डिजिटल दुनिया में इन्फ्लुएंसर बनने की पढ़ाई: एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी ने लॉन्च किया कंटेंट क्रिएशन में विशेष बैचलर डिग्री प्रोग्राम एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के वाल्टर क्रोनकाइट स्कूल ने कंटेंट क्रिएशन में एक नया बैचलर डिग्री कोर्स शुरू किया है, जिससे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और डिजिटल स्टोरीटेलर बनने की इच्छा रखने वाले छात्रों को पेशेवर प्रशिक्षण मिलेगा। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अमेरिका स्थित एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी ने आधिकारिक तौर पर कंटेंट क्रिएशन विषय में एक समर्पित बैचलर डिग्री प्रोग्राम की शुरुआत की है। इस पाठ्यक्रम को विशेष रूप से उन विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो भविष्य में पेशेवर डिजिटल स्टोरीटेलर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर या स्वतंत्र कंटेंट क्रिएटर के रूप में अपनी पहचान स्थापित करना चाहते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह नया शैक्षणिक ढांचा तेजी से बढ़ती क्रिएटर इकोनॉमी में छात्रों को ठोस करियर बनाने के लिए आवश्यक व्यावहारिक और रणनीतिक कौशल प्रदान करेगा। वाल्टर क्रोनकाइट स्कूल का नया पाठ्यक्रम और इसकी खासियतें इस अनूठे डिग्री प्रोग्राम का संचालन विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध वाल्टर क्रोनकाइट स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन द्वारा किया जाएगा। हालांकि यह नया सिलेबस काफी हद तक संस्थान के पारंपरिक मास कम्युनिकेशन और मीडिया स्टडीज के पाठ्यक्रम से मेल खाता है, लेकिन इसमें कई आधुनिक बदलाव किए गए हैं। इस कोर्स की सबसे बड़ी विशेषता इसके विशिष्ट ऐच्छिक विषय हैं, जो सीधे तौर पर आज के डिजिटल मीडिया परिदृश्य से जुड़े हैं। इसके अंतर्गत छात्रों को पॉडकास्टिंग तकनीक, स्टूडियो प्रोडक्शन और कैमरे के सामने अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराने के विशेष गुर सिखाए जाएंगे, ताकि वे डिजिटल मंचों पर खुद को बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सकें। फीस संरचना और कुल संभावित लागत एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी में इस नए पाठ्यक्रम के लिए तय की गई फीस का विवरण भी सामने आया है। एरिजोना राज्य के स्थानीय निवासियों के लिए प्रति शैक्षणिक वर्ष की मूल ट्यूशन फीस छात्रवृत्ति को छोड़कर लगभग 12,000 डॉलर निर्धारित की गई है। हालांकि, यदि इसमें कैंपस में रहने का खर्च, भोजन और अन्य अनिवार्य शुल्कों को शामिल कर लिया जाए, तो एक स्थानीय छात्र के लिए कुल वार्षिक लागत 37,000 डॉलर से अधिक बैठती है। दूसरी ओर, एरिजोना राज्य से बाहर के या अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए केवल ट्यूशन फीस 35,000 डॉलर से अधिक है। यदि स्कॉलरशिप से पहले के कुल खर्च की बात करें, तो बाहरी विद्यार्थियों के लिए यह राशि प्रति वर्ष लगभग 60,000 डॉलर तक पहुंच जाती है। डिग्री को लेकर उठ रहे सवाल और शैक्षणिक बहस पाठ्यक्रम की घोषणा होते ही विभिन्न क्षेत्रों से इसकी उपयोगिता को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं और आलोचनाएं भी सामने आने लगी हैं। आलोचकों के एक वर्ग का तर्क है कि सोशल मीडिया पर सामग्री तैयार करना या इन्फ्लुएंसर बनना कोई पारंपरिक या वैध पेशा नहीं है। इसके अलावा, कई विशेषज्ञ इस बात पर भी संदेह जता रहे हैं कि सोशल मीडिया उद्योग में कदम रखने के लिए किसी औपचारिक कॉलेज डिग्री की वास्तव में कितनी आवश्यकता है। दरअसल, वर्तमान समय में कई विश्वविद्यालय घटती छात्र संख्या की चुनौती से निपटने और आज के आधुनिक करियर विकल्पों के अनुरूप युवाओं को आकर्षित करने के लिए इस तरह के नए प्रयोग कर रहे हैं। हालांकि, इन डिग्रियों से वास्तविक रोजगार मिलने की संभावनाओं पर बहस लगातार जारी है। विशेषज्ञों की राय और उद्योग के वास्तविक आंकड़े कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में संचार विभाग की प्रोफेसर ब्रुक एरिन डफी का मानना है कि ऐसे कॉलेज कार्यक्रम शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़े बदलाव का संकेत हैं। डफी के अनुसार, पिछले एक साल के दौरान शैक्षणिक संस्थानों ने कंटेंट क्रिएशन को एक गंभीर करियर विकल्प के रूप में स्वीकार करना शुरू कर दिया है, भले ही इन्फ्लुएंसर शब्द से कुछ लोग अब भी झिझकते हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमतौर पर समाज में इन्फ्लुएंसर की छवि एक ऐसी युवा लड़की