# कॉनराड संगमा ने मेघालय में प्राथमिक शिक्षा सुधार के लिए लॉन्च किया रीड एंड राइज मिशन, 3 महीने में हर बच्चे को पढ़ाने का लक्ष्य

> मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने प्राथमिक शिक्षा में सुधार के लिए 'सीएम-इम्पैक्ट रीड एंड राइज' कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। इस राज्यव्यापी अभियान का उद्देश्य 7 वर्ष से अधिक उम्र के हर बच्चे को 3 महीने के भीतर धाराप्रवाह पढ़ने में सक्षम बनाना है।

**Type:** article · **Category:** शिक्षा · **Published:** 2026-08-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/education/conrad-sangma-ne-meghalaya-men-prathamika-shiksha-sudhara-ke-lie-loncha-kiya-rida-enda-raija-mishana-3-mahine-men-hara-bachche-ko--22390 · **Language:** Hindi
**Tags:** मेघालय शिक्षा, कॉनराड संगमा, रीड एंड राइज मिशन, सीएम इम्पैक्ट, प्राथमिक साक्षरता, मेघालय स्कूल, NEP 2020

प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने और साक्षरता का स्तर बढ़ाने के उद्देश्य से मेघालय सरकार ने 'सीएम-इम्पैक्ट रीड एंड राइज' कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया है। मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने बुधवार, 26 अगस्त 2026 को शिलोंग स्थित असेंबली एनेक्सी हॉल में इस राज्यव्यापी अभियान का उद्घाटन किया। 'मेघालय यूनिवर्सल रीडिंग रेडिनेस प्रोग्राम' के रूप में तैयार की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों में बुनियादी पठन कौशल को बेहतर बनाना और दूरदराज के क्षेत्रों में व्याप्त शैक्षणिक अंतराल को समाप्त करना है।

## शुरुआती साक्षरता और दीर्घकालिक विकास का विज़न
रीड एंड राइज कार्यक्रम 'चीफ मिनिस्टर्स इनिशिएटिव फॉर मैक्सिमाइजिंग पास अचीवमेंट एंड क्लासरूम ट्राइम्फ' (सीएम-इम्पैक्ट) नामक व्यापक शिक्षा सुधार पहल का हिस्सा है। कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने स्पष्ट किया कि शिक्षा उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आज बच्चों के पठन-पाठन पर किया जा रहा निवेश आने वाले 20 वर्षों में समाज के लिए दूरगामी और सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा।

> 
इस अभियान के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने X पर लिखा कि इस मिशन का सरल लेकिन महत्वपूर्ण उद्देश्य यह है कि 7 वर्ष की आयु तक पहुंचते-पहुंचते हर बच्चा आत्मविश्वास के साथ पढ़ने और लिखने में सक्षम हो सके। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और निरंतर निगरानी की आवश्यकता पर जोर देते हुए शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि वे जमीनी परिणामों के आधार पर कार्यक्रम में जरूरी सुधार करते रहें।

## कक्षाओं के व्यवधान और संसाधनों की असमानता दूर करने का प्रयास
हाल के वर्षों में कक्षाओं में हुए व्यवधानों के कारण बच्चों की पढ़ाई में आए पिछड़ेपन को दूर करने के लिए यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस योजना के माध्यम से मेघालय के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच शिक्षा के स्तर में मौजूद अंतर को पाटने की कोशिश की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के किसी भी कोने में रहने वाले छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहना पड़े।

उद्घाटन समारोह में शिक्षा मंत्री लखमेन रिम्बुई सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इसके अलावा स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता निदेशक रिचा कुलकर्णी (IAS) सहित शिक्षा विभाग और अन्य संबद्ध विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

## शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण गाइड और संसाधन
शिक्षकों को कक्षाओं में सही मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए सरकार ने 'टीचर ट्रेनिंग गाइड फॉर यूनिवर्सल रीडिंग रेडिनेस एक्रॉस मेघालय' का विमोचन भी किया। 'ग्रीनएमो' द्वारा प्रकाशित और शिक्षा विभाग द्वारा प्रायोजित यह गाइड शिक्षकों को बच्चों की पठन क्षमता आंकने और पढ़ाने की नई तकनीकों को अपनाने में मदद करेगी।

शिक्षा विभाग के आयुक्त एवं सचिव विजय कुमार मंत्री ने बताया कि मेघालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के मानकों से आगे बढ़कर शुरुआती स्तर पर ही स्पष्ट शिक्षण परिणाम हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि यह नई पहल पूर्व में चलाए गए SSLC स्टूडेंट गाइडबुक्स, क्लासरूम रेडिनेस प्रोग्राम और मेघालय लर्निंग एन्हांसमेंट प्रोग्राम जैसे प्रयासों को और अधिक सुदृढ़ बनाती है।

## तत्काल लक्ष्य और भविष्य के शैक्षणिक परिणाम
रीड एंड राइज योजना के तहत राज्य सरकार ने 3 महीने का प्राथमिक लक्ष्य तय किया है, जिसके अंतर्गत 7 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक बच्चे को धाराप्रवाह पढ़ने में सक्षम बनाया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यदि बुनियादी पढ़ने का कौशल मजबूत होगा, तो आगे चलकर माध्यमिक कक्षाओं और SSLC बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में भी सुधार देखने को मिलेगा।

विजय कुमार मंत्री के अनुसार, यदि राज्य का हर बच्चा सही ढंग से पढ़ना सीख जाता है, तो यह संपूर्ण शिक्षा प्रणाली की नींव को मजबूत करेगा और मेघालय को शैक्षणिक गुणवत्ता के मामले में एक नए स्तर पर पहुंचा देगा।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** यह पहल प्राथमिक साक्षरता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के जमीनी क्रियान्वयन के लिए अन्य भारतीय राज्यों के सामने एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करती है।
- **मेघालय में:** राज्य के 7 साल से बड़े बच्चों की पढ़ने की क्षमता में 3 महीने के भीतर सुधार होगा, जिससे ग्रामीण और शहरी स्कूलों के बीच का शैक्षणिक अंतर घटेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. मेघालय में लॉन्च किए गए 'रीड एंड राइज' कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्कूली बच्चों में बुनियादी पढ़ने और लिखने के कौशल को सुदृढ़ करना तथा हाल के वर्षों में हुए पढ़ाई के नुकसान को दूर करना है।

### 2. रीड एंड राइज मिशन के तहत क्या तत्काल लक्ष्य (Immediate Target) निर्धारित किया गया है?
राज्य सरकार ने 3 महीने के भीतर 7 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक बच्चे को आत्मविश्वास और धाराप्रवाह तरीके से पढ़ने में सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा है।

### 3. सीएम-इम्पैक्ट (CM-IMPACT) का पूरा नाम क्या है?
सीएम-इम्पैक्ट का पूरा नाम 'चीफ मिनिस्टर्स इनिशिएटिव फॉर मैक्सिमाइजिंग पास अचीवमेंट एंड क्लासरूम ट्राइम्फ' है।

### 4. शिक्षकों की सहायता के लिए कार्यक्रम के दौरान कौन सी गाइड जारी की गई?
समारोह के दौरान 'टीचर ट्रेनिंग गाइड फॉर यूनिवर्सल रीडिंग रेडिनेस एक्रॉस मेघालय' जारी की गई, जिसे ग्रीनएमो द्वारा प्रकाशित और शिक्षा विभाग द्वारा प्रायोजित किया गया है।

### 5. इस योजना से मेघालय की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम पर क्या प्रभाव पड़ने की उम्मीद है?
बुनियादी पठन क्षमता मजबूत होने से छात्रों की समग्र समझ बढ़ेगी, जिससे SSLC बोर्ड परीक्षाओं के उत्तीर्ण प्रतिशत में सुधार होगा।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._