गुरुग्राम में मानसून के दौरान स्कूल बसों के लिए कड़े नियम लागू, उपायुक्त उत्तम सिंह ने जारी किए निर्देश गुरुग्राम जिला प्रशासन ने मानसून सीजन में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कड़े नियम बनाए हैं। जलभराव वाले रास्तों पर बसें चलाने पर रोक लगा दी गई है और 30 सितंबर 2026 तक के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। गुरुग्राम: मानसून के मौसम के दौरान स्कूली छात्रों की हिफाजत को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गुरुग्राम जिला प्रशासन ने एक अहम फैसला लिया है। बारिश के दिनों में बच्चों की पढ़ाई पर कोई असर न पड़े और वे पूरी तरह सुरक्षित रहें, इसके वास्ते जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और उपायुक्त उत्तम सिंह ने स्कूल बसों के संचालन को लेकर कड़े नियम लागू किए हैं। ये नए आदेश तुरंत प्रभाव से अस्तित्व में आ चुके हैं और आगामी 30 सितंबर 2026 तक अथवा अगले सरकारी आदेश तक प्रभावशील बने रहेंगे। प्रशासन ने बहुत स्पष्ट कर दिया है कि जिन मार्गों पर जलभराव की समस्या होती है और जिन्हें प्रशासन द्वारा इसके वास्ते चिन्हित किया गया है, उन रास्तों पर स्कूल बसों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इस स्थिति में सभी शैक्षणिक संस्थानों को ऐसे खतरनाक रास्तों के एवज में सुरक्षित और सुगम वैकल्पिक रास्तों का चयन करना होगा। जलभराव वाले रास्तों पर स्कूल बसों के संचालन पर रोक यदि किसी स्कूल बस का पूर्व निर्धारित रूट पानी भरने के कारण जोखिम भरा या असुरक्षित करार दिया जाता है, तो उस बस को उस रास्ते से कदापि नहीं निकाला जाएगा। स्कूल प्रबंधन की यह सीधी जिम्मेदारी होगी कि वह तत्काल प्रभाव से किसी सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करे। ऐसी परिस्थिति में यदि कोई भी सुरक्षित वैकल्पिक रूट उपलब्ध नहीं हो पाता है, तो बच्चों को स्कूल परिसर के भीतर ही सुरक्षित तौर पर रोकना होगा। इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न होने पर विद्यालय प्रशासन को फौरन बच्चों के माता-पिता या अभिभावकों को इस बात की सूचना देनी होगी। गौरतलब है कि कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हुआ था, जिसमें गुरुग्राम की सड़कों पर पानी के बीचों-बीच स्कूल बसें डूबी हुई नजर आ रही थीं, जिसके बाद प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया है। ट्रैफिक पुलिस उपलब्ध कराएगी रियल-टाइम अपडेट्स वर्षा काल के दौरान स्कूल बसों के गुजरने वाले मार्गों की हर गतिविधि पर ट्रैफिक पुलिस लगातार निगरानी रखेगी। पुलिस विभाग की तरफ से स्कूलों को लाइव ट्रैफिक और सड़कों की वर्तमान स्थिति के बारे में रियल-टाइम जानकारियां मुहैया कराई जाएंगी, ताकि स्कूल प्रबंधन सही समय पर अपनी बसों के रूट में आवश्यक बदलाव कर सके। जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बच्चे को जलभराव वाले इलाकों, भारी ट्रैफिक जाम या किसी अन्य खतरे से भरे रास्ते से होकर न गुजरना पड़े। इसके अलावा, भारी बारिश होने की स्थिति में अथवा IMD की तरफ से कोई चेतावनी या अलर्ट जारी होने पर हरियाणा रोडवेज की अतिरिक्त बसें पूरी तरह स्टैंडबाय पोजीशन में रहेंगी। यदि कोई स्कूल बस रास्ते में पानी भरने के कारण कहीं फंस जाती है, तो इन अतिरिक्त बसों की सहायता से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। सुनसान और जलभराव वाले स्टॉप पर बच्चों को उतारने पर मनाही नए सुरक्षा दिशानिर्देशों के अंतर्गत बच्चों को स्कूल बस से