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  "type": "article",
  "title": "पदक जीतकर स्कूल का मान बढ़ाया, फीस देरी पर कक्षा से निकाला, अब Arjun Convent को कलेक्टर का नोटिस",
  "summary": "राजगढ़ के बोड़ा स्थित Arjun Convent Higher Secondary School पर राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके छात्र विकास मंडलोई को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और अवैध शुल्क वसूलने के आरोप लगे हैं। कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा ने स्कूल को तीन दिन में जवाब देने का नोटिस जारी किया है और दो लाख रुपए तक के जुर्माने की चेतावनी दी है।",
  "content": "कलेक्टर का नोटिस, दो लाख के जुर्माने की तलवार\nराजगढ़ जिले के कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा ने बोड़ा स्थित Arjun Convent Higher Secondary School को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्कूल से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है और पूछा गया है कि अधिनियम के तहत स्कूल पर दो लाख रुपए तक की शास्ति क्यों न लगाई जाए। जवाब नहीं आने पर प्रशासन की तरफ से कार्रवाई की जाएगी।\n\nकलेक्टर ने नोटिस में स्पष्ट किया कि शिकायत की जांच में छात्र के मानसिक उत्पीड़न, फीस संबंधी दबाव, स्टाफ के आचरण में लापरवाही और शासन के आदेशों की अवहेलना जैसे तथ्य सामने आए हैं। यह नोटिस तब आया जब छात्र ने बोड़ा थाने, जिला शिक्षा अधिकारी और सीधे कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपी।\n\nटूर्नामेंट में जीते पदक, फिर भी मिला अपमान\nग्राम मंडावर के रहने वाले विकास मंडलोई नर्सरी से इसी स्कूल में पढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने विभिन्न टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर स्कूल का नाम ऊंचा किया और कई पदक भी हासिल किए। लेकिन जब आर्थिक तंगी की वजह से फीस समय पर जमा नहीं हो पाई, तो उन्हें कक्षा से बाहर खड़ा रखा गया। बाद में परीक्षा देने की इजाजत दी गई, मगर तीन हजार रुपए विलंब शुल्क भी भरना पड़ा।\n\nविकास ने एक और गंभीर आरोप लगाया कि वे खुद के वाहन से स्कूल आते-जाते हैं, लेकिन स्कूल ने उनसे बस शुल्क भी वसूला। विकास के मुताबिक उन्होंने स्कूल बस का इस्तेमाल महज दो दिन किया था, जब उनकी स्कूटी खराब हो गई थी। इसके बावजूद पूरे बस शुल्क की मांग की गई।\n\nढाई बीघा जमीन पर टिका पूरा परिवार\nविकास के पिता लक्ष्मीनारायण मंडलोई ने बताया कि उनका परिवार मात्र ढाई बीघा जमीन पर निर्भर है और आमदनी बेहद सीमित है। इसी वजह से कभी-कभी फीस देने में देरी हो जाती है। उनका आरोप है कि स्कूल प्रबंधन इसी परिस्थिति का फायदा उठाकर बेटे पर लगातार दबाव बनाता रहा और मानसिक रूप से परेशान करता रहा। जब वे खुद स्कूल प्रशासन से बात करने गए, तो वहां भी विवाद हो गया।\n\nशिकायत थाने से कलेक्टर दफ्तर तक पहुंची\nपूरे मामले ने अब इलाके में निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली को लेकर बहस छेड़ दी है। Arjun Convent Higher Secondary School प्रबंधन का जवाब क्या आता है और प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: देशभर के अभिभावक जान लें कि अगर कोई निजी स्कूल फीस देरी पर छात्र को कक्षा से बाहर करे या मनमाने शुल्क वसूले, तो जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर दो लाख रुपए तक के जुर्माने की कार्रवाई कराई जा सकती है।\n• राजगढ़ में: इस मामले के बाद जिले में प्रशासन निजी स्कूलों की फीस व्यवस्था और छात्रों के साथ व्यवहार पर कड़ी नजर रख सकता है, जिससे कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के परिवारों को राहत मिल सकती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. Arjun Convent स्कूल ने विकास मंडलोई के साथ क्या किया?\nफीस देरी से जमा होने पर विकास को कक्षा से बाहर खड़ा किया गया, तीन हजार रुपए विलंब शुल्क लिया गया और खुद का वाहन होने के बावजूद बस शुल्क वसूला गया।\n\n2. कलेक्टर ने स्कूल को कितने दिन में जवाब देने को कहा है?\nकलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा ने तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा है और पूछा है कि दो लाख रुपए तक की शास्ति क्यों न लगाई जाए।\n\n3. विकास के परिवार की आर्थिक स्थिति क्या है?\nउनके पिता लक्ष्मीनारायण मंडलोई का परिवार मात्र ढाई बीघा जमीन पर निर्भर है, जिससे सीमित आमदनी की वजह से फीस में कभी-कभी देरी हो जाती है।\n\n4. विकास ने शिकायत कहां-कहां दर्ज कराई?\nविकास ने बोड़ा थाने, जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर राजगढ़ तीनों को लिखित शिकायत सौंपी।",
  "url": "https://trendkia.com/education/padaka-jitakara-skula-ka-mana-barhaya-phisa-deri-para-kaksha-se-nikala-aba-arjun-1643",
  "category": "शिक्षा",
  "publishedAt": "2026-06-18",
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    "राजगढ़ स्कूल विवाद",
    "छात्र उत्पीड़न",
    "फीस विवाद",
    "कारण बताओ नोटिस",
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    "जिला शिक्षा अधिकारी",
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    "Arjun Convent"
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  "site": "TrendKia"
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