अलवर जिले में शिक्षा ढांचे को मिला बढ़ावा, मदन दिलावर ने किया नवनिर्मित विद्यालय भवनों का उद्घाटन राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अलवर में 24.09 करोड़ रुपये की लागत से बने 7 नए सरकारी स्कूल भवनों का लोकार्पण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज विभाग मंत्री मदन दिलावर ने अलवर जिले में सरकारी विद्यालयों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने जिले की रैणी तहसील सहित अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 24.09 करोड़ रुपये के बजट से तैयार हुए 7 नए राजकीय विद्यालय भवनों का भव्य लोकार्पण किया। सरकार का मुख्य ध्येय राज्य के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को अत्याधुनिक और बेहतर सुविधाएं देना है, जिससे उनके शैक्षणिक स्तर में उल्लेखनीय सुधार हो सके। स्कूली बुनियादी ढांचे पर खर्च हुए करोड़ों रुपये इस बड़े प्रोजेक्ट के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में ढांचागत विकास किया गया है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, ईशवाना में 4.49 करोड़ रुपये की लागत से एक शानदार और आधुनिक भवन का निर्माण किया गया है। इसके अलावा, छात्राओं की सुविधा के लिए पिनान में 2.10 करोड़ रुपये की लागत से कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (टाइप-3) का नया भवन तैयार किया गया है। वहीं लक्ष्मणगढ़ (जमालपुर), कठूमर (मानकपुर गोठड़ी), रामगढ़ (सहजपुर व बंजीरका), मालाखेड़ा (महुआखुर्द), रामगढ़ (नंगला), उमरैण (चांदौली) और मुंडावर (मातोर) में 2.50-2.50 करोड़ रुपये की लागत से नए आवासीय बालिका विद्यालय भवनों का निर्माण पूरा किया गया है। चिमरावली सिक्ख गाँव के राजकीय विद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान माता सरस्वती की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। इसी के साथ स्कूल परिसर की मरम्मत और उसके सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देने के लिए 15 लाख रुपये के विशेष बजट की घोषणा की गई। नया शैक्षणिक सत्र और सरकारी योजनाएं लोकार्पण समारोह के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में छात्रों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए पहली बार 1 अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की गई है। इस नई नीति का ही सकारात्मक परिणाम है कि जुलाई महीने की शुरुआत तक विद्यालयों में लगभग 20 प्रतिशत पाठ्यक्रम पूरा किया जा चुका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को मुफ्त यूनिफॉर्म, पाठ्य पुस्तकें, साइकिल, स्कूटी, लैपटॉप और छात्रवृत्ति जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लगातार दे रही है। शिक्षकों की भर्ती और जर्जर भवनों का सुधार भविष्य की प्राथमिकताओं पर बात करते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि राजस्थान में इस समय 1 लाख शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया तेजी से चलाई जा रही है, जिससे बहुत जल्द ही विभिन्न स्कूलों में स्टाफ की कमी को पूरी तरह दूर कर लिया जाएगा। इसके साथ ही, अलवर जिले के अंतर्गत आने वाले जर्जर स्कूली भवनों की मरम्मत और उनके उचित रखरखाव के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। उन्होंने अभिभावकों से भी विशेष आग्रह किया कि वे नियमित अंतराल पर विद्यालय जाकर अपने बच्चों की पढ़ाई और वहाँ की व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें। मंत्री ने खुद जमीन पर बैठकर चखा मिड-डे मील अपने दौरे के दौरान मंत्री दिलावर ने बुर्जा और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, पिनान का औचक निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खुद मिड-डे मील चखा। भोजन की गुणवत्ता में और सुधार करने के उद्देश्य से उन्होंने सप्लायर संस्था क्यू आर जी फाउंडेशन को बच्चों को अधिक पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जब भी विद्यालयों में भोजन परोसा जाए, उसे अनिवार्य रूप से गर्म हॉट केस में रखकर ही लाया जाए। इसके बाद उन्होंने विद्यार्थियों से खुलकर बात की, उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा और खेलकूद के साथ-साथ स्कूल की साफ-सफाई को लेकर भी फीडबैक लिया। इसका आप पर असर • राजस्थान में: अलवर जिले में पढ़ने वाले सरकारी स्कूलों के बच्चों को अब आधुनिक भवनों और बेहतर बुनियादी सुविधाओं के साथ पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। • अभिभावकों के लिए: विद्यालय भवनों की मरम्मत और नए शिक्षकों की भर्ती से बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, जिससे अभिभावक भी निश्चिंत हो सकेंगे। सवाल-जवाब 1. अलवर में नए स्कूल भवनों पर कुल कितना बजट खर्च किया गया है? जिले में 7 नए सरकारी स्कूल भवनों के निर्माण पर कुल 24.09 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। 2. किस स्कूल के भवन के लिए सबसे अधिक बजट आवंटित किया गया? ईशवाना के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय को सबसे अधिक 4.49 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया। 3. मिड-डे मील को लेकर मंत्री ने क्या निर्देश दिए? उन्होंने सप्लायर क्यू आर जी फाउंडेशन को अधिक पौष्टिक भोजन देने का निर्देश दिया और सख्त हिदायत दी कि भोजन हमेशा हॉट केस में रखकर गर्म ही परोसा जाए। 4. अलवर में पुराने स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए कितना बजट आवंटित हुआ है? सरकार ने जिले में जर्जर स्कूली ढांचों के रखरखाव और मरम्मत के लिए विशेष रूप से 20 करोड़ रुपये जारी किए हैं। 5. जुलाई तक 20 प्रतिशत पाठ्यक्रम का पूरा होना क्यों महत्वपूर्ण है? यह शैक्षणिक कैलेंडर को 1 अप्रैल से शुरू करने का परिणाम है, जिसे छात्रों के हित में राज्य में पहली बार लागू किया गया है। https://trendkia.com/education/alwar-jile-men-shiksha-dhanche-ko-mila-barhava-madan-dilawar-ne-kiya-navanirmita-vidyalaya-bhavanon-ka-udghatana-7112 TrendKia — Har trend, sabse pehle.