80 की आयु में कंट्री संगीत महारानी डॉली पार्टन की विदाई, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सप्ताह के अमेरिका के ध्वज सम्मान का किया ऐलान मशहूर अमेरिकी गायिका और अभिनेत्री डॉली पार्टन का नैशविले में 80 वर्ष की आयु में कैंसर से निधन हो गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके सम्मान में अमेरिका का राष्ट्रीय ध्वज एक सप्ताह तक आधा झुका रखने का निर्देश दिया है। अद्वितीय आवाज और बेमिसाल गीतों से छह दशकों तक दुनिया भर के संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाली कंट्री संगीत की दिग्गज गायिका डॉली पार्टन का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका के नैशविले में अंतिम सांस ली। उनके भतीजे ब्रायन सीवर ने एक वीडियो संदेश साझा करते हुए इस दुखद समाचार की पुष्टि की। डॉली पार्टन के मैनेजर और परिवार के अनुसार, वह लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बहादुरी से जंग लड़ रही थीं और अंततः शांतिपूर्वक इस दुनिया से विदा हो गईं। संगीत जगत की इस महान हस्ती के चले जाने से मनोरंजन उद्योग में गहरा शोक व्याप्त है। संगीत जगत में शोक की लहर और राष्ट्रपति की श्रद्धांजलि डॉली पार्टन के निधन की खबर सामने आते ही पूरी दुनिया से उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महान कलाकार के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए घोषणा की कि डॉली पार्टन के अभूतपूर्व योगदान के सम्मान में अमेरिका का राष्ट्रीय ध्वज एक सप्ताह तक आधा झुका रहेगा। देश के सर्वोच्च स्तर से मिला यह सम्मान संगीत और संस्कृति में उनके विशाल कद को दर्शाता है। संगीत और अभिनय जगत की कई हस्तियों ने भी डॉली पार्टन की विदाई पर गहरा शोक जताया है। उनके करीबी सहयोगियों और प्रशंसकों में माइली साइरस, डायोन वॉरविक, केसी मुस्ग्रेव्स, जेन फोंडा और विंस गिल शामिल हैं। प्रसिद्ध गायिका डायोन वॉरविक ने अपने भावुक बयान में कहा, "ईश्वर ने अपने एक और प्रिय बच्चे को अपने पास बुला लिया है।" डॉली पार्टन को अपना मार्गदर्शक और गॉडमदर मानती थीं माइली साइरस, जिनके लिए यह एक व्यक्तिगत और अपूरणीय क्षति है। कैंसर से लड़ाई और अंतिम संस्कार की योजना पारिवारिक सूत्रों और मैनेजर के बयानों के अनुसार, डॉली पार्टन पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं और कैंसर से जूझ रही थीं। उन्होंने अतीत में दिए अपने साक्षात्कारों में भी इस खतरनाक बीमारी के खिलाफ अपनी जंग का जिक्र किया था। उनके जीवन में पिछला वर्ष बेहद कठिन रहा था, जब उनके पति का निधन हो गया था। अपने जीवनसाथी को खोने के गम ने उन्हें मानसिक और भावनात्मक रूप से काफी तोड़ दिया था। परिवार ने स्पष्ट किया है कि डॉली पार्टन का अंतिम संस्कार केवल निकटतम पारिवारिक सदस्यों की उपस्थिति में अत्यंत निजी तौर पर आयोजित किया जाएगा। परिवार का उद्देश्य सिंगर की आत्मा की शांति के लिए इस अंतिम विदाई को शांत और एकांत माहौल में संपन्न कराना है। उनके प्रशंसक और चाहने वाले दूर से ही अपनी प्रिय कलाकार को नमन कर रहे हैं। छह दशकों का शानदार करियर और अमर संगीत कंट्री संगीत महारानी के नाम से मशहूर डॉली पार्टन ने छह दशक लंबे अपने संगीत करियर में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए। उन्होंने 'जोलीन', 'कोट ऑफ मेनी कलर्स' और 'आई विल ऑलवेज लव यू' जैसे विश्व प्रसिद्ध और ऐतिहासिक गानों से दुनिया भर में अपनी अमिट छाप छोड़ी। उनके लिखे और गाए गानों ने न केवल संगीत के नए आयाम