकड़ी के रंध्रों के अंदर तक पहुंचकर जमा पानी को तेजी से वाष्पित कर देती है। जैसे-जैसे नमी घटती है, लकड़ी धीरे-धीरे अपने मूल आकार में लौटने लगती है। रेगमार से फूली हुई लकड़ी की हल्की घिसाई अगर गर्म हवा देने के बाद भी लकड़ी का कोई हिस्सा चौखट से लगातार टकरा रहा है, तो वहां थोड़ा भौतिक बदलाव करना पड़ता है। सबसे पहले दरवाजे को बंद करके उस जगह पर पेंसिल से निशान लगा लें जहां रगड़ लग रही है। इसके बाद एक मध्यम ग्रेड का रेगमार ले और चिह्नित किए गए हिस्से पर हल्के हाथों से घिसाई करें। इससे लकड़ी की केवल वही फूली हुई ऊपरी परत छंट जाएगी जो रुकावट पैदा कर रही थी। घिसाई पूरी होने के बाद दरवाजा चौखट में बिना किसी रुकावट के बिल्कुल सटीक बैठने लगेगा। कब्जों के पेच कसना और तेल से चिकनाई देना बरसात के दिनों में नमी सोखने के बाद दरवाजे का वजन अचानक बढ़ जाता है। इस अतिरिक्त भार की वजह से कई बार चौखट से जुड़े धातु के कब्जे ढीले पड़ जाते हैं, जिससे दरवाजा नीचे की तरफ झुककर लटकने लगता है। एक स्क्रूड्राइवर लेकर दरवाजे और चौखट पर लगे सभी कब्जों के पेचों को अच्छी तरह से कस दें। यदि कब्जे जंग लगने या सीलन के कारण जाम हो रहे हों, तो उनके जोड़ों में थोड़ा सा नारियल का तेल या मशीन का तेल डाल दें। इससे दरवाजों का लटकना बंद हो जाएगा और वे सहज घूमने लगेंगे। सरसों या नारियल तेल की सुरक्षात्मक परत चढ़ाएं जब उपर्युक्त उपायों से आपका दरवाजा सही तरीके से काम करने लगे, तो उसे भविष्य की नमी से बचाना बेहद जरूरी हो जाता है। दरवाजे के चारों किनारों और चौखट के संपर्क में आने वाली लकड़ी पर सरसों के तेल या नारियल तेल की एक पतली परत लगा दें। तेल लकड़ी के छोटे-छोटे छिद्रों को पूरी तरह से बंद कर देता है, जिससे एक वाटरप्रूफ बैरियर बन जाता है। इस सुरक्षा कवच के कारण बाहरी हवा में मौजूद सीलन दोबारा लकड़ी के अंदर प्रवेश नहीं कर पाती और पूरा मानसून आपका दरवाजा एकदम ठीक बना रहता है। इसका आप पर असर मानसून के मौसम में सीलन की वजह से दरवाजे अटकने की समस्या लगभग हर घर में सामने आती है। इन आसान तरीकों को अपनाकर आप बिना कारपेंटर पर पैसे खर्च किए अपने घर के दरवाजों को तुरंत ठीक कर सकते हैं और उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं। • समय और पैसे की बचत: मिस्त्री को बुलाने और उसके शुल्क का भुगतान करने के बजाय घर पर मौजूद मोमबत्ती, रेगमार या तेल से 10 मिनट में समस्या हल हो जाती है। • दरवाजों का रखरखाव: सही समय पर पेच कसने और तेल लगाने से कब्जों और लकड़ी की उम्र बढ़ती है तथा वे खराब होने से बचते हैं। • बार-बार की परेशानी से मुक्ति: सरसों या नारियल तेल की सुरक्षात्मक परत लगाने से पूरा मानसून दरवाजे दोबारा नहीं फूलते। • घर की सुरक्षा: ठीक से बंद न होने वाले दरवाजों को तुरंत सही करके आप अपने घर की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रख सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ मानसून में दरवाजों के फूलने और जाम होने के पीछे मुख्य कारण हवा में अत्यधिक नमी और लकड़ी का प्राकृतिक गुण होता है। • हवा में नमी का बढ़ना: बारिश के दिनों में वायुमंडल में आर्द्रता का स्तर बहुत अधिक हो जाता है। • लकड़ी का छिद्रयुक्त स्वभाव: लकड़ी प्राकृतिक रूप से एक हाइग्रोस्कोपिक पदार्थ है, जो आसपास की हवा से पानी के कणों को तेजी से सोखती है। • आकार में विस्तार: जब लकड़ी के आंतरिक रंध्रों में नमी भर जाती है, तो उसके फाइबर फैल जाते हैं, जिससे दरवाजा अपनी चौखट के मुकाबले बड़ा हो जाता है। • कब्जों पर अतिरिक्त भार: नमी सोखने के बाद दरवाजे का वजन बढ़ जाता है, जिससे कब्जों पर दबाव पड़ता है और वे ढीले होकर लटक जाते हैं। सवाल-जवाब 1. बारिश में दरवाजा क्यों फूल जाता है? बारिश के मौसम में हवा में नमी बढ़ जाती है जिसे सोखकर लकड़ी के फाइबर फैल जाते हैं, जिससे दरवाजा चौखट में अटकने लगता है। 2. हेयर ड्रायर से दरवाजा कैसे ठीक होता है? फूले हुए हिस्से पर 5 से 10 मिनट तक गर्म हवा मारने से लकड़ी के अंदर फंसी नमी सूख जाती है और वह सामान्य आकार में आ जाती है। 3. क्या मोम या साबुन लगाने से दरवाजा ठीक से बंद होने लगता है? हाँ, सूखी मोमबत्ती या साबुन रगड़ने से लकड़ी की सतह पर चिकनाई आ जाती है जिससे घर्षण कम होता है और दरवाजा आसानी से बंद हो जाता है। 4. बारिश में दरवाजे पर तेल लगाना क्यों जरूरी है? सरसों या नारियल का तेल लकड़ी के छिद्रों को बंद कर देता है, जिससे बाहरी नमी दोबारा लकड़ी के अंदर नहीं पहुंच पाती। 5. कब्जों के ढीले होने पर क्या करना चाहिए? एक स्क्रूड्राइवर से कब्जों के सभी पेचों को कस देना चाहिए और जरूरत पड़ने पर थोड़ा नारियल या मशीन का तेल लगाना चाहिए। https://trendkia.com/diy/manasuna-men-jama-hote-lakari-ke-kivaron-ko-bina-karapentara-asani-se-sahi-karane-ke-gharelu-nuskhe-30296 TrendKia — Har trend, sabse pehle.