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  "title": "अजय देवगन और अक्षय कुमार: नब्बे के दशक के वे दो सितारे जिन्होंने खान तिकड़ी के बीच बनाई अपनी मजबूत जगह",
  "summary": "नब्बे के दशक में सिनेमाई पर्दे पर कदम रखने वाले अजय देवगन और अक्षय कुमार ने अपनी मेहनत और अभिनय के दम पर बॉक्स ऑफिस पर अपनी जो बादशाहत कायम की थी, वह आज भी उतनी ही मजबूत है।",
  "content": "जब नब्बे के दशक के शुरुआती दौर में सिल्वर स्क्रीन पर रूमानी फिल्मों का दौर चल रहा था और खान तिकड़ी का दबदबा हर तरफ था, तब साल 1991 में अजय देवगन ने ‘फूल और कांटे’ और अक्षय कुमार ने ‘सौगंध’ के जरिए अभिनय की दुनिया में कदम रखा। अजय देवगन का वह मशहूर एंट्री स्टंट, जिसमें वे दो दौड़ती हुई मोटरसाइकिलों पर सवार नजर आए थे, आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार दृश्यों में गिना जाता है। दूसरी तरफ, अक्षय कुमार ने अपनी मार्शल आर्ट्स की कला और बिना किसी बॉडी डबल के खतरनाक स्टंट करने के हुनर से दर्शकों के दिलों में तेजी से अपनी जगह बनाई। नब्बे के दशक में ‘मोहरा’, ‘दिलवाले’, ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘सुहाग’ और ‘जख्म’ जैसी फिल्मों के जरिए दोनों अभिनेताओं ने यह साफ कर दिया कि बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल करना उनके लिए भली-भांति आता है।\n\nहर दौर में खुद को साबित करने वाले अजय देवगन\nअजय देवगन की सबसे बड़ी खूबी उनकी शांत, सधी हुई और गंभीर अभिनय शैली रही है। उन्होंने नब्बे के दशक में अपनी पहचान एक एक्शन हीरो के रूप में पुख्ता की और समय के साथ अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया। चाहे वह ‘जख्म’ और ‘द लेजेंड ऑफ भगत सिंह’ जैसी फिल्मों के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड अपने नाम करना हो या फिर ‘गोलमाल’ श्रृंखला के साथ कॉमेडी की दुनिया में राज करना हो, अजय देवगन ने हर शैली में अपनी महारत साबित की है। जब साल 2011 में रोहित शेट्टी के निर्देशन में बनी ‘सिंघम’ सिनेमाघरों में उतरी, तो बाजीराव सिंघम के रूप में उनके तेवरों ने सिनेमा हॉल को किसी स्टेडियम में तब्दील कर दिया। इसके बाद ‘दृश्यम’ श्रृंखला और ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ जैसी ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर फिल्मों ने यह दिखा दिया कि पचास की उम्र पार करने के बाद भी उनका स्टारडम और बॉक्स ऑफिस पर सिक्का उतना ही मजबूत है जितना नब्बे के दौर में था।\n\nअनुशासन और निरंतरता के पर्याय अक्षय कुमार\nअक्षय कुमार का फिल्मी सफर अनुशासन, कड़ी मेहनत और निरंतरता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है। नब्बे के दशक में ‘खिलाड़ी’ श्रृंखला से शोहरत पाने वाले अक्षय ने दशक दो हजार में ‘हेरा फेरी’, ‘वेलकम’ और ‘भूल भुलैया’ जैसी फिल्मों के माध्यम से कॉमेडी के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर गढ़ा। अक्षय कुमार को हिंदी सिनेमा की ‘हिट मशीन’ यूं ही नहीं कहा जाता है, क्योंकि उनके भीतर हर साल तीन से चार फिल्में देने की अद्भुत क्षमता है। चाहे सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्में हों जैसे ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ और ‘पैडमैन’ या फिर देशभक्ति से ओतप्रोत फिल्में जैसे ‘केसरी’ और ‘एयरलिफ्ट’, अक्षय कुमार ने लगातार बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। आज भी हर आयु वर्ग के दर्शक उनकी ऊर्जा, कॉमिक टाइमिंग और उनके अनोखे अंदाज के मुरीद हैं।