कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी इंटर कॉलेज में DIOS की छापेमारी के दौरान 55 में से सिर्फ 8 छात्र उपस्थित मिले और प्रधानाचार्य के कक्ष में ताला लगा पाया गया कानपुर के पांडु नगर स्थित इंटर कॉलेज में जिला विद्यालय निरीक्षक के औचक निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई। स्कूल से प्रधानाचार्य सहित कई शिक्षक और कर्मचारी गैरहाजिर मिले, जिसके बाद वेतन रोकने और अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के अंतर्गत पांडु नगर क्षेत्र में संचालित गणेश शंकर विद्यार्थी इंटर कॉलेज में 20 अगस्त को जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक व्यवस्था की बेहद गंभीर लापरवाही सामने आई है। औचक निरीक्षण के समय विद्यालय में नामांकित कुल 55 विद्यार्थियों में से केवल 8 छात्र ही कक्षा में मौजूद पाए गए। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई कक्षाओं के कमरे पूरी तरह खाली पड़े हुए थे। इस प्रशासनिक ढिलाई के बीच संस्था प्रमुख यानी प्रधानाचार्य भी अपने दायित्व स्थल से अनुपस्थित पाए गए और उनके आधिकारिक कार्यालय पर ताला लगा हुआ था। निरीक्षण के लिए पहुंचे जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवीण कुमार तिवारी विद्यार्थियों की इतनी कम संख्या और परिसर का नजारा देखकर स्तब्ध रह गए। उन्होंने प्रधानाचार्य बीके मिश्रा के कक्ष पर ताला लगा देखकर उनसे दूरभाष के माध्यम से संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन अपनी अनुपस्थिति को लेकर प्रधानाचार्य कोई भी संतोषजनक कारण प्रस्तुत नहीं कर सके। क्लास दर क्लास खाली मिले कमरे और नदारद रहे विद्यार्थी जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा कक्षावार उपस्थिति पंजिका और भौतिक उपस्थिति के मिलान के दौरान आंकड़ों का चौंकाने वाला चित्र सामने आया। विद्यालय की प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं में छात्रों की उपस्थिति शून्य के बराबर दर्ज की गई। निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार • कक्षा 6: इस कक्षा में कुल 2 छात्र पंजीकृत थे, लेकिन निरीक्षण के समय दोनों ही अनुपस्थित पाए गए। • कक्षा 7: नामांकित छात्रों में से एक भी विद्यार्थी विद्यालय में उपस्थित नहीं मिला। • कक्षा 8: यहां 3 छात्र पंजीकृत थे, परंतु उपस्थिति पंजिका पर उपस्थिति शून्य दर्ज हुई। • कक्षा 9: इस वर्ग में नामांकित 7 विद्यार्थियों में से केवल 1 छात्र ही पढ़ाई के लिए उपस्थित था। • कक्षा 10: बोर्ड परीक्षा से जुड़ी इस कक्षा में पंजीकृत 6 छात्रों में से कोई भी छात्र मौजूद नहीं था। • कक्षा 11: नामांकित 17 छात्रों में से महज 2 विद्यार्थी ही अपनी-अपनी सीटों पर बैठे मिले। • कक्षा 12: वरिष्ठ श्रेणी के 19 पंजीकृत विद्यार्थियों में से केवल 5 छात्र ही स्कूल आए थे। इस तरह पूरी संस्था में पंजीकृत 55 विद्यार्थियों की तुलना में मौके पर मात्र 8 बच्चे ही शिक्षा ग्रहण करते हुए पाए गए, जो विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक निगरानी पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। शिक्षकों और कर्मचारियों की सामूहिक गैरहाजिरी पर बड़ा खुलासा निरीक्षण अभियान के दौरान न केवल विद्यार्थियों की उपस्थिति बेहद निराशाजनक पाई गई, बल्कि विद्यालय के शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ की भारी गैरहाजिरी भी उजागर हुई। संस्था के प्रधानाचार्य बीके मिश्रा के अतिरिक्त सहायक अध्यापक हरिनारायण त्रिवेदी तथा सहायक अध्यापक अनूप तिवारी भी ड्यूटी समय के दौरान विद्यालय परिसर से गायब पाए गए। जांच के क्रम में एक और गंभीर