अभिजीत दिपके और सीजेपी पर वायरल संदेश पूरी तरह फर्जी, जावेद अख्तर ने एक्स पर किया खंडन मशहूर लेखक जावेद अख्तर ने उनके नाम से फैलाए जा रहे उस वायरल संदेश को पूरी तरह झूठा बताया है जिसमें सीजेपी और अभिजीत दिपके की आलोचना का दावा किया गया था। जाने-माने लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने इंटरनेट पर अपने नाम से फैलाए जा रहे एक मनगढ़ंत संदेश को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर सोमवार को एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए उन्होंने उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें यह प्रचारित किया जा रहा था कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके पर तीखा हमला बोला है। लेखक ने साफ कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में उनका नाम गलत तरीके से घसीटा गया है और वह संदेश सिरे से नकली है। वायरल पोस्ट में लगाए गए थे मनगढ़ंत आरोप दरअसल, डिजिटल मंचों पर प्रसारित किए जा रहे इस फर्जी नोट में दावा किया गया था कि प्रसिद्ध पटकथा लेखक ने अभिजीत दिपके के साथ-साथ सीजेपी को निशाने पर लिया है। उस फर्जी बयान में दिपके को अरविंद केजरीवाल की कठपुतली करार दिया गया था और संगठन पर भारतीय जनता पार्टी विरोधी मुहिम चलाने के गंभीर आरोप मढ़े गए थे। इस संदेश के तेजी से फैलने के बाद कई हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं, जिसके चलते अख्तर को सामने आकर सच्चाई सबके सामने रखनी पड़ी। लेखक ने विरोधियों पर कसा तंज अख्तर ने डिजिटल मंच पर लिखा कि सोशल मीडिया पर चल रहा यह संदेश पूरी तरह झूठ का पुलिंदा है। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि दिपके और सीजेपी के खिलाफ लामबंद लोगों को अपना विरोध दर्ज कराने के लिए किसी तीसरे व्यक्ति की साख चुराने की नौबत आ गई है। लेखक ने तंज भरे लहजे में इस बात पर दुख जताया कि राजनीति में विरोधियों का स्तर इस कदर गिर चुका है कि उन्हें अपने दावों को वजन देने के लिए दूसरों के नाम का सहारा लेना पड़ रहा है। सीजेपी का आंदोलन और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब अभिजीत दिपके की अगुवाई में सीजेपी चुनाव आयोग के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन कर रही है। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक नया आंदोलन छेड़ रखा है। इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत 2 अक्टूबर को मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क से हुई, जहां स्थानीय पुलिस की औपचारिक अनुमति न मिलने के बावजूद सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता जुट गए थे। मतदाता सूची संशोधन को लेकर गहराया विवाद सीजेपी की इस पूरी नाराजगी की जड़ निर्वाचन आयोग द्वारा चलाया जा रहा वोटर लिस्ट का विशेष गहन संशोधन यानी एसआईआर कार्यक्रम है। दिपके और उनके संगठन का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली और अनियमितताएं की जा रही हैं। वहीं दूसरी तरफ, चुनाव आयोग का रुख बिल्कुल स्पष्ट है कि इस विशेष अभियान का मकसद केवल मतदाता सूची को साफ-सुथरा बनाना है, ताकि फर्जी, मृत और अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाकर वास्तविक नागरिकों के नाम सुरक्षित रखे जा सकें। देशभर के शहरों में प्रदर्शन तेज करने की योजना सीजेपी ने अपने इस आंदोलन को केवल मुंबई तक सीमित न रखते हुए अन्य महानगरों में भी ले जाने की रूपरेखा तैयार की है। संगठन ने औपचारिक एलान किया है कि आने वाले दिनों में गोवा, बेंगलुरु और कोलकाता में भी इसी तरह के धरने-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा दिपके ने वापस दिल्ली लौटने की घोषणा की है और चेतावनी दी है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने पद से त्यागपत्र नहीं दिया, तो 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने 4 अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहे कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया था। इसका आप पर असर यह घटना राजनीतिक विवादों में फर्जी संदेशों के बढ़ते इस्तेमाल और मतदाता सूची संशोधन से जुड़े नागरिक अधिकारों को रेखांकित करती है। • भारत में: नागरिकों को सोशल मीडिया पर चर्चित हस्तियों के नाम से वायरल राजनीतिक दावों पर तुरंत भरोसा करने से बचना चाहिए। किसी भी संदेश को साझा करने से पहले संबंधित व्यक्ति के आधिकारिक हैंडल से पुष्टि करना बेहद जरूरी है। • मतदाताओं के लिए: चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन संशोधन अभियान के तहत हर नागरिक को अपनी मतदाता सूची की स्थिति जांचनी चाहिए। यदि आपका नाम गलत तरीके से कट गया है या संशोधन की जरूरत है, तो आयोग की आधिकारिक प्रक्रिया के तहत समय रहते दावा प्रस्तुत करें। • मुंबई और दिल्ली में: राजनीतिक प्रदर्शनों और जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित धरने के कारण यात्रियों को सुरक्षा पाबंदियों का सामना करना पड़ सकता है। प्रमुख इलाकों में पुलिस चेकिंग और संभावित जाम को ध्यान में रखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं। • अन्य शहरों में: गोवा, बेंगलुरु और कोलकाता में आने वाले दिनों में प्रदर्शनों की घोषणा से स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित हो सकता है। नागरिक स्थानीय प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों पर नजर रखें। ऐसा क्यों हुआ यह विवाद सोशल मीडिया पर एक फर्जी संदेश के प्रसार और मतदाता सूची संशोधन के विरोध में चल रहे राजनीतिक आंदोलन के टकराव से पैदा हुआ। • सीधा कारण: इंटरनेट पर एक जाली संदेश तेजी से वायरल हुआ, जिसमें जावेद अख्तर के हवाले से सीजेपी और अभिजीत दिपके की तीखी आलोचना का झूठा दावा किया गया था। इस वजह से लेखक को खुद एक्स पर आकर इस दावे का स्पष्ट खंडन करना पड़ा। • पृष्ठभूमि और परिस्थितियां: अभिजीत दिपके की कॉकरोच जनता पार्टी चुनाव आयोग के मतदाता सूची संशोधन कार्यक्रम का कड़ा विरोध कर रही है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। इस राजनीतिक तनाव के बीच फर्जी पोस्ट तैयार कर दिपके को अरविंद केजरीवाल की कठपुतली और भाजपा विरोधी एजेंडा चलाने वाला बताया गया। • प्रशासनिक कदम और अगला चरण: मुंबई में 2 अक्टूबर को बिना अनुमति प्रदर्शन और दिल्ली में 4 अक्टूबर को कार्यकर्ताओं की हिरासत के बाद तनाव बढ़ चुका है। दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफा न देने पर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी है। सवाल-जवाब 1. जावेद अख्तर ने वायरल संदेश पर क्या प्रतिक्रिया दी? जावेद अख्तर ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर चल रहा वह संदेश पूरी तरह फर्जी है और उन्होंने सीजेपी या अभिजीत दिपके की कोई आलोचना नहीं की है। 2. वायरल पोस्ट में क्या दावे किए गए थे? वायरल संदेश में दावा किया गया था कि जावेद अख्तर ने अभिजीत दिपके को अरविंद केजरीवाल की कठपुतली बताया और सीजेपी पर भाजपा विरोधी एजेंडा चलाने का आरोप लगाया। 3. सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग क्यों कर रही है? सीजेपी का आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन में गंभीर गड़बड़ियां की जा रही हैं। 4. चुनाव आयोग का वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर क्या कहना है? चुनाव आयोग के अनुसार, इस संशोधन का मकसद डुप्लिकेट, मृत और अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाकर वैध मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखना है। 5. सीजेपी ने दिल्ली में कब प्रदर्शन करने की घोषणा की है? अभिजीत दिपके ने कहा है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। https://trendkia.com/entertainment/abhijeet-dipke-aura-cjp-para-vayarala-sndesha-puri-taraha-pharji-javed-akhtar-ne-x-para-kiya-khndana-43667 TrendKia — Har trend, sabse pehle.