# हिमाचल के शिक्षण संस्थानों में अब दाखिला पर्चे से खत्म होगी जाति की पहचान, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का बड़ा फैसला

> हिमाचल प्रदेश सरकार ने आगामी शैक्षणिक सत्र से स्कूल और कॉलेजों के एडमिशन फॉर्म से जाति का कॉलम हटाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि एससी वर्ग के छात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए जाति विवरण देना होगा।

**Type:** article · **Category:** शिक्षा · **Published:** 2026-08-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/education/himachal-ke-shikshana-snsthanon-men-aba-dakhila-parche-se-khatma-hogi-jati-ki-pahachana-mukhyamntri-sukhvinder-singh-sukhu-ka-bara-22815 · **Language:** Hindi
**Tags:** हिमाचल प्रदेश, सुखविंदर सिंह सुक्खू, दाखिला फॉर्म, शिक्षा नीति, धनीराम शांडिल, अनुसूचित जाति कल्याण, अपना परिवार सुखी परिवार योजना

हिमाचल प्रदेश के शैक्षणिक माहौल को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। प्रदेश के सभी सरकारी तथा निजी स्कूलों और कॉलेजों के दाखिला फॉर्मों से जाति दर्ज करने का कॉलम हटा दिया जाएगा। यह नई व्यवस्था आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू होगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश जारी किए। सरकार का मानना है कि इस कदम से शिक्षण संस्थानों में सामाजिक भेदभाव को खत्म करने तथा विद्यार्थियों के बीच समानता और आपसी भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

 

## दाखिला प्रक्रिया में बदलाव और छात्रवृत्ति के नियम

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि दाखिला पर्चों से जाति का विवरण हटाना सामाजिक समरसता कायम करने की दिशा में एक प्रभावी प्रयास है। हालांकि, आधिकारिक बयान के अनुसार, इस प्रशासनिक बदलाव से अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। छात्रवृत्ति, शुल्क छूट तथा अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र विद्यार्थियों को पहले की तरह अपनी जाति का विवरण दर्ज कराना अनिवार्य रहेगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार राज्य के अनुसूचित जाति समुदाय के सर्वांगीण विकास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए कई विशिष्ट कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

 

## स्वरोजगार और उच्च शिक्षा के लिए विशेष योजनाएं

बैठक में अनुसूचित जाति समुदाय के युवाओं और मेधावी छात्रों के लिए चल रही योजनाओं का ब्योरा भी प्रस्तुत किया गया। राज्य सरकार राजीव गांधी स्टार्ट-अप स्वरोजगार सौर योजना के माध्यम से युवाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र में उद्यम लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इस योजना के तहत 100 kW से लेकर 2 MW क्षमता तक की सौर परियोजनाएं स्थापित करने पर वित्तीय सब्सिडी दी जा रही है। इसमें दुर्गम तथा जनजातीय क्षेत्रों में स्थापित होने वाली परियोजनाओं के लिए 5 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है, जबकि अन्य क्षेत्रों में लगने वाली परियोजनाओं के लिए 4 प्रतिशत सब्सिडी निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हासिल करने में मदद के लिए सरकार 20 लाख रुपये तक का ऋण मात्र 1 प्रतिशत की न्यूनतम वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध करा रही है।

 

## सामाजिक सुरक्षा, बिजली राहत और बजटीय प्रावधान

राज्य में अत्यंत गरीब परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से सरकार 'अपना परिवार सुखी परिवार योजना' को भी धरातल पर उतारने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत पात्र गरीब परिवारों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही इन परिवारों की महिला सदस्यों को आत्मनिर्भर बनाने और सामाजिक सुरक्षा देने के लिए 1,500 रुपये की मासिक पेंशन देने का प्रावधान किया गया है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने बताया कि सरकार समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों के आर्थिक व सामाजिक उत्थान के लिए बजटीय संसाधनों का पूरा उपयोग कर रही है। चालू वित्तीय वर्ष में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए चलाए जा रहे कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए करीब 315 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इसके अलावा, अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के तहत राज्य में बुनियादी ढांचे और सामुदायिक विकास कार्यों को गति देने के लिए 1,105 करोड़ रुपये का एक अलग समर्पित कोष आवंटित किया गया है।