उनके गंतव्य पर उतारने को लेकर भी बहुत सख्त प्रावधान किए गए हैं। किसी भी बच्चे को पानी से भरे हुए जलभराव वाले या किसी सुनसान बस स्टॉप पर बिल्कुल नहीं उतारा जाएगा। बच्चे को केवल और केवल उसके माता-पिता अथवा अधिकृत संरक्षक के हाथों ही सौंपा जाएगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि खराब मौसम और बारिश के माहौल में बच्चों को अकेले या किसी भी असुरक्षित स्थान पर छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने यह भी अनिवार्य कर दिया है कि हर स्कूल में एक ट्रांसपोर्ट इंचार्ज या रूट सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति की जाए। यह नियुक्त अधिकारी स्कूल बसों के रूट, मौसम के मिजाज और बच्चों की सुरक्षित यात्रा पर अपनी पैनी नजर रखेगा। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे बारिश के दौरान बस संचालन से जुड़े सभी सुरक्षा मानकों का पूरी ईमानदारी से पालन करें। स्कूल गेट और बस मार्गों से पानी निकासी को सर्वोच्च प्राथमिकता जिला प्रशासन ने शहर की डिवॉटरिंग एजेंसियों को भी बहुत सख्त निर्देश जारी किए हैं कि स्कूल बसों के तय रूट और स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास जमा हुए पानी को हटाना उनकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इससे स्कूल आने-जाने वाले छोटे बच्चों और उनकी बसों की आवाजाही को पूरी तरह सुरक्षित बनाने में बड़ी मदद मिलेगी। जिला प्रशासन के ये सभी निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होकर 30 सितंबर 2026 तक या फिर आगामी आदेश आने तक लागू रहेंगे। प्रशासन का यह साफ कहना है कि मानसून के दिनों में जलभराव और भारी बरसात की वजह से पैदा होने वाले संभावित खतरों को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसका आप पर असर • भारत में: देश भर के अन्य शहरों में भी मानसून के दौरान स्कूली बच्चों की आवाजाही को लेकर स्थानीय प्रशासन द्वारा इसी तरह के कड़े सुरक्षा मानक और रूट डायवर्जन नियम लागू किए जा सकते हैं। • गुरुग्राम में: गुरुग्राम के स्कूली बच्चों और अभिभावकों को अब खराब मौसम और जलभराव के दिनों में बदले हुए बस रूट और स्कूल से बच्चों की सुरक्षित वापसी के नए नियमों का पालन करना होगा। सवाल-जवाब 1. गुरुग्राम में स्कूल बसों के लिए नए नियम कब तक लागू रहेंगे? गुरुग्राम जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए ये कड़े निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू हो चुके हैं और 30 सितंबर 2026 तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगे। 2. जलभराव वाले रास्तों पर स्कूल बसों को लेकर क्या निर्देश हैं? प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जलभराव वाले घोषित मार्गों पर स्कूल बसें नहीं चलाई जाएंगी और स्कूलों को सुरक्षित वैकल्पिक रूटों का उपयोग करना होगा। 3. बसों के रूट की निगरानी कौन करेगा? बारिश के दौरान ट्रैफिक पुलिस स्कूलों को रियल-टाइम ट्रैफिक और सड़क की स्थिति की जानकारी देगी, साथ ही हर स्कूल में एक ट्रांसपोर्ट इंचार्ज या रूट सेफ्टी ऑफिसर नियुक्त किया गया है। 4. खराब मौसम में बच्चों को बस स्टॉप पर उतारने को लेकर क्या नियम है? किसी भी बच्चे को जलभराव या सुनसान बस स्टॉप पर नहीं उतारा जाएगा और उन्हें केवल उनके अभिभावक या अधिकृत संरक्षक को ही सौंपा जाएगा। https://trendkia.com/education/gurugram-school-bus-safety-rules-2026-strict-guidelines-issued-for-monsoons-22024 TrendKia — Har trend, sabse pehle.