# नीट फर्जीवाड़ा: लखीसराय में 30 संदिग्धों से पूछताछ, ईओयू की रडार पर बड़े मास्टरमाइंड

> नीट पुनर्परीक्षा मामले में लखीसराय के तेतरहाट थाने में ईओयू की टीम 30 गिरफ्तार आरोपियों से मैराथन पूछताछ कर रही है, जिससे मास्टरमाइंड्स की पहचान होने की उम्मीद है।

**Type:** article · **Category:** शिक्षा · **Published:** 2026-07-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/education/nita-pharjivara-lakhisaraya-men-30-sndigdhon-se-puchhatachha-eou-ki-radara-para-bare-mastaramainda-6605 · **Language:** Hindi
**Tags:** नीट घोटाला, लखीसराय, ईओयू, बिहार, पुनर्परीक्षा, मेडिकल परीक्षा

नीट (NEET-UG) पुनर्परीक्षा में सामने आए गंभीर फर्जीवाड़े की जांच को लेकर बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने अपना शिकंजा और अधिक कस लिया है। लखीसराय स्थित तेतरहाट थाने के भीतर, ईओयू के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लो की अगुवाई में जांच दल बेहद सक्रिय है। वहां 30 गिरफ्तार संदिग्धों से लगातार 7 घंटों से गहन पूछताछ की जा रही है। इस दौरान लखीसराय की एसपी प्रेरणा कुमार और ईओयू की पूरी टीम मौके पर मौजूद रही है, जो बारीकी से साक्ष्यों को खंगालने का कार्य कर रही है। हालांकि, जांच की संवेदनशीलता और मामले की गंभीरता के चलते, डीआईजी ने फिलहाल मीडिया के समक्ष कोई भी औपचारिक जानकारी देने या ब्रीफिंग करने से मना कर दिया है। अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि इस गोपनीय पूछताछ के बाद पूरे सॉल्वर सिंडिकेट का संचालन करने वाले असली मास्टरमाइंड्स का पर्दाफाश हो सकता है।

## पुनर्परीक्षा के दौरान खुला बड़ा फर्जीवाड़ा
यह पूरी कानूनी कार्रवाई 21 जून 2026 को आयोजित की गई नीट (UG) पुनर्परीक्षा के दौरान हुए खुलासों की अगली कड़ी है। लखीसराय के परीक्षा केंद्रों पर उस दिन बड़ी संख्या में पुलिस बल ने दबिश दी थी, जहाँ 9 फर्जी स्कॉलर्स को असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते हुए रंगे हाथों दबोचा गया था। शुरुआती जांच में चौंकाने वाले तथ्य निकलकर सामने आए कि पकड़े गए ज्यादातर स्कॉलर्स खुद मेडिकल के फर्स्ट और सेकेंड ईयर के छात्र हैं। इन छात्रों को पैसों के बदले असली उम्मीदवारों की जगह परीक्षा हॉल में बैठने का काम सौंपा गया था। इस नेटवर्क की गहराई और जटिलता को देखते हुए अब जांच का दायरा काफी बढ़ चुका है, और इसमें शामिल कुछ प्रमुख डॉक्टरों की भूमिका भी संदेह के दायरे में है।

## लाखों की डील और मोटी रकम का खेल
जांच के दौरान स्पष्ट हुआ है कि यह कोई मामूली चूक नहीं, बल्कि एक बेहद संगठित गिरोह का काम है। यह गिरोह उम्मीदवारों को परीक्षा पास कराने का लालच देकर उनसे भारी-भरकम राशि वसूलता था। इनका काम करने का तरीका भी फिक्स था, जिसमें आधी रकम एडवांस के रूप में ली जाती थी, जबकि बाकी पैसा परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने के बाद वसूला जाता था।

## बायोमैट्रिक डेटा और परीक्षा केंद्र की मिलीभगत
ईओयू अब इस बात की तह तक जा रही है कि इतने कड़े बायोमैट्रिक सुरक्षा घेरे के बावजूद फर्जी स्कॉलर्स परीक्षा केंद्र के भीतर दाखिल कैसे हुए। जांच टीम का मानना है कि इसके लिए केंद्र के बायोमैट्रिक कर्मियों और अन्य सहयोगियों की मिलीभगत रही होगी। वर्तमान में 9 स्कॉलर्स से शुरू हुई इस कड़ी के बाद अब करीब 30 मददगारों को शिकंजे में लिया गया है।

## पीएमसीएच द्वारा बड़ी कार्रवाई
इस बीच, नीट-यूजी 2026 के इस घोटाले में पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) प्रशासन ने भी 9 जुलाई 2026 को एक बड़ा कदम उठाया है। लखीसराय के किऊल थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर और स्वास्थ्य विभाग के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए, कॉलेज प्रशासन ने एमबीबीएस छात्र अश्विनी कुमार का नामांकन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, उसका हॉस्टल आवंटन भी तुरंत प्रभाव से रद्द किया गया है। प्राचार्या डॉ. गीता सिन्हा ने जानकारी दी कि समाचार पत्रों में प्रकाशित तस्वीरों, नामांकन रिकॉर्ड और मोबाइल नंबरों के सत्यापन के बाद यह निर्णय लिया गया। जांच में यह भी पता चला कि घटना के दिन आरोपी छात्र अपनी विशेष कक्षाओं से अनुपस्थित था। अश्विनी पर आरोप है कि उसने बायोमेट्रिक कर्मचारी के साथ सांठगांठ की और पहचान की प्रक्रिया को प्रभावित किया। कॉलेज प्रशासन ने साफ किया है कि ईओयू की जांच के बाद यदि आरोप पूरी तरह सिद्ध हो जाते हैं, तो छात्र का नामांकन स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं में सुरक्षा और बायोमैट्रिक प्रोटोकॉल की सख्त निगरानी बढ़ सकती है, जिससे भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर डिजिटल वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।

**लखीसराय में:** स्थानीय छात्रों और अभिभावकों को परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और पुलिस चेकिंग का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि प्रशासन अपनी साख बचाने के लिए सतर्क है।

## सवाल-जवाब

### 1. नीट फर्जीवाड़ा मामले में लखीसराय में क्या हो रहा है?
लखीसराय के तेतरहाट थाने में ईओयू की टीम 30 संदिग्धों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि सिंडिकेट के मास्टरमाइंडों का पता लगाया जा सके।

### 2. यह मामला किस परीक्षा से संबंधित है?
यह मामला 21 जून 2026 को आयोजित नीट (UG) पुनर्परीक्षा से संबंधित है।

### 3. कितने फर्जी स्कॉलर्स को पकड़ा गया था?
लखीसराय के परीक्षा केंद्रों से 9 फर्जी स्कॉलर्स को दूसरे परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया था।

### 4. पीएमसीएच ने किस छात्र के खिलाफ कार्रवाई की है?
पीएमसीएच प्रशासन ने मेडिकल छात्र अश्विनी कुमार का नामांकन और हॉस्टल आवंटन निलंबित कर दिया है।

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