# टाउन बरदौली में मेधावी छात्रों को सम्मानित कर बोले त्रिपुरा सीएम माणिक साहा, पहले अच्छा इंसान बनना जरूरी

> त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने टाउन बरदौली में मेधावी छात्रों को सम्मानित करते हुए कहा कि अच्छे नंबरों से पहले अच्छा इंसान बनना जरूरी है।

**Type:** article · **Category:** शिक्षा · **Published:** 2026-07-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/education/town-bardowali-men-medhavi-chhatron-ko-sammanita-kara-bole-tripura-siema-manik-saha-pahale-achchha-insana-banana-jaruri-8803 · **Language:** Hindi
**Tags:** त्रिपुरा, माणिक साहा, टाउन बरदौली, शिक्षा, छात्र, अच्छे संस्कार, एआई और शिक्षा

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने टाउन बरदौली विधानसभा क्षेत्र के मेधावी छात्रों को सम्मानित करते हुए कहा कि किसी भी छात्र के लिए सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनना जरूरी है, उसके बाद ही पढ़ाई में मिली सफलता असली मायने रखती है।

## मुख्यमंत्री ने क्या कहा
समारोह में मुख्यमंत्री साहा ने कहा कि सिर्फ अच्छे नंबर लाना काफी नहीं है, छात्रों में सही मूल्यों और संस्कारों का होना उतना ही जरूरी है। उन्होंने छात्रों से कहा कि शिक्षा का असली मकसद सिर्फ डिग्री या रैंक हासिल करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनना है।

## टाउन बरदौली में सम्मान समारोह
यह कार्यक्रम त्रिपुरा के टाउन बरदौली विधानसभा क्षेत्र में आयोजित हुआ, जहां मुख्यमंत्री साहा ने क्षेत्र के मेधावी छात्रों को प्रमाण पत्र देकर उनकी मेहनत की सराहना की। उन्होंने छात्रों को आगे भी पढ़ाई और अच्छे आचरण दोनों पर बराबर ध्यान देने की सलाह दी।

## देशभर में शिक्षा को लेकर बहस
मुख्यमंत्री साहा का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश के कई शिक्षाविद इसी तरह के विचार सामने रख रहे हैं। अपीजय एजुकेशन की चेयरमैन सुषमा पॉल बर्लिया ने भी कहा है कि स्कूलों का मकसद सिर्फ टॉपर बनाना नहीं बल्कि अच्छे इंसान तैयार करना होना चाहिए। एक अन्य टिप्पणी में भी अच्छे इंसान गढ़ने को शिक्षा की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया गया, जबकि अकादमिक उपलब्धि को इसका उप-परिणाम भर माना गया। मुंधे ने भी हाल में कहा कि छात्रों की असली प्रतिस्पर्धा दूसरों से नहीं बल्कि खुद से होनी चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में यह बहस भी तेज हुई है कि छात्रों को किन कौशलों की जरूरत है ताकि वे मशीनों से अलग बने रहें, और कई विशेषज्ञों का मानना है कि इंसानी सोच-समझ अब भी एआई पर भारी पड़ती है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** देशभर में स्कूलों और शिक्षाविदों के बीच यह बहस तेज हो रही है कि सिर्फ नंबरों के बजाय बच्चों में अच्छे संस्कार और मूल्य भी उतने ही जरूरी हैं, जिसका असर आने वाले समय में स्कूली नीतियों पर भी दिख सकता है।
- **त्रिपुरा में:** टाउन बरदौली क्षेत्र के मेधावी छात्रों को सीधे मुख्यमंत्री से सम्मान और प्रोत्साहन मिला, जिससे स्थानीय छात्रों और अभिभावकों का मनोबल बढ़ेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. टाउन बरदौली में यह कार्यक्रम किसने आयोजित करवाया और छात्रों को किसने सम्मानित किया?
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने टाउन बरदौली विधानसभा क्षेत्र के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया।

### 2. मुख्यमंत्री माणिक साहा ने छात्रों से मुख्य रूप से क्या कहा?
उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए सबसे पहले अच्छा इंसान बनना जरूरी है, अच्छे नंबर और सफलता उसके बाद आते हैं।

### 3. यह कार्यक्रम कहां हुआ?
यह कार्यक्रम त्रिपुरा के टाउन बरदौली विधानसभा क्षेत्र में हुआ।

### 4. क्या देश के अन्य शिक्षाविदों ने भी ऐसी ही बात कही है?
हां, अपीजय एजुकेशन की चेयरमैन सुषमा पॉल बर्लिया समेत कई शिक्षाविदों ने भी कहा है कि स्कूलों का मकसद सिर्फ टॉपर बनाना नहीं बल्कि अच्छे इंसान तैयार करना होना चाहिए।

### 5. मुंधे ने छात्रों की प्रतिस्पर्धा को लेकर क्या कहा?
मुंधे ने कहा कि छात्रों की असली प्रतिस्पर्धा दूसरों से नहीं बल्कि खुद से होनी चाहिए।

### 6. एआई के दौर में शिक्षा को लेकर क्या बहस चल रही है?
यह चर्चा हो रही है कि छात्रों को कौन से कौशल चाहिए ताकि वे मशीनों से अलग बने रहें, और कई विशेषज्ञ मानते हैं कि इंसानी सोच-समझ अब भी एआई पर भारी पड़ती है।

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