यूजीसी-नेट परीक्षा रद्द होने पर राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- एक परीक्षा ठीक से नहीं करा पा रही सरकार कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट के कुछ विषयों की परीक्षा दोबारा कराने के फैसले को लेकर केंद्र सरकार और एनटीए पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट परीक्षा के कुछ विषयों की दोबारा परीक्षा आयोजित किए जाने के हालिया फैसले को लेकर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान में एक ऐसी कार्यव्यवस्था तैयार कर दी गई है जो ढंग से एक परीक्षा तक संपन्न कराने में असमर्थ साबित हो रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों के जीवन के बहुमूल्य वर्ष छीने जा रहे हैं और जब तक देश के प्रधानमंत्री इस पूरे प्रकरण पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं देते, तब तक वह इस गंभीर विषय को लगातार उठाते रहेंगे। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश में हर दूसरे पेपर की तरह इस मामले में भी उन्हें पूरा यकीन है कि किसी भी स्तर पर कोई जवाबदेही तय नहीं की जाएगी। सितंबर महीने में इन परीक्षाओं को दोबारा देने वाले सभी छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गलती छात्रों की नहीं है, बल्कि समस्या उस सरकारी तंत्र में है जो परीक्षाएं ठीक से कराने में नाकाम रहने के बाद उल्टे अभ्यर्थियों पर ही दोष मढ़ देता है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा के दौरान गलत प्रश्नपत्र तैयार किए और पुराने सवालों को ही बार-बार दोहराया गया। हजारों की संख्या में आए अभ्यर्थियों ने इन परीक्षाओं के लिए सालों-साल कड़ी मेहनत की, भारी-भरकम आवेदन शुल्क चुकाया और अपने घरों से दूर-दराज स्थित परीक्षा केंद्रों तक लंबी यात्राएं करके पहुंचे। लेकिन अब प्रशासनिक गलतियों के कारण उन्हें सितंबर के महीने में इस पूरी कष्टदायक प्रक्रिया से फिर से गुजरना पड़ेगा। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि क्या परीक्षा आयोजित होने से पहले ही ये प्रश्नपत्र लीक हो गए थे, जिसका जवाब एनटीए आज भी नहीं दे रही है। एजेंसी अपनी गलती को मानने से साफ इनकार कर रही है और किसी भी प्रकार की जवाबदेही तय होने की उम्मीद नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल एक शुरुआत थी, यह अंतिम कदम नहीं हो सकता। एनटीए के शीर्ष नेतृत्व को भी इस गंभीर लापरवाही के लिए पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। अपने बयानों को आगे बढ़ाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने कोटा, देहरादून और प्रयागराज जैसे प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों में भी यह बात कही थी और वह इसे आगे भी कहते रहेंगे कि अब यह कोई शिक्षा व्यवस्था नहीं रह गई है। यह एक ऐसी चक्की या मशीन बन चुकी है जो युवाओं से उनका पैसा, उनके कीमती साल, उनका मानसिक स्वास्थ्य और उनका आत्मविश्वास तक छीन लेती है और बदले में उन्हें कुछ नहीं मिलता, यहां तक कि नौकरी भी नहीं। उल्लेखनीय है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जून के महीने में आयोजित की गई यूजीसी-नेट 2026 की परीक्षाओं में से अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा को रविवार को रद्द करते हुए दोबारा कराने की घोषणा की थी। परीक्षा एजेंसी ने प्रश्नपत्रों में गंभीर त्रुटियां पाए जाने और शिकायतों मिलने के बाद यह कड़ा कदम उठाया है। इसका आप पर असर भारत में: यूजीसी-नेट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे देश भर के लाखों छात्रों पर प्रशासनिक गड़बड़ियों का सीधा असर पड़ता है, जिससे उनका समय और मानसिक संतुलन प्रभावित होता है। सवाल-जवाब 1. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाया? राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसा तंत्र बना दिया है जो एक ढंग की परीक्षा तक आयोजित नहीं करा सकता और उल्टी गलतियों के लिए छात्रों को दोषी ठहराता है। 2. किन विषयों की यूजीसी-नेट परीक्षा दोबारा कराई जाएगी? एनटीए ने अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों की यूजीसी-नेट परीक्षा को दोबारा कराने की घोषणा की है। 3. परीक्षाएं क्यों रद्द की गईं? प्रश्नपत्रों में त्रुटियों की शिकायत मिलने और पुराने प्रश्न दोहराए जाने के कारण इन परीक्षाओं को रद्द किया गया है। 4. दोबारा परीक्षाएं कब आयोजित की जाएंगी? ये परीक्षाएं सितंबर के महीने में दोबारा आयोजित की जाएंगी। https://trendkia.com/education/ugc-net-pariksha-radd-hone-par-rahul-gandhi-ka-central-government-par-hamla-17567 TrendKia — Har trend, sabse pehle.