तीज-त्योहारों पर सजाएं हाथ-पैर: केमिकल वाले आल्ता से पाएं छुटकारा, घर पर आसानी से बनाएं पूरी तरह प्राकृतिक रंग करवा चौथ, तीज और शादी-विवाह जैसे शुभ मौकों पर पारंपरिक सुंदरता बढ़ाने वाला आल्ता अब घर में उपलब्ध प्राकृतिक चीजों से तैयार किया जा सकता है। जानिए बिना किसी नुकसानदायक केमिकल के गहरा लाल आल्ता बनाने की पूरी विधि और इसके फायदे। भारतीय संस्कृति और परंपराओं में आल्ता की एक विशेष पहचान रही है। करवा चौथ, तीज, रक्षाबंधन और शादी-विवाह जैसे मांगलिक अवसरों पर सुहागिनें और महिलाएं अपने हाथों तथा पैरों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए पारंपरिक रूप से आल्ता लगाती हैं। हालांकि, आजकल बाजार में मिलने वाले कई आल्ता उत्पादों में तरह-तरह के केमिकल और कृत्रिम रंग मिलाए जाते हैं, जो संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए जलन या एलर्जी का कारण बन सकते हैं। इस समस्या से बचने के लिए रसोई में मौजूद प्राकृतिक सामग्रियों से घर पर ही सुरक्षित और रासायनिक तत्वों से मुक्त आल्ता तैयार करना एक बेहतरीन विकल्प है। नेचुरल आल्ता तैयार करने के लिए जरूरी सामग्री घर पर शुद्ध और गहरा लाल आल्ता बनाने के लिए किसी महंगे उत्पाद की आवश्यकता नहीं होती। इसके लिए आपको निम्नलिखित सामग्री की जरूरत पड़ेगी • 1 ताजा चुकंदर (लाल रंग का आधार तैयार करने के लिए) • 1 छोटा चम्मच गुड़हल के फूल का पाउडर • गुलाब जल (आवश्यकता अनुसार) • 2 से 3 बूंद नारियल तेल • थोड़ा सा कॉर्नफ्लोर या चावल का आटा (गाढ़ापन देने के लिए) कदम-दर-कदम समझें आल्ता बनाने की पूरी प्रक्रिया प्राकृतिक आल्ता तैयार करने की विधि बहुत ही सरल है और इसे कुछ ही मिनटों में बनाया जा सकता है सबसे पहले एक ताजा और साफ चुकंदर लें। इसे अच्छी तरह धोकर छिलका उतार लें और कद्दूकस करके या मिक्सर की मदद से इसका ताजा रस निकाल लें। चुकंदर में प्राकृतिक रूप से गहरा लाल रंग पाया जाता है, जो आल्ता के लिए एक मजबूत और प्राकृतिक बेस तैयार करता है। इसके बाद इस चुकंदर के रस को एक छोटे बर्तन या कटोरी में निकालें। अब इसमें 1 छोटा चम्मच गुड़हल के फूल का पाउडर डालें। गुड़हल का पाउडर लाल रंग को अधिक गहरा, आकर्षक और चमकदार बनाने में मदद करता है। इस मिश्रण को चम्मच की मदद से अच्छी तरह मिलाएं ताकि इसमें किसी प्रकार की गांठ न रहे। मिश्रण में रंग और गांठों का सही तालमेल बैठने के बाद इसमें थोड़ा सा गुलाब जल मिलाएं। गुलाब जल मिश्रण को न केवल एक बेहतरीन खुशबू देता है, बल्कि लगाने के बाद त्वचा को ताजगी और ठंडक भी प्रदान करता है। गुलाब जल मिलाने के बाद इस घोल में 2 से 3 बूंद नारियल तेल की डालें। नारियल तेल शामिल करने से आल्ता त्वचा पर आसानी से फैलकर लगता है और सूख जाने के बाद त्वचा पर ज्यादा रूखापन महसूस नहीं होता। यदि आपको लगता है कि तैयार किया गया घोल बहुत अधिक पतला है, तो इसमें चुटकी भर कॉर्नफ्लोर या चावल का आटा मिला दें। इससे मिश्रण की बनावट हल्की गाढ़ी हो जाएगी, जिससे इसे पैरों और हाथों पर लगाना काफी आसान हो जाता है। इस्तेमाल का सही तरीका और