गाजीपुर की चार दशक पुरानी जिला लाइब्रेरी में चौदह हजार किताबें, मात्र पांच सौ रुपये में मिलती है आजीवन सदस्यता उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में स्थित ऐतिहासिक जिला लाइब्रेरी चार दशकों से पाठकों का ज्ञान बढ़ा रही है। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों से लेकर आधुनिक वाई-फाई और डिजिटल सुविधाओं का लाभ उठाया जा सकता है। गाजीपुर को साधु-संतों और ज्ञान की भूमि माना जाता है, जहां साहित्य और शिक्षा को जीवित रखने में पुस्तकालयों ने बड़ी भूमिका निभाई है। कपूरपुर सिटी इंटर कॉलेज के पास संचालित होने वाली जिला लाइब्रेरी इसी बौद्धिक परंपरा का एक प्रमुख केंद्र है। लगभग चालीस साल पुरानी इस संस्था में करीब चौदह हजार पुस्तकें मौजूद हैं। सबसे खास बात यह है कि यहां लोग बिना किसी शुल्क के पढ़ाई कर सकते हैं और केवल पांच सौ रुपये की सुरक्षा राशि जमा करके आजीवन सदस्य बन सकते हैं। अजय सिंह ने साझा किया इतिहास और वर्तमान स्थिति इस संस्थान से जुड़े अजय सिंह के अनुसार, इसकी स्थापना करीब 1987 में की गई थी और वर्ष 1995 में इसका नए सिरे से विस्तार किया गया था। इस समय लगभग चार सौ लोग इस केंद्र से जुड़े हुए हैं। अध्ययन कक्ष में साहित्य और उपन्यासों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं, विभिन्न अकादमिक पाठ्यक्रमों, शोध कार्यों और कानून से जुड़ी महत्वपूर्ण पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अतिरिक्त पाठकों के पढ़ने के लिए पच्चीस मासिक पत्रिकाएं और सात अलग-अलग दैनिक समाचार पत्र भी नियमित रूप से मंगाए जाते हैं। तीन साल पहले हुआ कायाकल्प और डिजिटल बनाने की तैयारी लगभग तीन साल पहले इस पुस्तकालय का संपूर्ण जीर्णोद्धार कराया गया था, जिसके बाद यहां आने वाले लोगों की सुविधाओं में काफी सुधार हुआ। अब परिसर में हाई-स्पीड वाई-फाई, ब्रॉडबैंड इंटरनेट, शुद्ध पेयजल के लिए आरओ और वाटर कूलर जैसी आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं। इसके अलावा पुरुष और महिला पाठकों के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था भी की गई है। यहां सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक बैठकर अध्ययन किया जा सकता है। वर्तमान में पुस्तकों की सूची को ऑनलाइन करने का काम तेजी से चल रहा है। अजय सिंह ने बताया कि आने वाले समय में इसे पूरी तरह एक आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री खोजने में आसानी हो सके। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं का पसंदीदा केंद्र यहाँ आने वाले विद्यार्थियों के लिए शांत वातावरण और प्रचुर मात्रा में अध्ययन सामग्री उपलब्ध होना बहुत फायदेमंद साबित हो रहा है। चीतनाथ घाट इलाके से आने वाले विद्यार्थी शुभम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि यहाँ एसएससी और अन्य सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं से जुड़ी किताबें आसानी से मिल जाती हैं, जिससे उनकी तैयारी को सही दिशा मिलती है। सीएसआईआर नेट-जेआरएफ की परीक्षा की तैयारी में जुटीं प्रज्ञा पिछले करीब एक साल से नियमित रूप से यहाँ आ रही हैं। उन्होंने बताया कि कम खर्च वाली सदस्यता और यहाँ का शांतिपूर्ण माहौल इसकी सबसे बड़ी खूबी है। उन्होंने कहा कि दूसरों को मेहनत करते देख खुद भी प्रेरणा मिलती है और आरओ का ठंडा पानी जैसी सुविधाएं