गढ़े, बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों के युवा कलाकारों के लिए सफलता के नए द्वार भी खोले। म्यूजिक इंडस्ट्री के अलावा उन्होंने अभिनय, व्यापार और समाजसेवा के क्षेत्र में भी अपनी बहुमुखी प्रतिभा का लोहा मनवाया। एक गायिका, गीतकार, अभिनेत्री और उद्यमी के रूप में उनका जीवन अनगिनत लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने कला के माध्यम से समाज में जो योगदान दिया, उसे सदियों तक याद रखा जाएगा। साधारण शुरुआत से वैश्विक पहचान तक का सफर डॉली पार्टन का जन्म 19 जनवरी 1946 को हुआ था और उनका पूरा नाम डॉली रेबेका पार्टन डीन था। वह एक बेहद साधारण और गरीब पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर आई थीं। उन्होंने अपने शुरुआती जीवन में कई आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन अपनी असाधारण प्रतिभा, सुरीली आवाज और अनूठी लेखन शैली के दम पर मनोरंजन जगत के सबसे बड़े मंचों पर अपनी जगह बनाई। अपनी कड़ी मेहनत और संघर्ष के बल पर डॉली पार्टन ने खुद को अमेरिकी संस्कृति के एक मजबूत स्तंभ के रूप में स्थापित किया। उनके गानों में जीवन की सच्चाई, भावनाएं और ग्रामीण जीवन की सादगी झलकती थी। उनका जाना महज एक कलाकार का जाना नहीं है, बल्कि एक ऐसे युग का अंत है जिसने वैश्विक संगीत और पॉप संस्कृति को नई दिशा दी। इसका आप पर असर • वैश्विक स्तर पर: संगीत प्रेमियों ने एक ऐसी महान हस्ती को खो दिया है जिन्होंने कंट्री संगीत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई और छह दशकों तक कई पीढ़ियों को प्रेरित किया। • अमेरिका में: देश की सांस्कृतिक धरोहर में उनके बहुमूल्य योगदान के सम्मान में पूरे सप्ताह राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। सवाल-जवाब 1. डॉली पार्टन का निधन किस उम्र में और कहां हुआ? डॉली पार्टन का निधन 80 वर्ष की आयु में अमेरिका के नैशविले में हुआ। 2. डॉली पार्टन की मौत की वजह क्या थी? डॉली पार्टन के मैनेजर और साक्षात्कारों के अनुसार, वह लंबे समय से कैंसर से जंग लड़ रही थीं और शांतिपूर्वक विदा हुईं। 3. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके सम्मान में क्या घोषणा की? राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि डॉली पार्टन के सम्मान में अमेरिका का राष्ट्रीय ध्वज एक सप्ताह तक आधा झुका रहेगा। 4. डॉली पार्टन के प्रमुख और प्रसिद्ध गाने कौन से हैं? उनके सबसे प्रसिद्ध गानों में 'जोलीन', 'कोट ऑफ मेनी कलर्स' और 'आई विल ऑलवेज लव यू' शामिल हैं। 5. डॉली पार्टन का जन्म कब हुआ था और उनका पूरा नाम क्या था? उनका जन्म 19 जनवरी 1946 को हुआ था और उनका पूरा नाम डॉली रेबेका पार्टन डीन था। प्रेरणा और सबक • साधारण पृष्ठभूमि बाधा नहीं: गरीब और साधारण परिवार में जन्म लेने के बावजूद डॉली पार्टन ने अपनी प्रतिभा और लगन के बल पर दुनिया में अपनी पहचान बनाई। • बहुमुखी प्रतिभा और दूरदर्शिता: उन्होंने सिर्फ गायन तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि लेखन, अभिनय, व्यापार और समाजसेवा में भी अपनी गहरी छाप छोड़ी। • उदारता और मार्गदर्शन: अपार सफलता पाने के बावजूद वह हमेशा जमीन से जुड़ी रहीं और अपनी गॉडमदर भूमिका व दानकार्यों से नए कलाकारों को आगे बढ़ाया। https://trendkia.com/entertainment/80-ki-ayu-men-kntri-sngita-maharani-dolly-parton-ki-vidai-rashtrapati-donald-trump-ne-eka-saptaha-ke-america-ke-dhvaja-sammana-ka--22123 TrendKia — Har trend, sabse pehle.