सावधानियां मिश्रण पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद इसे तुरंत लगाने के बजाय 10 से 15 मिनट के लिए रख दें, ताकि सभी प्राकृतिक सामग्रियां आपस में अच्छी तरह घुल-मिल जाएं। इसके बाद एक पतले मेकअप ब्रश, कॉटन बड या किसी महीन लकड़ी की स्टिक का उपयोग करके अपने हाथों और पैरों पर मनचाही डिजाइन बनाएं। लगाने के कुछ ही मिनटों के भीतर यह सूख जाता है और त्वचा पर सुंदर लाल रंग छोड़ देता है। आल्ता लगाने से पहले ध्यान रखें कि हाथ और पैर पूरी तरह साफ और सूखे हों। यदि आपकी त्वचा अत्यधिक संवेदनशील है, तो पूरे पैर या हाथ पर आल्ता लगाने से पहले त्वचा के एक छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर कर लें। इसके अलावा, इस प्राकृतिक आल्ता को कई दिनों तक स्टोर करके रखने के बजाय जरूरत के समय ताजा बनाकर इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर रहता है। घरेलू प्राकृतिक आल्ता के मुख्य फायदे घर पर बनाए गए इस आल्ता के इस्तेमाल से त्वचा को कई तरह के लाभ मिलते हैं • यह पूरी तरह से हानिकारक रसायनों और कृत्रिम रंगों से मुक्त होता है। • त्वचा पर जलन, खुजली और एलर्जी होने का जोखिम न के बराबर रहता है। • चुकंदर और गुलाब जल के प्राकृतिक गुण त्वचा को निखार और ताजगी देने का काम करते हैं। • यह पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ बेहद किफायती और कम खर्चीला उपाय है। • रसोई में मौजूद सामान्य सामग्रियों से इसे कभी भी आसानी से बनाया जा सकता है। इसका आप पर असर पाठकों के लिए असर: • भारत में: तीज-त्योहारों और शादी के सीजन में केमिकल युक्त बाजार के आल्ता से होने वाले त्वचा के नुकसान और एलर्जी से बचाव मिलेगा। • त्वचा की सुरक्षा: घर पर बने इस सस्ते और प्राकृतिक विकल्प से संवेदनशील त्वचा वाले लोग भी बिना किसी डर के पारंपरिक रूप से अपने हाथ-पैर सजा सकेंगे। सवाल-जवाब 1. घर पर प्राकृतिक आल्ता बनाने के लिए किन मुख्य चीजों की जरूरत होती है? इसके लिए ताजा चुकंदर का रस, 1 छोटा चम्मच गुड़हल के फूल का पाउडर, थोड़ा सा गुलाब जल, 2 से 3 बूंद नारियल तेल और गाढ़ा करने के लिए कॉर्नफ्लोर या चावल का आटा चाहिए। 2. क्या घर पर बना आल्ता त्वचा के लिए सुरक्षित है? हां, यह पूरी तरह प्राकृतिक सामग्रियों से बनता है और इसमें कोई हानिकारक केमिकल नहीं होता, जिससे त्वचा पर जलन या एलर्जी का खतरा बहुत कम रहता है। 3. प्राकृतिक आल्ता को कितनी देर सुखाना पड़ता है? ब्रश या कॉटन बड से लगाने के बाद यह महज कुछ ही मिनटों में सूख जाता है और सुंदर लाल रंग छोड़ता है। 4. क्या इस होममेड आल्ता को बनाकर लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है? नहीं, चूंकि इसमें कोई प्रिजर्वेटिव नहीं होता, इसलिए इसे लंबे समय तक स्टोर करने के बजाय जरूरत पड़ने पर ताजा बनाकर इस्तेमाल करना बेहतर होता है। https://trendkia.com/diy/tija-tyoharon-para-sajaen-hatha-paira-kemikala-vale-alta-se-paen-chhutakara-ghara-para-asani-se-banaen-puri-taraha-prakritika-rnga-19600 TrendKia — Har trend, sabse pehle.