दृश्यम 3 के इंतजार में देख डालें ये 10 बेहतरीन क्राइम थ्रिलर, जिनके क्लाइमैक्स ने हिला दिए थे होश अगर आपको दृश्यम 3 का इंतजार है और आप कोई दमदार क्राइम थ्रिलर देखना चाहते हैं, तो ये 10 फिल्में आपके रोंगटे खड़े कर देंगी। पल्प फिक्शन से लेकर प्रिजनर्स तक, इन फिल्मों की कहानियां और क्लाइमैक्स इतने खतरनाक हैं कि दर्शक हैरान रह जाते हैं। क्राइम थ्रिलर शैली के दीवाने इन दिनों अजय देवगन की आने वाली फिल्म ‘दृश्यम 3’ की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। यदि आप इस फिल्म के आने से पहले किसी ऐसी धमाकेदार और रोंगटे खड़े कर देने वाली फिल्म की तलाश में हैं, जिसने वैश्विक स्तर पर दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया हो, तो आपको इन 10 बेहतरीन क्राइम थ्रिलर फिल्मों पर जरूर गौर करना चाहिए। खास बात यह है कि इनमें से कई कहानियां वास्तविक जीवन की घटनाओं से भी प्रेरित हैं जो इन्हें और अधिक डरावना बनाती हैं। पल्प फिक्शन और लॉस एंजिल्स का अंडरवर्ल्ड साल 1994 में रिलीज हुई ‘पल्प फिक्शन’ लॉस एंजिल्स के एक हिटमैन, एक बॉक्सर और कई अन्य अपराधियों की आपस में उलझी हुई कथाओं को बड़े परदे पर उतारती है। यह अपनी पैनी संवाद शैली, शानदार साउंडट्रैक और यादगार पात्रों के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती है। इस फिल्म ने अमेरिकी सिनेमा के सफर को एक नया मोड़ दिया था और दर्शकों के बीच क्राइम जॉनर की परिभाषा को नए सिरे से गढ़ा था। द गॉडफादर और माफिया का सत्ता संघर्ष यदि आपको क्राइम थ्रिलर फिल्में देखना पसंद है, तो साल 1972 की क्लासिक फिल्म ‘द गॉडफादर’ को नजरअंदाज करना नामुमकिन है। यह फिल्म युद्ध के बाद के अमेरिका की एक झलक दिखाती है, जिसमें कोरलेओन परिवार के भीतर सत्ता हासिल करने के लिए चल रहे खूनी संघर्ष को बयां किया गया है। इसमें मार्लन ब्रांडो और अल पचीनो का अभिनय असाधारण स्तर का है। फिल्म के भीतर गैंगस्टर युद्ध, भ्रष्टाचार, वफादारी और क्रूरता को जिस यथार्थवादी अंदाज में दिखाया गया है, वह पूरी तरह से सच के करीब महसूस होता है। द साइलेंस ऑफ द लैम्स और फॉरेंसिक साइंस का रोमांच साल 1991 में आई ‘द साइलेंस ऑफ द लैम्स’ अपराध और फॉरेंसिक विज्ञान की जटिल दुनिया को बहुत गहराई से उजागर करती है। इस फिल्म में एक एफबीआई ट्रेनी क्लेरिस स्टार्लिंग एक सीरियल किलर को पकड़ने के लिए जेल में बंद चालाक और कुख्यात हत्यारे तथा साइकियाट्रिस्ट डॉ. हैनिबल लेक्टर की मदद लेती है। हैनिबल लेक्टर इंसानी मांस खाने के लिए कुख्यात है और उसकी यह प्रवृत्ति दर्शकों के मन में सिहरन पैदा कर देती है। एंथनी हॉपकिंस और जोडी फोस्टर ने इस खौफनाक फिल्म में मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं और इस मास्टरपीस को कई ऑस्कर पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। सेवन और सात महापापों का खौफ साल 1995 में प्रदर्शित ‘सेवन’ (Se7en) को क्राइम जॉनर का एक बेजोड़ मास्टरपीस माना जाता है। यह कहानी एक ऐसे रिटायर होने वाले