21 साल की उम्र में अनूप्रिया नागर ने बनाई फिल्म, नीम करोली बाबा पर आधारित 'हनुमान अंश' ने कमाए 30 करोड़ मात्र 21 साल की उम्र में अनूप्रिया नागर ने संत नीम करोली बाबा के जीवन पर फिल्म 'हनुमान अंश' का निर्माण किया। बिना किसी बड़े स्टारकास्ट और पारंपरिक प्रचार के यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 30 करोड़ रुपये की कमाई कर चुकी है। फिल्म जगत में कुछ सफलताएं ऐसी होती हैं जो अपनी अनोखी राह और संघर्ष के दम पर सभी को हैरान कर देती हैं। कुछ ऐसा ही कारनामा करके दिखाया है मात्र 21 साल की अनूप्रिया नागर ने, जिन्होंने अपनी सोच और दृढ़ संकल्प के बल पर फिल्म निर्माण की दुनिया में एक नया मुकाम हासिल किया है। यूके में रहने के दौरान उन्होंने संत नीम करोली बाबा के बारे में एक लेख पढ़ा था, जिसने उनके भीतर ऐसी जिज्ञासा जगाई कि उन्होंने इस महान संत के जीवन पर आधारित फिल्म बनाने का पक्का इरादा कर लिया। आज उनकी यह फिल्म दर्शकों के दिलों पर राज कर रही है और हर तरफ इसकी चर्चा हो रही है। विदेश से वापसी और रिसर्च का सफर अनूप्रिया नागर का जन्म मुंबई में हुआ था और उच्च शिक्षा के लिए वह यूके चली गई थीं। वहां काम करने के दौरान उनकी नजर नीम करोली बाबा से जुड़े एक लेख पर पड़ी। इस लेख को पढ़ने के बाद उनके मन में संत के जीवन और उनके दर्शन को गहराई से जानने की इच्छा पैदा हुई। इसके तुरंत बाद उन्होंने भारत लौटने का फैसला किया और देश आकर नीम करोली बाबा के जीवन पर गहन शोध शुरू कर दिया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उन्होंने बाबा के बारे में हर छोटी-बड़ी जानकारी एकत्र की और आखिरकार फिल्म ‘हनुमान अंश’ का निर्माण किया। इस तरह महज 21 साल की कम उम्र में वह देश की सबसे कम उम्र की फिल्म प्रोड्यूसर्स में शामिल हो गईं। बॉक्स ऑफिस पर जादुई कमाई और अनोखा प्रमोशन संत नीम करोली बाबा के जीवन पर बनी यह फिल्म 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। शुरुआती दो हफ्तों तक फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कोई खास प्रदर्शन नहीं किया और दर्शकों के बीच इसकी रफ्तार धीमी रही। लेकिन तीसरे हफ्ते से फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा चमत्कार दिखाया कि इसने ताबड़तोड़ कमाई करना शुरू कर दिया। फिल्म ‘हनुमान अंश’ की इस неожидан सफलता ने सभी फिल्म विश्लेषकों को चौंका दिया और कुल कमाई अब तक लगभग 30 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। बिना बड़े सितारों और रियलिटी शो के मिली बड़ी सफलता इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसे बिना किसी बड़े स्टारकास्ट या महंगे प्रचार तंत्र के रिलीज किया गया था। निर्माताओं ने अपनी फिल्म का प्रचार करने के लिए किसी भी बड़े रियलिटी शो का सहारा नहीं लिया और ना ही फिल्मी सितारों की फौज उतारी। इसके बजाय अनूप्रिया ने वृंदावन जाकर प्रेमानंद बाबा, बागेश्वर धाम और आचार्य प्रमोद से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। बिना किसी शोर-शराबे और पारंपरिक प्रमोशन के चुपचाप सिनेमाघरों में उतरी यह फिल्म आज बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ी हिट साबित हो चुकी है, जो यह साबित करती है कि सच्ची लगन और अनोखी कहानी के दम पर बिना बड़े तामझाम के भी सफलता हासिल की जा सकती है। इसका आप पर असर फिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि स्वतंत्र और कम बजट वाली फिल्में भी सही दृढ़ता के साथ बॉक्स ऑफिस पर बड़ा मुकाम हासिल कर सकती हैं। • भारत में: यह सफलता देश के युवा रचनाकारों और स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं के लिए एक बड़ा उदाहरण पेश करती है कि बिना किसी स्थापित बैनर या पारंपरिक मार्केटिंग के भी अच्छी कहानियों को दर्शक मिल सकते हैं। • मनोरंजन उद्योग पर असर: उद्योग में यह ट्रेंड मजबूत हुआ है कि भारी-भरकम स्टारकास्ट और रियलिटी शो के प्रचार के बिना भी सिर्फ विषय की ताकत और आशीर्वाद पर आधारित फिल्में दर्शकों को थियेटर तक खींच सकती हैं। सवाल-जवाब 1. फिल्म 'हनुमान अंश' की प्रोड्यूसर कौन हैं? मात्र 21 साल की अनूप्रिया नागर फिल्म 'हनुमान अंश' की प्रोड्यूसर्स में से एक हैं। 2. फिल्म 'हनुमान अंश' किस पर आधारित है? यह फिल्म महान संत नीम करोली बाबा के जीवन और दर्शन पर आधारित है। 3. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अब तक कितनी कमाई की है? इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 30 करोड़ रुपये की बंपर कमाई कर ली है। 4. फिल्म रिलीज होने की तारीख क्या थी? फिल्म 'हनुमान अंश' ने 7 अगस्त को सिनेमाघरों में दस्तक दी थी। 5. अनूप्रिया नागर ने प्रमोशन के लिए किन संतों का आशीर्वाद लिया? उन्होंने वृंदावन पहुंचकर प्रेमानंद बाबा, बागेश्वर धाम और आचार्य प्रमोद से मुलाकात की थी। प्रेरणा और सबक 21 साल की उम्र में अनूप्रिया नागर की यह सफलता महत्वाकांक्षी युवाओं और नए रचनाकारों के लिए कई अहम सबक देती है। • कम उम्र में बड़ा लक्ष्य: उम्र को कभी भी अपनी क्षमता की सीमा न मानें, यदि आपके पास स्पष्ट दृष्टिकोण है तो आप बड़े प्रोजेक्ट्स को अंजाम दे सकते हैं। • पारंपरिक तरीकों से हटना: सफलता के लिए हमेशा महंगे प्रचार तंत्र या पारंपरिक रास्तों की आवश्यकता नहीं होती, अपने विश्वास पर टिके रहना जरूरी है। • शोध और तैयारी: किसी भी नए क्षेत्र में कदम रखने से पहले उस विषय पर गहरी रिसर्च करना आपकी सफलता की नींव मजबूत करता है। https://trendkia.com/entertainment/21-sala-ki-umra-men-anupriya-nagara-ne-banai-philma-nima-karoli-baba-para-adharita-hanuman-ansh-ne-kamae-30-karora-24690 TrendKia — Har trend, sabse pehle.