\n\nबदलाव के दौर में भी कायम रहा दोनों का जलवा\nनब्बे के दौर के कई जाने-माने सितारे समय के साथ पर्दे से ओझल हो गए, लेकिन अजय देवगन और अक्षय कुमार का जादू इतने साल बीत जाने के बाद भी फीका नहीं पड़ा है। इसकी सबसे बड़ी वजह समय और दौर के हिसाब से खुद को ढालने की उनकी काबिलियत है। दोनों ही कलाकारों ने कभी खुद को किसी एक छवि तक सीमित नहीं होने दिया। अजय देवगन ने एक्शन, कॉमेडी, गंभीर ड्रामे और थ्रिलर के बीच हमेशा एक बेहतरीन संतुलन बनाए रखा, जबकि अक्षय कुमार ने एक्शन से कॉमेडी और फिर सामाजिक-देशभक्ति वाले ड्रामे की तरफ रुख करते हुए एक बहुत बड़ा दर्शक वर्ग अपने साथ जोड़े रखा।\n\nआज भी बॉक्स ऑफिस के सबसे मजबूत स्तंभ\nयही मुख्य वजह है कि आज के दौर में नए कलाकारों के आने के बावजूद, निर्माता-निर्देशक बॉक्स ऑफिस पर बंपर ओपनिंग के लिए आज भी इन दोनों सितारों पर सबसे बड़ा दांव खेलते हैं। आज जब हिंदी सिनेमा बड़े बदलावों के दौर से गुजर रहा है और बड़े सितारों की फिल्में भी सिनेमाघरों में दर्शकों को खींचने के लिए संघर्ष करती नजर आती हैं, तब अजय देवगन और अक्षय कुमार बॉक्स ऑफिस के दो सबसे टिकाऊ और भरोसेमंद स्तंभ बनकर खड़े हैं। चाहे ‘दृश्यम 2’ की दो सौ करोड़ रुपए से अधिक की कमाई हो, ‘शैतान’ का शानदार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन हो या फिर अक्षय कुमार की फिल्मों को लेकर दर्शकों का उत्साह हो, इन दोनों दिग्गजों ने यह साबित कर दिया है कि असली स्टारडम उम्र की सीमाओं से परे होता है। नब्बे के दशक में खान कलाकारों के वर्चस्व को चुनौती देते हुए अपनी राह बनाने वाले ये दोनों अभिनेता आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे खास और भरोसेमंद चेहरे बने हुए हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अजय देवगन और अक्षय कुमार ने किस साल अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी?\nअजय देवगन ने साल 1991 में फिल्म 'फूल और कांटे' से और अक्षय कुमार ने साल 1991 में फिल्म 'सौगंध' से अपने करियर की शुरुआत की थी।\n\n2. रोहित शेट्टी की फिल्म 'सिंघम' किस साल रिलीज हुई थी?\nरोहित शेट्टी के निर्देशन में बनी फिल्म 'सिंघम' साल 2011 में रिलीज हुई थी जिसमें अजय देवगन ने मुख्य भूमिका निभाई थी।\n\n3. अक्षय कुमार को किस तरह की फिल्मों के लिए जाना जाता है?\nअक्षय कुमार को उनकी एक्शन, कॉमेडी और 'टॉयलेट: एक प्रेम कथा' व 'पैडमैन' जैसी सामाजिक और देशभक्ति वाली फिल्मों के लिए जाना जाता है।\n\n4. अजय देवगन ने किन फिल्मों के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीते हैं?\nअजय देवगन ने 'जख्म' और 'द लेजेंड ऑफ भगत सिंह' जैसी फिल्मों के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीते हैं।\n\nप्रेरणा और सबक\n• समय के साथ बदलना: बदलाव को अपनाकर और खुद को किसी एक छवि तक सीमित न रखकर लंबे समय तक सफल रहा जा सकता है।\n• कड़ी मेहनत और अनुशासन: अपने काम के प्रति अनुशासित रहकर और लगातार प्रयास करते हुए बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं।\n• विविधता अपनाना: अलग-अलग शैलियों में काम करके अपनी प्रतिभा का दायरा बढ़ाया जा सकता है और दर्शकों के बीच पकड़ मजबूत की जा सकती है।",
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  "category": "मनोरंजन",
  "publishedAt": "2026-08-18",
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