बहुत काम आती हैं। सेना में जाने की तैयारी करने वाले अनिल यादव ने बताया कि इंटरनेट की उपलब्धता से उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई करने में काफी मदद मिलती है। वह रोजाना सुबह दस बजे पहुँच जाते हैं और लगभग पाँच से छह घंटे तक यहीं बैठकर पढ़ाई करते हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए अखबार पढ़ने का बेहतरीन ठिकाना यह ज्ञान केंद्र केवल युवाओं और विद्यार्थियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बुजुर्गों के बीच भी लोकप्रिय है। करीब साठ वर्ष के संतोष समय मिलने पर रोज यहाँ अखबार पढ़ने आते हैं। उन्होंने बताया कि यहाँ अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे कई प्रमुख हिंदी अखबार उपलब्ध रहते हैं। उनके अनुसार, इस जगह का शांत माहौल और आसपास के लोगों का मददगार रवैया इसे बेहद खास बनाता है। लगभग चालीस वर्षों के अपने सफर में यह स्थान विद्यार्थियों, नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं, शोधार्थियों और वरिष्ठ पाठकों के लिए एक समान रूप से उपयोगी ठिकाना साबित होता आया है। चौदह हजार से अधिक पुस्तकों और आधुनिक सुविधाओं से लैस यह केंद्र अब डिजिटल बदलाव की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि ऑनलाइन कैटलॉग आने के बाद पाठकों को कितनी और सुविधा मिलती है। इसका आप पर असर यह खबर पाठकों और विद्यार्थियों को कम खर्च में बेहतर अध्ययन सुविधाएं खोजने के नए विकल्प दिखाती है। • भारत में: स्थानीय पुस्तकालयों और सरकारी वाचनालयों में कम शुल्क पर सदस्यता मिलने से दूर-दराज के जरूरतमंद विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलती है। • गाजीपुर में: स्थानीय युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को बिना किसी आर्थिक दबाव के वाई-फाई और शांत माहौल जैसी आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं। ऐसा क्यों हुआ सार्वजनिक पुस्तकालयों का यह स्वरूप स्थानीय स्तर पर शिक्षा के प्रसार और सामाजिक विकास के उद्देश्य से तैयार किया गया है। • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: ज्ञान और साहित्य की पुरानी परंपरा को सहेजने के लिए इस तरह के संस्थानों की स्थापना दशकों पहले की गई थी। • आधुनिक जरूरतें: विद्यार्थियों की बढ़ती मांग को देखते हुए पुस्तकालयों में इंटरनेट, वाई-फाई और आरओ जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं। सवाल-जवाब 1. गाजीपुर की जिला लाइब्रेरी कहाँ स्थित है? यह लाइब्रेरी कपूरपुर सिटी इंटर कॉलेज के पास स्थित है। 2. इस लाइब्रेरी की आजीवन सदस्यता का शुल्क कितना है? यहाँ मात्र पाँच सौ रुपये की सुरक्षा राशि जमा करके आजीवन सदस्यता प्राप्त की जा सकती है। 3. इस पुस्तकालय की शुरुआत कब हुई थी? इसकी शुरुआत लगभग 1987 में हुई थी और 1995 में इसका नए सिरे से विस्तार किया गया था। 4. लाइब्रेरी में अध्ययन का समय क्या है? पाठक सुबह दस बजे से शाम पाँच बजे तक लाइब्रेरी में पढ़ाई कर सकते हैं। 5. यहाँ कौन-कौन सी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं? यहाँ वाई-फाई, ब्रॉडबैंड इंटरनेट, आरओ का शुद्ध पानी और अलग शौचालय जैसी सुविधाएँ मिलती हैं। https://trendkia.com/education/ghazipur-district-library-with-14000-books-offers-lifetime-membership-for-500-rupees-52426 TrendKia — Har trend, sabse pehle.