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  "title": "सात करोड़ की इनामी राशि से चित्रकूट में बनेगी 300 सीटों वाली डिजिटल लाइब्रेरी, नीति आयोग की मंजूरी",
  "summary": "चित्रकूट जिले में नीति आयोग की एंपावर्ड कमेटी ने एक नई डिजिटल लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर की परियोजना को मंजूरी दे दी है, जिसे आकांक्षी जिलों की रैंकिंग में मिली सात करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि से बनाया जाएगा। यहां एक साथ करीब 300 छात्र-छात्राएं बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे।",
  "content": "उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं को जल्द एक नई डिजिटल लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर की सुविधा मिलने वाली है। नीति आयोग की एंपावर्ड कमेटी ने इस परियोजना को हरी झंडी दे दी है, जिससे लंबे समय से जगह और संसाधनों की कमी झेल रहे युवाओं को राहत मिलेगी।\n\nपहले जिले के ज्यादातर छात्र किसी निजी लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटर या फिर घर पर बैठकर ही परीक्षा की तैयारी करने को मजबूर थे। स्कूल कॉलेज पूरा कर चुके और सरकारी नौकरियों की तैयारी में जुटे ऐसे कई युवाओं के लिए सही माहौल न मिलना सबसे बड़ी अड़चन बना रहता था। इसी कमी को भांपते हुए जिला प्रशासन ने कुछ समय पहले अपनी एक लाइब्रेरी शुरू की थी। लेकिन जैसे-जैसे इसकी जानकारी फैली, वहां आने वाले छात्रों की तादाद बढ़ती चली गई और महज 100 सीटों वाली यह लाइब्रेरी जल्द ही छोटी पड़ गई, जिससे बहुत से युवा वहां बैठने की जगह ही नहीं पा सके।\n\nअब बनेगी एक और आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी\nइसी कमी को दूर करने के लिए चित्रकूट के जिलाधिकारी ने अब एक दूसरी और ज्यादा उन्नत सुविधा तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं, एक ऐसी डिजिटल लाइब्रेरी जिसके साथ कोचिंग सेंटर भी जुड़ा होगा। नीति आयोग की एंपावर्ड कमेटी से मंजूरी मिलने के बाद अधिकारियों का कहना है कि निर्माण पूरा होते ही चित्रकूट के सैकड़ों छात्रों को इसका सीधा फायदा मिलेगा और वे नई किताबों तथा तकनीक की मदद से परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।\n\nसात करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि से होगा निर्माण\nइस परियोजना के लिए पैसा कहां से आएगा, इसकी कहानी भी दिलचस्प है। आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत देशभर के पिछड़े जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सुधार पर नजर रखी जाती है, और इसी पैमाने पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसी कार्यक्रम के तहत हुई डिजिटल रैंकिंग में चित्रकूट देशभर के आकांक्षी जिलों में अव्वल रहा। इसी उपलब्धि के इनाम के तौर पर नीति आयोग जिले को सात करोड़ रुपये देने जा रहा है। इस रकम को कहीं और खर्च करने के बजाय जिला प्रशासन ने इसे पूरी तरह शिक्षा पर लगाने का फैसला किया। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की पहल पर अब इसी धनराशि से अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर बनाया जाएगा।\n\nजिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताई वजह\nजिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने कहा, \"जिले में छात्रों की मांग को देखते हुए इस परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।\" उन्होंने बताया कि मौजूदा जिला लाइब्रेरी में 100 से ज्यादा छात्रों के बैठने की गुंजाइश नहीं है, जिस वजह से कई युवा पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। उनका कहना था कि नई सुविधा शुरू होते ही छात्रों के पास सिर्फ बैठने की जगह ही नहीं, बल्कि नई तकनीक से पढ़ाई करने का मौका भी होगा।\n\nछात्रों को मिलेंगी ये नई सुविधाएं\nइस आने वाली लाइब्रेरी की खास बात होगी उसकी बैठने की क्षमता। यहां एक साथ करीब 300 छात्र-छात्राएं बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे, जो मौजूदा लाइब्रेरी से करीब तीन गुना ज्यादा है। इसके अलावा यहां लगभग 10 लाख रुपये मूल्य की नई किताबें भी होंगी, जो सीधे प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी होंगी। छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा देने के लिए इसी परिसर में 50 कंप्यूटर की व्यवस्था भी की जाएगी।\n\nइसका आप पर असर\nयह खबर सीधे तौर पर चित्रकूट के छात्रों को फायदा पहुंचाएगी, लेकिन इसका एक व्यापक संदेश भी है।\n\n• भारत में: यह दिखाता है कि आकांक्षी जिलों की डिजिटल रैंकिंग में अच्छा प्रदर्शन करने पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का इस्तेमाल स्थानीय शिक्षा ढांचे को मजबूत करने में सीधे किया जा सकता है।\n• चित्रकूट में: जिले के करीब 300 छात्र-छात्राओं को एक साथ बैठने की जगह, 10 लाख रुपये की नई किताबें और 50 कंप्यूटर जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं का खर्च और परेशानी दोनों कम होगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. चित्रकूट में नई डिजिटल लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर की परियोजना को किसने मंजूरी दी?\nनीति आयोग की एंपावर्ड कमेटी ने इस परियोजना को मंजूरी दी है।\n\n2. इस परियोजना के लिए पैसा कहां से आएगा?\nचित्रकूट को आकांक्षी जिलों की डिजिटल रैंकिंग में देश में पहला स्थान मिलने पर नीति आयोग से मिली सात करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि से यह बनेगा।\n\n3. नई लाइब्रेरी में एक साथ कितने छात्र बैठ सकेंगे?\nनई डिजिटल लाइब्रेरी में एक समय में करीब 300 छात्र-छात्राएं बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे।\n\n4. मौजूदा जिला लाइब्रेरी में क्या दिक्कत है?\nमौजूदा जिला लाइब्रेरी में 100 से ज्यादा छात्रों के बैठने की क्षमता नहीं है, जिससे कई छात्र वंचित रह जाते हैं।\n\n5. नई लाइब्रेरी में और क्या सुविधाएं मिलेंगी?\nयहां प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी करीब 10 लाख रुपये की नई किताबें और 50 कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि छात्र ऑनलाइन पढ़ाई भी कर सकें।\n\n6. इस परियोजना की पहल किसने की?\nजिलाधिकारी पुलकित गर्ग की पहल पर पुरस्कार राशि का उपयोग डिजिटल लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर बनाने में किया जाएगा।",
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  "category": "शिक्षा",
  "publishedAt": "2026-07-21",
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