रसोई के बचे प्याज की जड़ से घर पर ऐसे उगाएं नया पौधा और हरी पत्तियां सब्जी काटते समय प्याज का निचला हिस्सा फेंकने के बजाय उसे गमले में लगाकर आसानी से हरा प्याज और नया बल्ब उगाया जा सकता है। सही मिट्टी, नियमित खाद और उचित गुड़ाई से घर की बालकनी या बगीचे में ही ताजा प्याज तैयार हो जाता है। रसोई में रोजाना खाना बनाते समय प्याज का सबसे अधिक इस्तेमाल होता है, लेकिन अक्सर लोग इसका निचला जड़ वाला हिस्सा बेकार समझकर कचरे के डिब्बे में डाल देते हैं। यह छोटा सा टुकड़ा वास्तव में एक नए पौधे की शुरुआत बन सकता है। घरेलू बागवानी के शौकीन लोग बिना बाजार से बीज खरीदे या नर्सरी से नया पौधा लाए, सिर्फ इस बची हुई जड़ के सहारे घर पर ही प्याज उगा सकते हैं। सही तरीके से लगाने पर कुछ ही दिनों में इसमें से ताजा हरी पत्तियां फूटने लगती हैं और बाद में नीचे प्याज का नया बल्ब भी आकार लेने लगता है। गमले में प्याज का जड़ वाला टुकड़ा रोपने की विधि प्याज से दोबारा पौधा तैयार करने के लिए सबसे पहले सब्जी काटते वक्त ध्यान रखना होता है। प्याज के निचले हिस्से को इस तरह काटें कि जड़ों के साथ थोड़ा सा प्याज का गूदा भी जुड़ा रहे। यदि सिर्फ जड़ें काट ली जाएं और प्याज का हिस्सा बिल्कुल न बचे, तो पौधे के पनपने की संभावना घट जाती है। इसके बाद एक उपयुक्त गमले का चयन करें और उसमें उपजाऊ मिट्टी भर लें। तैयार मिट्टी में कटे हुए टुकड़े को इस तरह रखें कि उसकी जड़ें नीचे की तरफ रहें और कटा हुआ हिस्सा ऊपर की ओर हो। इसके बाद ऊपर से मिट्टी की एक हल्की परत बिछा दें ताकि टुकड़ा अच्छी तरह ढक जाए। रोपाई पूरी होने के तुरंत बाद मिट्टी पर हल्का पानी छिड़कें, जिससे नमी बैठ जाए। कुछ दिनों के भीतर ही इस टुकड़े में जीवन के लक्षण दिखने लगेंगे और ऊपर हरी कोमल पत्तियां निकलने लगेंगी। बेहतर विकास के लिए पोषण और खाद का सही उपयोग एक बार पौधा लग जाने के बाद उसकी उचित देखभाल सबसे अहम कदम बन जाता है। पौधे की निरंतर बढ़त और स्वस्थ विकास के लिए गमले की मिट्टी में समय पर पोषण पहुंचाना जरूरी होता है। इसके लिए मिट्टी में जैविक खाद जैसे वर्मी कंपोस्ट, अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या फिर सूखी पत्तियों से तैयार प्राकृतिक कंपोस्ट मिलाते रहना चाहिए। यह प्राकृतिक खाद मिट्टी की संरचना को सुधारती है और पौधे को सभी आवश्यक पोषक तत्व मुहैया कराती है। खाद देने के साथ-साथ मिट्टी में नमी के संतुलन पर भी लगातार नजर रखनी चाहिए, क्योंकि सूखी मिट्टी में पौधे की जड़ें कमजोर पड़ सकती हैं। सिंचाई और गुड़ाई के जरूरी नियम प्याज के पौधे को नियमित पानी की दरकार होती है, इसलिए गमले में समय-समय पर पानी देना चाहिए ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे। हालांकि सिंचाई करते वक्त जलभराव से बचना बहुत जरूरी है। गमले में यदि पानी ठहरा रहेगा, तो जड़ वाला हिस्सा सड़ सकता है और पौधा खराब हो जाएगा। इसलिए गमले में जल निकासी की सही व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही हर 15 से 20 दिनों के अंतराल पर गमले की ऊपरी मिट्टी की हल्की गुड़ाई करनी चाहिए। खुरपी या किसी छोटे औजार से मिट्टी को हल्का ढीला करने से मिट्टी सख्त नहीं होती। नरम मिट्टी में हवा का संचार बेहतर होता है और पौधे की नई जड़ों को गहराई तथा चौड़ाई में फैलने में पूरी मदद मिलती है। पत्तियों की सुरक्षा और नया प्याज तैयार होने के संकेत जैसे-जैसे पौधा बड़ा होता है, मिट्टी के भीतर जड़ों के पास का हिस्सा फूलने लगता है और धीरे-धीरे बल्ब यानी नए प्याज का रूप लेने लगता है। इस विकास चक्र के दौरान पौधे की हरी पत्तियों को बार-बार तोड़ने से बचना चाहिए। ये पत्तियां धूप से भोजन बनाकर पौधे के निचले हिस्से तक पहुंचाती हैं, जिससे प्याज का बल्ब मोटा होता है। यदि पत्तियां लगातार काटी जाएंगी, तो प्याज का आकार छोटा रह जाएगा। पौधे में यदि कोई फूल या बीज