# छत्तीसगढ़: सरकारी स्कूलों में भाषा सुधार अभियान, शिक्षकों की जवाबदेही भी तय होगी

> छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पहली से पांचवीं तक हिंदी और छठवीं से आठवीं तक अंग्रेजी बोलना-लिखना अनिवार्य होगा, साथ ही शिक्षकों की जवाबदेही तय कर आत्मानंद और इग्नाइट स्कूलों में बड़े बदलाव किए जाएंगे।

**Type:** article · **Category:** शिक्षा · **Published:** 2026-08-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/education/chhattisgarh-sarakari-skulon-men-bhasha-sudhara-abhiyana-shikshakon-ki-javabadehi-bhi-taya-hogi-15907 · **Language:** Hindi
**Tags:** छत्तीसगढ़ शिक्षा, सरकारी स्कूल, हिंदी अंग्रेजी शिक्षा, आत्मानंद स्कूल, इग्नाइट स्कूल, शिक्षक भर्ती, गजेंद्र यादव

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में बच्चों की भाषा और पढ़ाई-लिखाई की बुनियाद मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग बड़े स्तर पर बदलाव करने जा रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि पहली से आठवीं कक्षा तक बच्चों को बिना रोक-टोक पास कर देने की पुरानी व्यवस्था का सीधा असर उनकी पढ़ने और लिखने की क्षमता पर पड़ा है, इसलिए अब बुनियादी शिक्षा पर खास फोकस किया जाएगा।

## पहली से आठवीं तक भाषा की नई शर्त
नई व्यवस्था के मुताबिक कक्षा पहली से पांचवीं तक पढ़ने वाले बच्चों के लिए हिंदी बोलना और लिखना अनिवार्य कर दिया जाएगा। इसके आगे कक्षा छठवीं से आठवीं तक के बच्चों को अंग्रेजी में बोलने और लिखने में दक्ष बनाने पर जोर रहेगा। इसका मकसद है कि बच्चे आठवीं तक पहुंचते-पहुंचते दोनों भाषाओं में सहज हो जाएं, जिससे आगे की पढ़ाई में उन्हें दिक्कत न हो।

## पहले शिक्षकों की ट्रेनिंग, फिर जवाबदेही
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सबसे पहले प्रदेशभर के शिक्षकों को अंग्रेजी भाषा की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे खुद दक्ष होकर बच्चों को सिखा सकें। इसके बाद शिक्षक कक्षाओं में बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाना शुरू करेंगे। मंत्री ने साफ किया कि अगर तय समय में बच्चों की भाषा स्किल्स तय स्तर तक नहीं पहुंचती हैं, तो उस स्कूल के शिक्षकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उन पर कार्रवाई भी हो सकती है।

## आत्मानंद स्कूलों के लिए 5000 नई भर्तियां
मंत्री ने बताया कि आत्मानंद स्कूलों को और मजबूत बनाने के लिए 5000 संविदा शिक्षकों की भर्ती की जाएगी और इनका चयन ऑनलाइन परीक्षा के जरिए होगा। इसके अलावा 5000 रेगुलर शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन पहले ही जारी किया जा चुका है। शिक्षकों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था का भी असर दिखा है, अलग-अलग दफ्तरों में अटैच रहे 10,600 शिक्षक वापस स्कूलों में लौट चुके हैं। फिलहाल करीब 85 प्रतिशत शिक्षक रोजाना ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करा रहे हैं।

## बंद पड़े इग्नाइट स्कूल फिर खुलेंगे
जो इग्नाइट स्कूल बंद होने की कगार पर पहुंच गए थे, उन्हें विवेकानंद योजना के तहत दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इन स्कूलों का संचालन पीपीपी मॉडल यानी सार्वजनिक-निजी भागीदारी से किया जाएगा और यहां पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम में ही जारी रहेगी। दिसंबर तक इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा देने का लक्ष्य रखा गया है। जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी होगी, वहां बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए पढ़ाया जाएगा।

## आंसर शीट अब दूसरे स्कूल के शिक्षक जांचेंगे
पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एक और अहम बदलाव किया जा रहा है। बोर्ड कक्षाओं को छोड़कर बाकी कक्षाओं की आंसर शीट अब उसी स्कूल के बजाय दूसरे स्कूलों के शिक्षक जांचेंगे, जिससे मूल्यांकन में पारदर्शिता आने की उम्मीद है। मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि स्कूलों में किए जा रहे इन नए प्रयोगों का असर धीरे-धीरे ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में भी नजर आने लगा है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यह दिखाता है कि कई राज्य अब बच्चों को सिर्फ पास कराने के बजाय उनकी असल भाषा और पढ़ाई की क्षमता पर फोकस करने की नीति अपना रहे हैं, जिसका असर आगे चलकर दूसरे राज्यों की शिक्षा नीतियों पर भी पड़ सकता है।

- **छत्तीसगढ़ में:** सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब पहली से पांचवीं तक हिंदी और छठवीं से आठवीं तक अंग्रेजी में दक्ष होना जरूरी होगा, जिससे उनकी आगे की पढ़ाई और नौकरी के मौकों में मदद मिल सकती है।
- **अभिभावकों और शिक्षकों के लिए:** स्कूल के शिक्षकों की जवाबदेही तय होने से पढ़ाई की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ेगा, वहीं 10,000 से ज्यादा नई शिक्षक भर्तियों से रोजगार के मौके भी बनेंगे।

## सवाल-जवाब

### 1. नई व्यवस्था में किन कक्षाओं के लिए हिंदी अनिवार्य होगी?
कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों के लिए हिंदी बोलना और लिखना अनिवार्य किया जाएगा।

### 2. अंग्रेजी बोलना-लिखना किन कक्षाओं के लिए जरूरी होगा?
कक्षा छठवीं से आठवीं तक के बच्चों को अंग्रेजी बोलने और लिखने में सक्षम बनाने पर जोर दिया जाएगा।

### 3. अगर बच्चों की स्किल्स तय स्तर तक नहीं पहुंचीं तो क्या होगा?
संबंधित स्कूल के शिक्षकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उन पर कार्रवाई भी हो सकती है।

### 4. आत्मानंद स्कूलों में कितने शिक्षकों की भर्ती होगी?
5000 संविदा शिक्षकों की भर्ती ऑनलाइन परीक्षा के जरिए की जाएगी, इसके अलावा 5000 रेगुलर शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन पहले ही जारी हो चुका है।

### 5. ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था का क्या असर हुआ है?
अलग-अलग दफ्तरों में अटैच रहे 10,600 शिक्षक वापस स्कूलों में लौट चुके हैं और फिलहाल करीब 85 प्रतिशत शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करा रहे हैं।

### 6. इग्नाइट स्कूल कब तक दोबारा शुरू होंगे और कैसे चलेंगे?
बंद हो चुके इग्नाइट स्कूलों को विवेकानंद योजना के तहत पीपीपी मॉडल पर दोबारा शुरू किया जाएगा और वहां अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होगी, दिसंबर तक स्मार्ट क्लास शुरू करने का लक्ष्य है।

### 7. आंसर शीट के मूल्यांकन में क्या बदलाव किया गया है?
बोर्ड कक्षाओं को छोड़कर बाकी कक्षाओं की आंसर शीट अब दूसरे स्कूलों के शिक्षक जांचेंगे, जिससे मूल्यांकन में पारदर्शिता आएगी।

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