## इसका आप पर असर
यह फैसला शैक्षणिक संस्थानों में सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के साथ पात्र परिवारों को सरकारी आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया को स्पष्ट बनाता है।

- **हिमाचल प्रदेश में:** नए शैक्षणिक सत्र से स्कूल और कॉलेज के दाखिला फॉर्म भरते समय सामान्य प्रक्रिया में जाति का विवरण दर्ज नहीं करना होगा। इससे विद्यार्थियों को प्रवेश के दौरान किसी भी प्रकार के सामाजिक भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा।

- **हिमाचल प्रदेश में:** अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के विद्यार्थियों को सरकारी छात्रवृत्ति और योजनाओं का लाभ पाने के लिए अपनी जाति का विवरण जमा करना होगा। पात्र छात्र 20 लाख रुपये तक का उच्च शिक्षा ऋण मात्र 1 प्रतिशत ब्याज दर पर प्राप्त कर सकते हैं।

- **हिमाचल प्रदेश में:** सौर ऊर्जा परियोजनाओं के इच्छुक लोग 100 kW से 2 MW क्षमता वाले संयंत्रों के लिए सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। जनजातीय क्षेत्रों के आवेदकों को 5 प्रतिशत और अन्य क्षेत्रों के लोगों को 4 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी।

- **हिमाचल प्रदेश में:** 'अपना परिवार सुखी परिवार योजना' के तहत अति गरीब परिवारों को प्रतिमाह 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी। इसके अलावा पात्र परिवारों की महिलाओं को प्रति महीने 1,500 रुपये की वित्तीय पेंशन दी जाएगी।

- **भारत में:** यह निर्णय देश के अन्य राज्यों के लिए दाखिला प्रक्रियाओं को अधिक समावेशी और जाति-मुक्त बनाने की दिशा में एक उदाहरण पेश करता है। इससे शिक्षा क्षेत्र में प्रशासनिक सुधारों और कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को प्रोत्साहन मिलेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. हिमाचल प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों में जाति का कॉलम कब से हटेगा?
यह फैसला अगले शैक्षणिक सत्र से राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेजों के दाखिला फॉर्मों में लागू होगा।

### 2. क्या अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों को छात्रवृत्ति या योजनाओं के लिए जाति विवरण देना होगा?
हां, अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों को सरकारी योजनाओं और छात्रवृत्तियों का लाभ उठाने के लिए अपनी जाति का ब्योरा देना जारी रखना होगा।

### 3. मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए कितना ऋण और किस ब्याज दर पर मिलेगा?
राज्य सरकार मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए 1 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करा रही है।

### 4. 'अपना परिवार सुखी परिवार योजना' के तहत गरीब परिवारों को क्या सुविधाएं मिलेंगी?
इस योजना के अंतर्गत पात्र अत्यंत गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और परिवार की महिलाओं को 1,500 रुपये की मासिक पेंशन दी जाएगी।

### 5. सौर स्वरोजगार योजना के तहत राज्य सरकार कितनी सब्सिडी दे रही है?
राजीव गांधी स्टार्ट-अप स्वरोजगार सौर योजना के तहत 100 kW से 2 MW तक की परियोजनाओं के लिए जनजातीय क्षेत्रों में 5 प्रतिशत और अन्य क्षेत्रों में 4 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है।

### 6. चालू वित्त वर्ष में सामाजिक न्याय विभाग ने कितना बजट आवंटित किया है?
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल के अनुसार, सामाजिक योजनाओं के लिए करीब 315 करोड़ रुपये और अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के तहत 1,105 करोड़ रुपये का कोष आवंटित किया गया है।

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