उत्तर प्रदेश में यूपीएसएसएससी पीईटी परीक्षा का आगाज, साठ जिलों में बने तेरह सौ बहत्तर केंद्र उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों के प्रारंभिक अर्हता परीक्षण की शुरुआत हो चुकी है जिसमें पैंतीस लाख से अधिक अभ्यर्थी भाग ले रहे हैं। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए साठ जिलों में तेरह सौ बहत्तर केंद्र बनाए गए हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रारंभिक अर्हता परीक्षा यानी यूपी पीईटी का आरंभ हो चुका है। राज्यभर के साठ जिलों में फैले तेरह सौ बहत्तर परीक्षा केंद्रों पर यह बड़ी प्रक्रिया संचालित की जा रही है। सरकारी विभागों में भविष्य की भर्तियों का रास्ता साफ करने वाली इस पात्रता परीक्षा के लिए पैंतीस लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है, जो इन केंद्रों पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह पूरी परीक्षा प्रक्रिया तीन अलग-अलग दिनों में छह पालियों के भीतर पूरी कराई जाएगी। तीन चरणों में परीक्षा का आयोजन • पहला दिन: पच्चीस अक्टूबर यानी आज से परीक्षा की शुरुआत हो गई है। • दूसरा दिन: तीस अक्टूबर को अगले चरण की परीक्षाएं संपन्न होंगी। • तीसरा दिन: एक नवंबर को इस पूरी प्रक्रिया का अंतिम चरण आयोजित किया जाएगा। सुरक्षा और निगरानी के कड़े प्रबंध लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, मुरादाबाद, गोरखपुर और अलीगढ़ समेत तमाम प्रमुख शहरों में बने परीक्षा केंद्रों पर नकल और धांधली रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। हर केंद्र के मुख्य द्वार पर परीक्षर्धियों की गहन तलाशी ली जा रही है ताकि किसी भी तरह की अनुचित सामग्री अंदर न जा सके। उम्मीदवारों को केंद्र के भीतर केवल एडमिट कार्ड, आधार कार्ड और पेन ले जाने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या निजी सामान को अंदर ले जाने पर सख्त पाबंदी है। छात्रों के बैग, मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य गैजेट्स को सुरक्षित रखने के लिए परिसरों में विशेष लॉकर की व्यवस्था की गई है। किसी भी गड़बड़ी की आशंका को पूरी तरह खत्म करने के लिए हर कोने पर सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी जा रही है और परीक्षार्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति भी दर्ज की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता बनाने के लिए हर केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है। इन वस्तुओं के ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध • मोबाइल फोन • पेन ड्राइव • स्मार्ट वॉच • हेडफोन • ब्लूटूथ • कैलकुलेटर • ज्वेलरी • कैमरा • पर्स समय का खास ध्यान और केंद्रों पर हलचल आज सुबह की पहली पाली की परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद, अब दूसरी पाली में शामिल होने वाले छात्र अपने तय केंद्रों की ओर रुख करने लगे हैं। दोपहर तीन बजे से शुरू होकर शाम पांच बजे तक चलने वाली इस दूसरी पाली के लिए प्रशासन ने सभी को समय पर पहुंचने की सलाह दी है। आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि परीक्षार्थी निर्धारित समय से कम से कम दो घंटे पहले केंद्र के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंच जाएं। आज सुबह परीक्षा शुरू होने से ठीक तीस मिनट पहले मुख्य द्वार बंद कर दिए जाने के कारण कुछ ऐसे अभाग्य अभ्यर्थी भी सामने आए, जो महज पांच मिनट की देरी के चलते परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह गए। दैनिक पालियों का निर्धारित समय • पहली पाली: सुबह दस बजे से दोपहर बारह बजे तक • दूसरी पाली: दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक इसका आप पर असर इस परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों अभ्यर्थियों के लिए समय की पाबंदी और सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है। • उत्तर प्रदेश में: साठ जिलों के तेरह सौ बहत्तर केंद्रों पर भारी भीड़ के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है इसलिए परीक्षार्थियों को अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करनी चाहिए। परीक्षा केंद्रों पर समय से न पहुंचने पर प्रवेश वर्जित किया जा रहा है जैसा कि आज कुछ छात्रों के साथ हुआ। • परीक्षा नियमों पर: मोबाइल फोन, ब्लूटूथ या अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं ले जाने पर सख्त पाबंदी है जिससे किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि को रोका जा सके। बायोमेट्रिक जांच और सीसीटीवी निगरानी के कारण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जा रही है। ऐसा क्यों हुआ यह परीक्षा राज्य के सरकारी विभागों में विभिन्न समूहों के पदों पर भर्ती के लिए एक अनिवार्य पात्रता मानदंड के रूप में आयोजित की जाती है। आयोग द्वारा हर साल इस बड़ी प्रक्रिया को पूरा किया जाता है ताकि योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जा सके। • अनिवार्य पात्रता: उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन होने वाली अधिकांश तृतीय श्रेणी भर्तियों के लिए इस प्रारंभिक परीक्षा को पास करना अनिवार्य शर्त माना जाता है। • पारदर्शिता और सुरक्षा: पिछली परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतों को रोकने के लिए प्रशासन ने इस बार केंद्रों पर जैमर, सीसीटीवी और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसे कड़े कदम उठाए हैं। • विशाल आवेदक संख्या: प्रदेश में रोजगार की मांग अधिक होने के कारण इस परीक्षा में हर साल लाखों बेरोजगार युवा शामिल होते हैं जिससे केंद्रों की संख्या बढ़ानी पड़ती है। सवाल-जवाब 1. यूपी पीईटी परीक्षा का आयोजन कौन करा रहा है? उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा यह परीक्षा आयोजित की जा रही है। 2. इस परीक्षा में कितने अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं? इस परीक्षा में पैंतीस लाख से अधिक उम्मीदवार हिस्सा ले रहे हैं। 3. परीक्षा के लिए कितने शहर और केंद्र बनाए गए हैं? राज्य के साठ शहरों में कुल तेरह सौ बहत्तर परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। 4. परीक्षा कितने दिनों तक चलेगी? यह परीक्षा कुल तीन दिनों में छह अलग-अलग पालियों में संपन्न होगी। 5. दूसरी पाली की परीक्षा का समय क्या है? दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक आयोजित की जा रही है। https://trendkia.com/education/uttar-pradesh-mein-upssssc-pet-exam-ka-aagaz-52944 TrendKia — Har trend, sabse pehle.