# 38 साल बाद भी बरकरार है 'कर्मा' के इस देश भक्ति गीत का जादू, सुभाष घई ने फैंस को कहा धन्यवाद

> फिल्म कर्मा के सुपरहिट देशभक्ति गीत 'दिल दिया है जान भी देंगे' के 38 साल पूरे होने पर निर्देशक सुभाष घई ने खुशी जताई है और फैंस का शुक्रिया अदा किया है।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-08-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/38-sala-bada-bhi-barakarara-hai-karma-ke-isa-desha-bhakti-gita-ka-jadu-subhash-ghai-ne-phainsa-ko-kaha-dhanyavada-15603 · **Language:** Hindi
**Tags:** सुभाष घई, कर्मा, देशभक्ति गीत, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, आनंद बख्शी, कविता कृष्णमूर्ति, बॉलीवुड संगीत

भारतीय सिनेमा के इतिहास में कई ऐसे देशभक्ति गीत रचे गए हैं जो पीढ़ियों से लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। इनमें से एक विशेष गीत है ‘दिल दिया है जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए’, जो आज भी हर स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश के कोने-कोने में सुनाई देता है। इस गाने का प्रभाव और लोकप्रियता वक्त के साथ और अधिक गहरी होती गई है।

## 38 वर्षों से लोगों की जुबान पर है यह गीत
इस गाने की चिरस्थायी लोकप्रियता को देखकर इसके निर्देशक और निर्माता सुभाष घई बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी फिल्म ‘कर्मा’ का पुराना पोस्टर साझा करते हुए पुरानी यादों को ताजा किया। उन्होंने बताया कि जब साल 1986 में इस फिल्म का संगीत एल्बम जारी किया गया था, तब उस पर फिल्म के तमाम कलाकारों के साथ-साथ संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल और गीतकार आनंद बख्शी के हस्ताक्षर भी मौजूद थे। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि लगभग चार दशक बीत जाने के बाद भी यह गाना देश के हर बड़े राष्ट्रीय उत्सव पर गर्व के साथ गुनगुनाया जाता है।

## संस्कृत भाषा में भी आ चुका है नया वर्जन
सुभाष घई ने इस बात पर भी विशेष रूप से संतोष जताया कि उनकी कंपनी मुक्ता आर्ट्स ने इस गाने को संस्कृत भाषा में भी पेश किया है। खास बात यह है कि इस संस्कृत संस्करण को भी जानी-मानी गायिका कविता कृष्णमूर्ति ने ही अपनी सुरीली आवाज से सजाया है। यूट्यूब पर दर्शकों और श्रोताओं द्वारा इस नए रूप को काफी सराहा जा रहा है। सुभाष घई ने इस प्रतिष्ठित गीत को निरंतर इतना अधिक स्नेह देने के लिए समस्त प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है।

## फिल्म और संगीत से जुड़ी खास बातें
साल 1986 में रिलीज हुई बेहद सफल फिल्म ‘कर्मा’ के इस मूल हिंदी गीत को प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने संगीतबद्ध किया था, जबकि इसके भावपूर्ण बोल आनंद बख्शी की कलम से निकले थे। इस गाने को अपनी आवाज मोहम्मद अजीज और कविता कृष्णमूर्ति ने दी थी। इसके बाद, अगस्त 2023 में सुभाष घई के प्रयासों से इसका एक अनूठा संस्कृत संस्करण भी तैयार करवाया गया, जिसे आज भी लोग बड़े चाव से सुन रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. फिल्म कर्मा का यह प्रसिद्ध देशभक्ति गीत किस वर्ष रिलीज हुआ था?
यह गीत साल 1986 में रिलीज हुआ था और आज भी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है।

### 2. इस गाने के मूल गायक कौन थे?
इस गाने को मोहम्मद अजीज और कविता कृष्णमूर्ति ने अपनी आवाज दी थी।

### 3. इस गीत के संगीतकार और गीतकार कौन थे?
इस गाने का संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने तैयार किया था और इसके बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे।

### 4. इस गाने का संस्कृत वर्जन कब आया था?
सुभाष घई की पहल पर इस गाने का संस्कृत वर्जन अगस्त 2023 में रिलीज किया गया था जिसे कविता कृष्णमूर्ति ने गाया है।

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