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  "type": "article",
  "title": "नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों में पकड़े गए बेकसूर छात्रों को तत्काल रिहा करने का सर्वोच्च अदालत का निर्देश",
  "summary": "देश भर में नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए आक्रामक प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई पर सर्वोच्च अदालत ने फैसला दिया है। अदालत ने बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले हिरासत में लिए गए सभी छात्रों को तुरंत छोड़ने के निर्देश दिए हैं।",
  "content": "नीट परीक्षा पेपर लीक मामले के खिलाफ देश भर में हुए विरोध प्रदर्शनों पर सर्वोच्च अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने पुलिस हिरासत या गिरफ्तारी में लिए गए उन सभी छात्रों को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया है, जिनके खिलाफ पहले से कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। यह आदेश राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन के दौरान की गई पुलिस कार्रवाई पर लागू होगा।\n\nदेश भर में फूटा था गुस्सा और हुईं सैकड़ों गिरफ्तारियां\nनीट परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के आरोपों के बाद देश के कई राज्यों में बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू हुआ था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों के बाद कई स्थानों पर कड़ी कार्रवाई की गई। बिहार में आयोजित राज्यव्यापी बंद के दौरान प्रदर्शन कर रहे 400 से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। पटना में प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे तेज प्रताप को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था।\n\nप्रयागराज में हंगामा और राजनीतिक लामबंदी\nउत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित सिविल लाइंस इलाके में भी नीट अभ्यर्थियों और छात्रों ने जमकर नारेबाजी की थी। वहां तोड़फोड़ और अभद्रता के आरोपों में 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जिनमें समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी शामिल थे। इन गिरफ्तारियों के विरोध में स्थानीय जनप्रतिनिधि और विधायक हिरासत में लिए गए लोगों को छुड़ाने पुलिस थाने पहुंचे थे।\n\nमामले वापस लेने की घोषणा और सीबीआई की कार्रवाई\nछात्र संगठनों की कड़ी चेतावनी और बढ़ते जनाक्रोश के बीच बिहार सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और हिरासत में लिए गए युवाओं को रिहा करने का निर्णय लिया है। वहीं दूसरी ओर, नीट पेपर लीक की मूल साजिश की जांच कर रही सीबीआई ने कार्रवाई तेज कर दी है। अदालत ने मामले के दो मुख्य आरोपियों को 10 दिनों की रिमांड पर भेजा है, जिससे इस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 8 हो गई है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत भर में: नीट प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए बिना आपराधिक पृष्ठभूमि वाले छात्रों को तुरंत राहत मिलेगी और उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस होंगे।\n• बिहार और उत्तर प्रदेश में: स्थानीय पुलिस स्टेशनों और जेलों में बंद दर्जनों प्रदर्शनकारियों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सुप्रीम कोर्ट ने नीट प्रदर्शनकारियों के संबंध में क्या आदेश दिया है?\nशीर्ष अदालत ने उन सभी छात्रों को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है जिन्हें प्रदर्शन के दौरान पकड़ा गया था और जिन पर पहले से कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।\n\n2. बिहार में नीट पेपर लीक प्रदर्शनों के दौरान कितनी गिरफ्तारियां हुई थीं?\nबिहार बंद और प्रदर्शनों के दौरान 400 से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया या गिरफ्तार किया था।\n\n3. प्रयागराज में किन आरोपों के तहत गिरफ्तारियां की गईं?\nप्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके में प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और अभद्रता के आरोपों में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।\n\n4. नीट पेपर लीक की मुख्य जांच में अब तक कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं?\nसीबीआई जांच के तहत अब तक कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।",
  "url": "https://trendkia.com/education/neet-pepara-lika-virodha-pradarshanon-men-pakare-gae-bekasura-chhatron-ko-tatkala-riha-karane-ka-sarvochcha-adalata-ka-nirdesha-11290",
  "category": "शिक्षा",
  "publishedAt": "2026-07-28",
  "tags": [
    "नीट पेपर लीक",
    "सुप्रीम कोर्ट",
    "छात्र प्रदर्शन",
    "जंतर मंतर",
    "सीबीआई जांच",
    "प्रयागराज",
    "बिहार बंद"
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  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
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