वाली डंडी उभरती हुई दिखे, तो उसे तुरंत काटकर अलग कर देना चाहिए ताकि पौधे की पूरी ऊर्जा नीचे प्याज बनाने में लगे। जब नीचे प्याज पूरी तरह विकसित हो जाता है, तो पौधे की ऊपरी हरी पत्तियां धीरे-धीरे पीली पड़ने लगती हैं और सूखकर झुक जाती हैं। यह इस बात का संकेत होता है कि नया प्याज अब पूरी तरह तैयार हो चुका है। इस तरह रसोई के सामान्य कचरे को उपयोगी बनाकर घर पर ही शुद्ध और ताजा प्याज हासिल किया जा सकता है। इसका आप पर असर रसोई में बचे प्याज के निचले हिस्से को दोबारा उगाकर घर पर बिना किसी अतिरिक्त खर्च के ताजा हरी पत्तियां और प्याज प्राप्त किए जा सकते हैं। • पैसे की बचत: बाजार से प्याज के बीज या तैयार पौधे खरीदने का खर्च बच जाता है। रसोई के सामान्य कचरे का दोबारा उपयोग करके शून्य लागत में नई सब्जी उगाई जा सकती है। • ताजी और रसायनमुक्त उपज: घर के गमलों में जैविक तरीके से उगाई गई हरी प्याज की पत्तियां कीटनाशक मुक्त होती हैं। इन्हें तुरंत तोड़कर सलाद या सब्जी में इस्तेमाल किया जा सकता है। • शून्य अपशिष्ट जीवनशैली: रसोई से निकलने वाले जैविक कचरे को लैंडफिल में जाने से रोका जा सकता है। यह छोटी सी पहल घर पर पर्यावरण अनुकूल बागवानी को बढ़ावा देती है। • सीमित जगह में बागवानी: इसके लिए बड़े खेत की जरूरत नहीं होती, केवल एक छोटे गमले की आवश्यकता पड़ती है। फ्लैटों की बालकनी या खिड़की की धूप वाली जगह पर भी इसे आसानी से लगाया जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ प्याज के पौधे का निचला हिस्सा प्राकृतिक रूप से जड़ प्रणाली और बेसल प्लेट से जुड़ा होता है, जिसके कारण उसमें दोबारा अंकुरित होने की क्षमता बनी रहती है। • प्राकृतिक वानस्पतिक पुनर्जनन: प्याज के निचले हिस्से में मौजूद बेसल प्लेट और जड़ें अनुकूल नमी और मिट्टी पाते ही सक्रिय हो जाती हैं। यह जैविक संरचना पौधे को बिना बीज के दोबारा पत्तियां और नया बल्ब बनाने में सक्षम बनाती है। • अनुकूल मिट्टी और नमी का प्रभाव: मिट्टी में दबाने और पानी देने पर जड़ें पोषक तत्व सोखना शुरू कर देती हैं। नमी और हवा का सही संतुलन मिलते ही कोशिकाएं तेजी से विभाजित होकर हरी शाखाएं बाहर निकालती हैं। • पोषण और ऊर्जा का सही प्रवाह: पत्तियों को न तोड़ने और फूल वाली डंडी हटाने से पौधे की ऊर्जा बीज बनाने के बजाय नीचे बल्ब को मोटा करने में लग जाती है। यही कारण है कि कुछ हफ्तों में जड़ के ऊपर एक नया प्याज तैयार हो जाता है। सवाल-जवाब 1. क्या प्याज की जड़ को बिना बीज के सीधे गमले में उगाया जा सकता है? हाँ, प्याज काटते समय नीचे के जड़ वाले हिस्से में थोड़ा प्याज लगा रहने दें और उसे सीधे गमले की मिट्टी में दबा दें। 2. प्याज की जड़ लगाने के कितने दिनों बाद हरी पत्तियां दिखने लगती हैं? गमले में जड़ लगाने और हल्का पानी देने के कुछ ही दिनों के भीतर हरी पत्तियां बाहर निकलने लगती हैं। 3. प्याज के पौधे को तेजी से बढ़ाने के लिए कौन सी खाद डालनी चाहिए? पौधे के अच्छे विकास के लिए गमले में वर्मी कंपोस्ट, गोबर की सड़ी खाद या सूखी पत्तियों से बनी खाद का उपयोग करना चाहिए। 4. गमले की मिट्टी की गुड़ाई कितने दिनों में करनी चाहिए? हर 15 से 20 दिन में मिट्टी की हल्की गुड़ाई करनी चाहिए ताकि मिट्टी नरम रहे और जड़ों को फैलने में आसानी हो। 5. पौधे पर प्याज का बल्ब बनते समय हरी पत्तियों को क्यों नहीं तोड़ना चाहिए? पत्तियों के जरिए ही पौधे को जरूरी पोषण मिलता है, इसलिए इन्हें न तोड़ने से नीचे प्याज का बल्ब अच्छी तरह मोटा हो पाता है। 6. प्याज तैयार होने का मुख्य संकेत क्या होता है? जब प्याज का निचला हिस्सा पूरी तरह बढ़ जाता है और ऊपरी पत्तियां पीली होकर सूखने लगती हैं, तो प्याज तैयार माना जाता है। https://trendkia.com/diy/rasoi-ke-bache-onion-ki-jara-se-ghara-para-aise-ugaen-naya-paudha-aura-hari-pattiyan-55675 TrendKia — Har trend, sabse pehle.