तेजपुर के आर्मी पब्लिक स्कूल में तरंग 2026 का भव्य शुभारंभ, 25 विद्यालयों के 800 विद्यार्थी दिखाएंगे अपनी प्रतिभा गजराज कोर द्वारा आयोजित चार दिवसीय अंतर-विद्यालय सांस्कृतिक महोत्सव तरंग 2026 का उद्घाटन तेजपुर में हुआ, जिसमें सोनितपुर जिले के 25 स्कूलों से 800 छात्र हिस्सा ले रहे हैं। असम के सोनितपुर जिले में स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल, तेजपुर में चार दिवसीय अंतर-विद्यालय सांस्कृतिक महोत्सव तरंग 2026 का औपचारिक उद्घाटन हुआ। गजराज कोर के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में जिले भर के 25 शिक्षण संस्थानों से लगभग 800 छात्र शामिल हो रहे हैं। 20 अगस्त 2026 को शुरू हुए इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं की छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारना और उनके सर्वांगीण विकास के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना है। चार दिनों तक चलने वाला यह उत्सव कला, संस्कृति, खेल भावना और बौद्धिक क्षमताओं के अनोखे संगम के रूप में आयोजित किया जा रहा है। युवा शक्ति और सृजन से समृद्ध भारत की परिकल्पना यह सांस्कृतिक महोत्सव मुख्य रूप से युवा शक्ति, संस्कृति और सृजन से नवभारत निर्माण की प्रेरणादायक अवधारणा पर आधारित है। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को किताबी पढ़ाई और कक्षा की सीमाओं से बाहर निकलकर अपनी बहुआयामी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर दिया जा रहा है। विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर छात्र न केवल अपनी कलात्मक और बौद्धिक क्षमता को तराशेंगे, बल्कि आपसी सहयोग और टीम वर्क की भावना को भी मजबूत करेंगे। समारोह का उद्घाटन और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति उद्घाटन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में गजराज कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला, AVSM, SM उपस्थित रहे। उनके साथ तेजपुर विश्वविद्यालय के कुलपति, कई जाने-माने शिक्षाविद और भाग लेने वाले 25 विद्यालयों के प्रधानाचार्य भी इस गरिमामय पल के साक्षी बने। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना के साथ की गई। इसके तुरंत बाद तरंग रोलिंग ट्रॉफी का भव्य अनावरण किया गया। यह ट्रॉफी निरंतर प्रयास, कड़ी मेहनत, उत्कृष्ट प्रदर्शन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक भावना का प्रतीक है। जीओसी का प्रेरणादायक संबोधन और जीवन मूल्य समारोह में उपस्थित युवा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला ने विद्यार्थियों को जीवन में आने वाली हर चुनौती का साहसपूर्वक सामना करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्रों से स्वतंत्र रूप से सोचने, अनुशासन अपनाने, साहस दिखाने, आलोचनात्मक सोच विकसित करने और ईमानदारी के साथ लगातार प्रयास करने का आह्वान किया। अपने संबोधन में उन्होंने प्राचीन ग्रंथों और सांस्कृतिक प्रतीकों का उल्लेख करते हुए महाभारत, रावण के दस चेहरों के सीख और आधुनिक डिजिटल युग की चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजबूत चरित्र का निर्माण और सही समय पर सही फैसले लेने की क्षमता ही विकसित भारत के भविष्य को सही दिशा दे सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परंपरा से प्रेरणा, सृजन से नवाचार और युवा शक्ति से विकसित भारत का सपना साकार होगा। सामुदायिक जुड़ाव और समावेशी विकास का संदेश तरंग 2026 केवल एक अंतर-विद्यालय प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह भारतीय सेना, उच्च शिक्षण संस्थानों और स्थानीय स्कूलों के बीच एक मजबूत और सार्थक साझेदारी का जीवंत उदाहरण है। इस आयोजन की एक खास बात यह है कि इसमें गजराज कोर द्वारा गोद लिए गए परोवा गांव के बच्चों को भी शामिल किया गया है। इससे समाज में समावेशिता और सामुदायिक विकास का सकारात्मक संदेश फैला है। चार दिनों की विविध प्रतियोगिताएं और दीर्घकालिक लक्ष्य आगामी चार दिनों में आयोजित होने वाली विभिन्न सांस्कृतिक, खेलकूद और बौद्धिक स्पर्धाओं के जरिए छात्रों में रचनात्मकता, नेतृत्व गुण, टीम वर्क, कठिन परिस्थितियों से निपटने की क्षमता और सामाजिक मेलजोल को बढ़ावा दिया जाएगा। गजराज कोर की यह पहल युवा पीढ़ी को सशक्त बनाने और विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य में प्रभावी योगदान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसका आप पर असर • भारत में: सशस्त्र बलों और शैक्षणिक संस्थानों द्वारा युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए चलाए जा रहे साझा अभियानों को बढ़ावा मिलेगा। • तेजपुर में: सोनितपुर जिले के 25 स्कूलों के 800 विद्यार्थियों और गोद लिए गांव परोवा के बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने का सीधा मौका मिला है। सवाल-जवाब 1. तरंग 2026 का आयोजन कहां और किसके द्वारा किया गया है? इसका आयोजन तेजपुर के आर्मी पब्लिक स्कूल में गजराज कोर द्वारा किया गया है। 2. तरंग 2026 में कितने स्कूल और छात्र भाग ले रहे हैं? इस चार दिवसीय आयोजन में सोनितपुर जिले के 25 स्कूलों के लगभग 800 छात्र भाग ले रहे हैं। 3. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कौन थे? गजराज कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला, AVSM, SM मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। 4. उद्घाटन समारोह में कौन सी प्रमुख गतिविधियां हुईं? समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद तरंग रोलिंग ट्रॉफी का अनावरण किया गया। 5. क्या इस आयोजन में किसी विशेष गांव के बच्चों को शामिल किया गया है? हां, गजराज कोर द्वारा गोद लिए गए गांव परोवा के बच्चों ने भी इसमें हिस्सा लिया है। प्रेरणा और सबक • चुनौतियों को स्वीकार करना: जीवन की कठिन परिस्थितियों से घबराने के बजाय उन्हें एक अवसर मानकर निडरता से सामना करें। • चरित्र और अनुशासन: सफलता के लिए तात्कालिक लाभ के बजाय मजबूत चरित्र, ईमानदारी और निरंतर प्रयास को प्राथमिकता दें। • परंपरा और आधुनिकता का संतुलन: प्राचीन मूल्यों से सीख लेते हुए डिजिटल युग की चुनौतियों का स्मार्ट और नैतिक तरीके से समाधान खोजें। • समावेशी दृष्टिकोण: व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की भावना विकसित करें। https://trendkia.com/education/tezpur-ke-army-public-school-men-tarang-2026-ka-bhavya-shubharnbha-25-vidyalayon-ke-800-vidyarthi-dikhaenge-apani-pratibha-18886 TrendKia — Har trend, sabse pehle.