के रूप में देखी जाती है जो सिर्फ सेल्फी लेकर बिना मेहनत के बड़ा मुनाफा कमाती है। लेकिन वास्तविक कंटेंट क्रिएटर्स का काम मीडिया प्रोडक्शन, दर्शक जुटाने की रणनीति, ब्रांड पार्टनरशिप और अपनी ऑनलाइन उपस्थिति को व्यवसाय में बदलने से जुड़ा होता है। डफी ने जोर देकर कहा कि यह एक अत्यधिक श्रमसाध्य और समय लेने वाला काम है, जिसमें शुरुआती दौर में अच्छी कमाई नहीं होती, लेकिन इसे एक आकर्षक सपनों की नौकरी के भ्रम के पीछे छुपा दिया जाता है। बाजार अनुसंधान फर्म ईमार्केटर के प्रमुख विश्लेषक मैक्स विलेंस ने उद्योग की प्रतिस्पर्धा पर प्रकाश डाला है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया का दायरा पहले से ही बहुत भीड़भाड़ वाला है और आने वाले समय में यह प्रतिस्पर्धा और कठिन होगी। ईमार्केटर के अनुमानों के मुताबिक, इस साल अमेरिका में सोशल मीडिया क्रिएटर्स की कुल आय 20 अरब डॉलर से अधिक होने की उम्मीद है। हालांकि, विलेंस ने चेतावनी दी कि इस विशाल आंकड़े का मतलब यह नहीं है कि सभी क्रिएटर्स अमीर बन रहे हैं, क्योंकि इस कुल कमाई का बड़ा हिस्सा व्यक्तिगत क्रिएटर्स की जेब तक पहुंच ही नहीं पाता है। छात्रों का दृष्टिकोण और अन्य संस्थानों के प्रयास हाल ही में एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी से समाजशास्त्र और राजनीति विज्ञान में स्नातक करने वाले कंटेंट क्रिएटर और अभिनेता सैमी क्रिस्टर्ना ने इस पहल का स्वागत किया है। क्रिस्टर्ना ने साझा किया कि यदि उनके अध्ययन के दौरान यह कोर्स उपलब्ध होता, तो वे निश्चित रूप से इसमें कक्षाएं लेते और इसे अपने मुख्य विषय के रूप में चुनने पर विचार करते। उनके अनुसार, यह पाठ्यक्रम ब्रांड सौदों पर बातचीत करने, मॉनेटाइजेशन के अवसरों को बढ़ाने और दर्शकों को लंबे समय तक जोड़े रखने के गुर सीखने में काफी मददगार साबित हो सकता है। हालांकि उन्होंने माना कि इनमें से कई कौशल अनुभव के साथ खुद भी सीखे जा सकते हैं, फिर भी एक औपचारिक शिक्षा ढांचा होना बेहद फायदेमंद रहता है। गौरतलब है कि एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी से पहले भी कई उच्च शिक्षा संस्थान इस दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं। सिरैक्यूज़ यूनिवर्सिटी, क्विनिपियाक यूनिवर्सिटी और कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों ने कंटेंट क्रिएशन में माइनर और सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किए हैं, जबकि सेंट बोनावेंचर यूनिवर्सिटी ने भी पूर्व में इस क्षेत्र में मेजर कोर्स की घोषणा की थी। इसका आप पर असर भारत में: विदेशी यूनिवर्सिटीज में मीडिया और डिजिटल क्रिएटर डिग्री की बढ़ती स्वीकार्यता से भारतीय छात्रों के लिए ग्लोबल एजुकेशन के नए विकल्प खुल रहे हैं। छात्रों और क्रिएटर्स के लिए: सोशल मीडिया क्रिएशन अब केवल एक शौक नहीं बल्कि औपचारिक कौशल, ब्रांड नेगोशिएशन और बिजनेस स्ट्रेटेजी वाला पेशा बन रहा है। सवाल-जवाब 1. एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी ने कौन सा नया डिग्री कोर्स शुरू किया है? विश्वविद्यालय ने अपने वाल्टर क्रोनकाइट स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के तहत कंटेंट क्रिएशन में एक बैचलर डिग्री प्रोग्राम शुरू किया है। 2. कंटेंट क्रिएशन डिग्री कोर्स की फीस कितनी है? एरिजोना के स्थानीय निवासियों के लिए ट्यूशन फीस लगभग 12,000 डॉलर है (रहने-खाने मिलाकर कुल खर्च 37,000 डॉलर से अधिक), जबकि बाहरी छात्रों के लिए ट्यूशन फीस 35,000 डॉलर से अधिक और कुल लागत लगभग 60,000 डॉलर प्रति वर्ष है। 3. इस डिग्री प्रोग्राम में छात्रों को क्या सिखाया जाएगा? पाठ्यक्रम में मास कम्युनिकेशन के साथ-साथ पॉडकास्टिंग, स्टूडियो प्रोडक्शन, ऑन-कैमरा प्रेजेंस, ब्रांड पार्टनरशिप और ऑडियंस रिटेंशन तकनीकें सिखाई जाएंगी। 4. अमेरिका में इस साल सोशल मीडिया क्रिएटर्स की कुल कमाई का क्या अनुमान है? ईमार्केटर के अनुसार, अमेरिका में इस साल सोशल मीडिया क्रिएटर्स की आय 20 अरब डॉलर से ऊपर पहुंचने का अनुमान है। 5. क्या अमेरिका की अन्य यूनिवर्सिटीज भी ऐसे कोर्स चला रही हैं? हां, सिरैक्यूज़ यूनिवर्सिटी, क्विनिपियाक यूनिवर्सिटी और कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों ने माइनर या प्रमाण पत्र कोर्स शुरू किए हैं, जबकि सेंट बोनावेंचर यूनिवर्सिटी ने भी मेजर कोर्स की घोषणा की थी। https://trendkia.com/education/arizona-state-university-men-dijitala-krietarsa-ke-lie-kntenta-krieshana-men-naya-bachelor-degree-program-loncha-16724 TrendKia — Har trend, sabse pehle.