अनियमितता तब देखने को मिली जब सहायक अध्यापक कुलदीप यादव की उपस्थिति पंजिका की पड़ताल की गई। पंजिका में उनके हस्ताक्षर दर्ज थे, लेकिन जब अधिकारियों ने भौतिक रूप से परिसर की जांच की तो कुलदीप यादव विद्यालय में मौजूद नहीं थे। उपस्थिति रजिस्टर में दस्तखत करने के बावजूद गायब रहने के इस मामले को अधिकारियों ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। इसके अलावा गैर-शैक्षणिक वर्ग में कार्यरत लिपिक एवं परिचारक विभूति पांडेय तथा जय कुमार तिवारी भी निरीक्षण के दौरान गैरहाजिर पाए गए। विद्यालय की संविदा व्यवस्था के तहत कार्यरत कर्मचारी अजय कुमार और कुमारी प्राश्री देवी भी अपने तय समय पर संस्थान में उपस्थित नहीं थे। वेतन रोकने के आदेश और अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति विद्यालय परिसर में व्याप्त इस अराजकता, कम उपस्थिति तथा शिक्षकों की अनुपस्थिति का संज्ञान लेते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवीण कुमार तिवारी ने सख्त कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए हैं। निरीक्षण के उपरांत अधिकारियों ने मामले की रिपोर्ट तैयार कर लापरवाह कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। प्रशासकीय निर्देशों के तहत प्रधानाचार्य बीके मिश्रा के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के लिए उच्च अधिकारियों को संस्तुति भेजी गई है। इसके साथ ही 20 अगस्त को औचक निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए समस्त अध्यापकों, लिपिकों, परिचारकों और संविदा कर्मचारियों का अगस्त माह का वेतन अग्रिम आदेशों तक तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में अध्यापकों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना अनिवार्य है, और विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली किसी भी लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसका आप पर असर भारत में: यह कार्रवाई दर्शाती है कि सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में अध्यापकों और स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग औचक निरीक्षण और सख्त दंडात्मक कदम उठा रहा है। कानपुर में: पांडु नगर और आसपास के अभिभावकों को अपने बच्चों के विद्यालयों में शैक्षणिक अनुशासन और शिक्षकों की जवाबदेही तय होने का सीधा लाभ मिलेगा। सवाल-जवाब 1. कानपुर के किस स्कूल में DIOS ने औचक निरीक्षण किया? जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवीण कुमार तिवारी ने कानपुर के पांडु नगर स्थित गणेश शंकर विद्यार्थी इंटर कॉलेज में 20 अगस्त को औचक निरीक्षण किया। 2. निरीक्षण के दौरान 55 पंजीकृत छात्रों में से कितने उपस्थित मिले? कुल 55 पंजीकृत छात्रों में से निरीक्षण के समय केवल 8 छात्र ही विद्यालय में उपस्थित पाए गए। 3. प्रधानाचार्य और अध्यापकों के खिलाफ क्या दंडात्मक कार्रवाई की गई? प्रधानाचार्य बीके मिश्रा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है और अनुपस्थित अध्यापकों तथा कर्मचारियों का अगस्त महीने का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है। 4. कौन से शिक्षक हस्ताक्षर करने के बावजूद स्कूल में नहीं मिले? सहायक अध्यापक कुलदीप यादव की उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर दर्ज थे, लेकिन भौतिक निरीक्षण के दौरान वह स्कूल परिसर में उपस्थित नहीं मिले। https://trendkia.com/education/kanpur-ke-ganesh-shankar-vidyarthi-inter-college-men-dios-ki-chhapemari-ke-daurana-55-men-se-sirpha-8-chhatra-upasthita-mile-aura--19257 TrendKia — Har trend, sabse pehle.