लखनऊ के केजीएमयू हॉस्टलों में मेस से नॉनवेज हटा, जांच में मिली गड़बड़ियों के बाद फैसला केजीएमयू ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में हुए निरीक्षण के बाद सभी 18 हॉस्टलों के मेस में नॉनवेज बनाने पर रोक लगा दी है, हालांकि छात्र बाहर से मंगाकर या बाहर जाकर नॉनवेज खा सकते हैं। राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी यानी केजीएमयू के हॉस्टलों में अब छात्रों को मेस के खाने में नॉनवेज नहीं मिलेगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपने सभी हॉस्टलों के मेस में नॉनवेज पकाने पर रोक लगा दी है। यह फैसला अचानक नहीं आया, बल्कि हाल ही में हुई एक जांच के बाद लिया गया है। दीक्षांत समारोह के दौरान सामने आई गड़बड़ी केजीएमयू में हाल ही में 22वां दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ था, जिसकी अध्यक्षता राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की। इस मौके पर राज्यपाल ने बताया कि राजभवन की टीम ने पहले यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों का निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण के दौरान टीम को कुछ मेस में नॉनवेज खाना बनते हुए मिला। इतना ही नहीं, कुछ जगहों पर तो ऐसे मसाले भी मिले जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। इन खामियों को देखने के बाद राज्यपाल ने खाने की क्वालिटी सुधारने और मेस की व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर दिया। अब सभी 18 हॉस्टलों में सिर्फ शाकाहारी भोजन राज्यपाल की इस टिप्पणी के बाद केजीएमयू प्रशासन हरकत में आया और यूनिवर्सिटी के सभी 18 हॉस्टलों के मेस में नॉनवेज न बनाने का फैसला ले लिया। यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता प्रो. के.के. सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह सूचना सभी हॉस्टलों तक पहुंचा दी गई है और अब मेस में नॉनवेज बनाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। छात्रों के खाने की पसंद पर पूरी पाबंदी नहीं हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि छात्र अब नॉनवेज बिल्कुल नहीं खा सकते। अगर किसी छात्र को नॉनवेज खाना है तो वह बाहर से मंगाकर या खुद बाहर जाकर खा सकता है। यह रोक सिर्फ हॉस्टल के मेस के अंदर नॉनवेज पकाने पर लगाई गई है, छात्रों की निजी पसंद पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। इसका आप पर असर • भारत में: मेडिकल कॉलेजों और हॉस्टलों में खाने की क्वालिटी और मेस की सफाई को लेकर निगरानी बढ़ने का यह एक उदाहरण है, जिससे आगे दूसरे संस्थानों में भी ऐसी जांच हो सकती है। • लखनऊ में: केजीएमयू के 18 हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों को अब मेस में नॉनवेज नहीं मिलेगा, हालांकि वे बाहर से मंगाकर या बाहर जाकर नॉनवेज खा सकते हैं। सवाल-जवाब 1. केजीएमयू के हॉस्टलों में नॉनवेज बैन क्यों किया गया? राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में हुए निरीक्षण में कुछ मेस में नॉनवेज खाना बनते और एक्सपायर मसाले मिलने के बाद यह फैसला लिया गया। 2. यह फैसला किसने लिया? राज्यपाल की टिप्पणी के बाद केजीएमयू प्रशासन ने सभी 18 हॉस्टलों के मेस में नॉनवेज न बनाने का फैसला लिया। 3. क्या अब छात्र बिल्कुल नॉनवेज नहीं खा सकते? नहीं, छात्र बाहर से मंगाकर या बाहर जाकर नॉनवेज खा सकते हैं, रोक सिर्फ हॉस्टल मेस के अंदर पकाने पर लगाई गई है। 4. यह बात सामने कैसे आई? यह जानकारी केजीएमयू के 22वें दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने खुद बताई थी। 5. निरीक्षण में और क्या गड़बड़ी मिली? कुछ मेस में ऐसे मसाले भी मिले जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। 6. यह नियम कितने हॉस्टलों पर लागू होगा? यह नियम केजीएमयू के सभी 18 हॉस्टलों के मेस पर लागू होगा। https://trendkia.com/education/lakhanau-ke-kgmu-hostalon-men-mesa-se-nonaveja-hata-jancha-men-mili-garabariyon-ke-bada-phaisala-7542 TrendKia — Har trend, sabse pehle.