डिटेक्टिव और एक गुस्सैल नए डिटेक्टिव की है, जो एक अत्यंत बेरहम सीरियल किलर की तलाश में दर-दर भटकते हैं। उस हत्यारे के द्वारा की जाने वाली भयानक हत्याएं प्राचीन धार्मिक मान्यताओं के सात महापापों को दर्शाती हैं। फिल्म का कथानक दर्शकों के दिलों में गहरी बेचैनी भर देता है और इसका अप्रत्याशित अंत किसी के भी रोंगटे खड़े करने के लिए काफी है। हीट में पुलिस और मास्टर चोर की टक्कर साल 1995 में ही आई फिल्म ‘हीट’ एक बेहद कसी हुई और तनावपूर्ण क्राइम थ्रिलर है। इसमें एक जुनूनी पुलिस डिटेक्टिव को एक शातिर मास्टर चोर के आमने-सामने खड़ा दिखाया गया है, जो अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी और आखिरी डकैती को अंजाम देने की तैयारी कर रहा है। स्क्रीन पर अल पचीनो और रॉबर्ट डी नीरो के बीच का टकराव देखने लायक है जो इस फिल्म को एक क्लासिक का दर्जा दिलाता है। द डार्क नाइट और गोथम का जोकर फिल्म निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन ने कॉमिक बुक के एक प्रसिद्ध किरदार को फिल्म ‘द डार्क नाइट’ के जरिए एक बेहद गंभीर, यथार्थवादी और खतरनाक अपराधी के रूप में तब्दील कर दिया। इस कहानी में सुपरहीरो बैटमैन का मुकाबला सीधे तौर पर जोकर से होता है, जो पूरे गोथम शहर में अराजकता और अफरातफरी फैला देता है। अभिनेता हीथ लेजर ने इस खलनायक की भूमिका में अपने अभिनय के जरिए इतिहास रच दिया था। जोडियक और सच्ची घटनाओं का खौफ साल 2007 में आई ‘जोडियक’ पूरी तरह से सच्ची घटनाओं पर आधारित एक बेहतरीन फिल्म है। यह उन समर्पित जासूसों और अखबार के पत्रकारों की संघर्ष गाथा है जो उत्तरी कैलिफोर्निया में आतंक का पर्याय बन चुके जोडियक किलर को बेनकाब करने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं। निर्देशक डेविड फिंचर ने इस फिल्म में जुनून और अविश्वास से भरे एक बेहद तनावपूर्ण माहौल का निर्माण किया है जो दर्शकों को बांधे रखता है। नो कंट्री फॉर ओल्ड मेन और किस्मत का खेल साल 2007 की ही फिल्म ‘नो कंट्री फॉर ओल्ड मेन’ एक अकेले शिकारी की जिंदगी के इर्द-गिर्द घूमती है। इस कहानी में एक साधारण व्यक्ति को ड्रग्स की एक खतरनाक डील के दौरान लावारिस हालत में लाखों रुपए का कैश मिल जाता है, जिसके बाद एक बेरहम और सनकी हत्यारा उसका पीछा करना शुरू कर देता है। यह हिंसा, भाग्य और लाचारी पर आधारित एक अत्यंत निराशाजनक और सस्पेंस से भरी हुई फिल्म है। द डिपार्टेड और अंडरकवर जासूसों का जाल साल 2006 में रिलीज हुई फिल्म ‘द डिपार्टेड’ एक तेज रफ्तार और रोमांचक क्राइम थ्रिलर है। इसमें एक अंडरकवर पुलिस अधिकारी चुपके से आयरिश आपराधिक गिरोह के भीतर घुसपैठ कर लेता है, जबकि दूसरी तरफ एक शातिर जासूस स्टेट पुलिस फोर्स के भीतर अपनी जगह बना लेता है। ये दोनों ही किरदार अपनी असल पहचान उजागर होने से पहले एक-दूसरे की पोल खोलने और बचने की खतरनाक कोशिश में लगे रहते हैं। प्रिजनर्स और एक पिता की बेबसी साल 2013 में आई फिल्म ‘प्रिजनर्स’ दर्शकों के भीतर तक सिहरन पैदा कर देने वाली