# जमशेदपुर की वह गली जहां 35 से ज्यादा दुकानें सजाती हैं किताबों का खजाना, बाजार से आधी कीमत पर मिलती हैं पढ़ाई की किताबें

> जमशेदपुर की मशहूर 'पुस्तक वाली गली' में कक्षा 1 से लेकर UPSC, NEET, JEE जैसी परीक्षाओं की किताबें बाजार मूल्य से 50 प्रतिशत तक कम दाम पर मिलती हैं, जहां झारखंड के साथ-साथ ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार से भी खरीदार पहुंचते हैं।

**Category:** शिक्षा · **Published:** 2026-06-13 · **Source:** TrendKia
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स्टील सिटी के नाम से दुनिया भर में पहचाने जाने वाले जमशेदपुर की एक और पहचान कम चर्चित है, मगर यहां के विद्यार्थियों के लिए बेहद कीमती है। यह पहचान है शहर की मशहूर 'पुस्तक वाली गली', जहां सुबह से शाम तक सैकड़ों छात्र, उनके अभिभावक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे युवा किताबें खरीदने पहुंचते हैं। इस गली को खास बनाने वाली सबसे बड़ी वजह है यहां मिलने वाली रियायत — कई किताबें बाजार की तय कीमत से 50 प्रतिशत तक सस्ती मिल जाती हैं, जो सीमित बजट वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत साबित होती है।

## एक छत के नीचे हर परीक्षा की किताब
इस गली की खूबी सिर्फ सस्ती किताबों तक सीमित नहीं है। यहां पढ़ाई के लगभग हर पड़ाव के लिए सामग्री मौजूद रहती है। कक्षा 1 की पाठ्यपुस्तकों से शुरू होकर रेलवे, SSC, बैंकिंग, UPSC, JPSC, BPSC, NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी किताबें आसानी से मिल जाती हैं। स्कूली पाठ्यपुस्तकों के अलावा परीक्षा गाइड, प्रश्न बैंक, मॉडल पेपर, सामान्य ज्ञान की किताबें, साहित्य, उपन्यास और बच्चों की कहानियों तक — हर श्रेणी की पुस्तक यहां पाठकों का इंतजार करती दिखती है।

## 35 से अधिक दुकानें, किताबों की कतारें
करीब 35 से ज्यादा पुस्तक दुकानों से सजी यह गली अपने आप में किताबों का खजाना है। गली में कदम रखते ही चारों ओर किताबों की लंबी कतारें नजर आती हैं। यही वजह है कि किताबों से लगाव रखने वाले लोग और पढ़ाई करने वाले छात्र इसे किसी स्वर्ग से कम नहीं मानते। यहां कीमत कम होने के साथ-साथ विकल्पों की भरमार है, जिससे हर तरह के पाठक को अपने मतलब की किताब मिल जाती है।

## व्यवस्थित तरीके से सजी किताबें
इतनी बड़ी संख्या में किताबें होने के बावजूद यहां ढूंढना मुश्किल नहीं होता। दुकानों में पुस्तकों को विषय, कक्षा और परीक्षा के हिसाब से इस तरह करीने से रखा जाता है कि ग्राहक को अपनी जरूरत की किताब झट से मिल जाए। अगर कोई छात्र किसी खास पुस्तक का नाम बता दे, तो दुकानदार लाखों किताबों के बीच से कुछ ही मिनटों में उसे निकालकर थमा देते हैं। बरसों के अनुभव और किताबों की गहरी समझ के चलते यहां के दुकानदार छात्रों को सही पुस्तक चुनने में सलाह भी देते हैं।

## देश के नामी प्रकाशकों की पुस्तकें
इस गली में देश के प्रमुख प्रकाशन घरानों की किताबें भी आसानी से उपलब्ध रहती हैं। NCERT, Arihant, Kiran Publication, Lucent, McGraw Hill, S. Chand, Oxford, Penguin, Rajkamal Prakashan, Bharati Bhawan और Prabhat Prakashan जैसे जाने-माने नामों की पुस्तकें यहां मिल जाती हैं। कई दुकानदार किताबें सीधे प्रकाशकों और वितरकों से मंगाते हैं, यही कारण है कि दाम तुलनात्मक रूप से कम रहते हैं और छात्रों के सामने ज्यादा विकल्प खुलते हैं।

## सिर्फ जमशेदपुर तक सीमित नहीं
इस बाजार की धाक केवल जमशेदपुर तक नहीं है। झारखंड के अलग-अलग जिलों के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार से भी लोग यहां किताबें खरीदने आते हैं। दुकानदार बताते हैं कि देश के विभिन्न हिस्सों से नई-नई किताबें लगातार पहुंचती रहती हैं, जिससे छात्रों को लेटेस्ट एडिशन और अपडेटेड स्टडी मैटीरियल मिलता रहता है।

## डिजिटल दौर में भी कायम है रौनक
ऑनलाइन पढ़ाई और ई-बुक्स के इस जमाने में भी यह गली ज्ञान के एक मजबूत केंद्र के रूप में टिकी हुई है। कम कीमत, किताबों की विशाल वैरायटी और अनुभवी दुकानदारों की मदद इसे अलग पहचान देती है। प्रतियोगी परीक्षाओं में कामयाबी और उज्ज्वल भविष्य का सपना देखने वाले हजारों युवाओं के लिए यह गली महज एक बाजार नहीं, बल्कि उनके सपनों को उड़ान देने वाली एक अहम जगह बन चुकी है।

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