# अब पैसों की कमी नहीं तोड़ेगी सपने: Chandigarh University CUCET से 50 करोड़ की स्कॉलरशिप, उन्नाव में 1500 मेधावी छात्र सम्मानित

> उन्नाव परिसर में दो दिवसीय CU स्कॉलर समिट-2026 का समापन हुआ, जहां UP, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों के 1500 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और 2026-27 सत्र के लिए CUCET के जरिए 50 करोड़ रुपये तक की छात्रवृत्ति की घोषणा की गई।

**Category:** शिक्षा · **Published:** 2026-06-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/education/aba-paison-ki-kami-nahin-toregi-sapane-chandigarh-university-cucet-se-50-karora--436

आर्थिक तंगी की वजह से किसी होनहार विद्यार्थी की पढ़ाई बीच में न रुके — इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए उन्नाव में आयोजित एक बड़े शैक्षिक आयोजन में 50 करोड़ रुपये तक की छात्रवृत्ति की घोषणा सुर्खियों में रही। Chandigarh University के उत्तर प्रदेश परिसर में दो दिन चली CU स्कॉलर समिट-2026 का शुक्रवार को भव्य समापन हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड सहित अलग-अलग राज्यों से पहुंचे 1500 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

## उन्नाव परिसर में जुटी प्रतिभाएं, मंच पर दिग्गज
इस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय मौजूद रहे। उनके साथ राज्यसभा सांसद और Chandigarh University के चांसलर सतनाम सिंह संधू, कुलपति प्रो. डॉ. विनीत कुमार नायर तथा प्रो वाइस चांसलर प्रो. डॉ. टीपी सिंह सहित विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मंच पर रहे। आयोजन का मूल उद्देश्य साफ था — आर्थिक रुकावटों को रास्ते से हटाकर हर योग्य विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना।

## 50 करोड़ की छात्रवृत्ति और CUCET की भूमिका
विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए Chandigarh University Common Entrance Test (CUCET) के जरिए 50 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप देने का ऐलान किया है। खास बात यह है कि इस परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति दी जा रही है, यानी मेधा के दम पर पूरी पढ़ाई का खर्च माफ हो सकता है। इन्हीं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के सम्मान में आयोजित CU स्कॉलर समिट में बड़ी तादाद में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।

## शिक्षा का हब बनता उत्तर प्रदेश
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रहा है, और Chandigarh University जैसे विश्वस्तरीय संस्थानों की मौजूदगी प्रदेश को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान दिला रही है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश सरकार शिक्षा को तकनीक, रोजगार और संस्कारों से जोड़ने में लगातार जुटी है। विद्यार्थियों के नवाचारों की तारीफ करते हुए मंत्री ने कहा कि यहां पेश किए गए शोध मॉडल और तकनीकी परियोजनाएं इस बात का सबूत हैं कि भारत का युवा सिर्फ ज्ञान नहीं बटोर रहा, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के हल भी गढ़ रहा है। फुटप्रिंट्स से बिजली बनाने जैसी अभिनव अवधारणाओं को उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में अहम बताया।

## संधू बोले — CUCET सिर्फ परीक्षा नहीं, राष्ट्रीय अभियान
राज्यसभा सांसद और चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा कि CUCET महज एक प्रवेश परीक्षा नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने का राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी योग्य विद्यार्थी को पैसों की कमी के चलते अपने सपनों से समझौता नहीं करना चाहिए, और इसी सोच के साथ विश्वविद्यालय ने व्यापक स्कॉलरशिप कार्यक्रम शुरू किया है। संधू के मुताबिक आज की पीढ़ी के सपने वैश्विक हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पूरी दुनिया का चेहरा बदल रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दौर में तकनीक इतनी सक्षम हो जाएगी कि एक अकेला व्यक्ति पूरी कंपनी चला सकेगा, इसलिए विश्वविद्यालय का लक्ष्य सिर्फ डिग्री बांटना नहीं, बल्कि ऐसे भावी नेता तैयार करना है जो AI और उभरती तकनीकों के सहारे समाज और देश को नई दिशा दे सकें।

## इंडस्ट्री के दिग्गजों और सेलिब्रिटीज ने बढ़ाया हौसला
आयोजन में देश के कई नामी उद्योग विशेषज्ञ, नीति निर्माता और विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र शामिल हुए। विद्यार्थियों को संबोधित करने वालों में Aman Gupta (को-फाउंडर, boAt), Dr. Shailesh Kumar (Reliance Jio), Aswathy Venugopal (Cognizant) और Arpit Trivedi (Hitachi Systems India) समेत कई विशेषज्ञ रहे, जिन्होंने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, AI, डेटा साइंस, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और भविष्य के करियर अवसरों पर विस्तार से बात रखी। इसके अलावा अभिनेता एवं गायक अपारशक्ति खुराना, गायिका असीस कौर और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी छात्रों का उत्साह बढ़ाया।

## सिर्फ डिग्री काफी नहीं — स्किल और ग्लोबल एक्सपोजर पर जोर
विशेषज्ञों का साफ संदेश था कि मौजूदा दौर में अकेली डिग्री काफी नहीं है। विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल स्किल्स, समस्या सुलझाने की क्षमता, नवाचारी सोच और नई तकनीकों की समझ विकसित करनी होगी। उन्होंने आगाह किया कि आने वाले वर्षों में AI और डिजिटल तकनीक लगभग हर क्षेत्र को छुएगी, लिहाजा जो विद्यार्थी खुद को समय के साथ अपडेट रखेंगे, रोजगार और उद्यमिता के अवसर उन्हीं के लिए ज्यादा खुलेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोहराया कि देश की पहली AI ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी के रूप में Chandigarh University उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स, वैश्विक अवसर और नवाचार आधारित माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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