एक शानदार थ्रिलर है। इसमें एक ऐसे लाचार और बेबस पिता की कहानी को दिखाया गया है जिसकी छोटी बेटी अचानक रहस्यमय तरीके से गायब हो जाती है और पुलिस के हाथ खाली रहने पर वह खुद कानून को अपने हाथ में ले लेता है। फिल्म में ह्यू जैकमैन और जेक गिलेनहाल ने बेहद दमदार अभिनय किया है। इस पूरी कहानी के माध्यम से नैतिकता, मानवीय बेबसी और न्याय की परिभाषा जैसे गंभीर विषयों को बहुत ही प्रभावी ढंग से उठाया गया है। इसका आप पर असर इन फिल्मों को देखने से दर्शकों की सस्पेंस परखने की क्षमता और सिनेमाई समझ बेहतर होती है, जो उनके मनोरंजन के स्तर को ऊंचा उठाती है। • भारत में प्रभाव: दर्शक इन अंतरराष्ट्रीय क्लासिक्स को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आसानी से देखकर अपने वीकेंड को रोमांचक बना सकते हैं और दृश्यम 3 जैसी फिल्मों के आने से पहले अपने थ्रिलर प्रेम को संतुष्ट कर सकते हैं। • मनोरंजन प्रेमियों के लिए: फिल्म प्रेमी इन कहानियों के पेचीदा प्लॉट और मनोवैज्ञानिक पहलुओं का अध्ययन करके बेहतरीन पटकथा लेखन की बारीकियों को समझ सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ क्राइम थ्रिलर फिल्मों की लोकप्रियता और उनका गहरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव दशकों से दर्शकों को आकर्षित करता रहा है जिसके पीछे कुछ खास रचनात्मक कारण हैं। • सच्ची घटनाओं का प्रभाव: जोडियक और सेवन जैसी कई फिल्में वास्तविक जीवन के अपराधों या मानवीय स्वभाव केダーク पहलुओं पर आधारित होती हैं जो दर्शकों के साथ गहरा मानसिक जुड़ाव बनाती हैं। • दिग्गज निर्देशकों का विजन: क्रिस्टोफर नोलन, डेविड फिंचर और फ्रांसिस फोर्ड कोपोला जैसे निर्देशकों ने पारंपरिक फॉर्मूला बदलकर गहरी और यथार्थवादी कहानियां गढ़ी हैं। • मजबूत अभिनय और क्लाइमैक्स: अल पचीनो, मार्लन ब्रांडो और हीथ लेजर जैसे कलाकारों के यादगार अभिनय ने इन फिल्मों को पीढ़ियों तक याद रखने योग्य बना दिया है। सवाल-जवाब 1. दृश्यम 3 सिनेमाघरों में कब रिलीज होगी? अजय देवगन की फिल्म दृश्यम 3 आगामी 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। 2. पल्प फिक्शन फिल्म किस वर्ष आई थी? पल्प फिक्शन फिल्म साल 1994 में रिलीज हुई थी और यह लॉस एंजिल्स के अपराधियों की कहानी बयां करती है। 3. द गॉडफादर फिल्म में किन कलाकारों ने काम किया है? द गॉडफादर फिल्म में मार्लन ब्रांडो और अल पचीनो ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। 4. द साइलेंस ऑफ द लैम्स में डॉ. हैनिबल लेक्टर का किरदार क्या है? डॉ. हैनिबल लेक्टर जेल में बंद एक चालाक किलर और साइकियाट्रिस्ट है जो इंसानी मांस खाने के लिए कुख्यात है। 5. कौन सी फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है? साल 2007 में आई जोडियक फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है। https://trendkia.com/entertainment/10-best-crime-thrillers-to-watch-before-drishyam-3-that-will-leave-you-shaken-30455 TrendKia — Har trend, sabse pehle.