# आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से डरें नहीं बल्कि उसे अपनाएं, अभिनेता आशीष विद्यार्थी ने समझाई बदलाव की जरूरत

> वरिष्ठ अभिनेता आशीष विद्यार्थी ने रोजमर्रा के जीवन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते दखल पर अपनी राय रखी और इसे सीखने पर जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने पश्चिम बंगाल में अदाणी समूह के निवेश पर भी बात की।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-09-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/artificial-intelligence-se-daren-nahin-balki-use-apanaen-abhineta-ashish-vidyarthi-ne-samajhai-badalava-ki-jarurata-38043 · **Language:** Hindi
**Tags:** आशीष विद्यार्थी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अदाणी ग्रुप, पश्चिम बंगाल, बॉलीवुड, सिनेमा, तकनीक

आधुनिक जीवनशैली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का प्रभाव निरंतर गहराता जा रहा है, जिससे कई क्षेत्रों में कार्यशैली बदल रही है। इस तकनीकी उभार के बीच जाने-माने अभिनेता आशीष विद्यार्थी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया है कि किसी भी नए बदलाव के दौर में मन में संशय पैदा होना अस्वाभाविक नहीं है। जब भी कोई नया आविष्कार हमारे स्थापित ढर्रे को चुनौती देता है, तो शुरुआती असहजता पैदा होती है, परंतु असली बुद्धिमानी उस बदलाव के साथ तालमेल बिठाने और स्वयं को अपडेट रखने में ही निहित है।

## कंप्यूटर और इंटरनेट के दौर की तरह AI को भी समझना होगा
इतिहास के पन्नों को पलटते हुए आशीष विद्यार्थी ने रेखांकित किया कि जब पहली बार दफ्तरों में कंप्यूटर पहुंचे थे या फिर वर्ल्ड वाइड वेब और इंटरनेट ने दस्तक दी थी, तब भी आम लोगों के बीच गहरी घबराहट देखने को मिली थी। काम के पुराने तरीकों में बड़ा उलटफेर होना तय था, इसलिए लोगों का आशंकित होना पूरी तरह स्वाभाविक था।

> “डरना लाजिमी है क्योंकि आप जिस तरह से काम कर रहे थे, उसमें फर्क आएगा.”
उनका मानना है कि नई तकनीक हमेशा एक नया निमंत्रण लेकर आती है। जो पेशेवर या व्यक्ति इस निमंत्रण को स्वीकार करके नए औजारों को अपने दैनिक जीवन में ढाल लेंगे, वे आगे निकल जाएंगे। इसके विपरीत, जो लोग इस परिवर्तन से मुंह मोड़ेंगे या सीखने से परहेज करेंगे, उनके पिछड़ जाने का गंभीर खतरा बना रहेगा। वे स्वयं AI को किसी बाधा के रूप में नहीं, बल्कि मानवीय क्षमताओं और उपलब्धियों के विस्तार का एक सशक्त अवसर मानते हैं।

## अदाणी समूह के निवेश और आम जनता के कल्याण पर राय
बातचीत के दौरान अभिनेता ने केवल तकनीकी विकास पर ही नहीं, बल्कि आर्थिक प्रगति पर भी अपने विचार प्रकट किए। पश्चिम बंगाल राज्य में अदाणी समूह की ओर से प्रस्तावित बड़े पूंजी निवेश का स्वागत करते हुए उन्होंने जनकल्याण को सबसे ऊपर रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि औद्योगिक निवेश का अंतिम उद्देश्य स्थानीय नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए।

उनका कहना था कि आर्थिक विकास की प्रक्रिया में यदि उद्योगपतियों की संपत्ति बढ़ती है तो उसमें कोई बुराई नहीं है, बशर्ते उस समृद्धि का सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति और आम जनता तक पहुंचे। रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के रूप में जब निवेश का प्रतिफल आम जनमानस को मिलने लगता है, तभी ऐसे वित्तीय कदम सार्थक साबित होते हैं।

## सिनेमाई सफर: खलनायकी से लेकर संवेदनशील किरदारों तक पहचान
आशीष विद्यार्थी का नाम भारतीय सिनेमा जगत में अपनी विशिष्ट अभिनय शैली के लिए आदर के साथ लिया जाता है। उन्होंने हिंदी फिल्म उद्योग के अलावा देश की विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं के सिनेमा में भी अपनी मजबूत छाप छोड़ी है। उन्होंने अपने लंबे करियर में मुख्य रूप से नकारात्मक यानी विलेन के किरदारों में अमिट छाप छोड़ी, साथ ही कई महत्वपूर्ण सहायक भूमिकाओं को भी जीवंत किया।

उनके उल्लेखनीय अभिनय सफर में ‘द्रोहकाल’, ‘बाजी’, ‘जीत’ और ‘घातक’ जैसी चर्चित फिल्में शामिल रही हैं। इसके अलावा उन्होंने ‘कहो ना प्यार है’, ‘वास्तु शास्त्र’, ‘1942: ए लव स्टोरी’ और ‘किस्मत’ जैसी लोकप्रिय कृतियों में भी अपने हुनर का लोहा मनवाया है। सिनेमा में लंबे समय तक प्रासंगिक बने रहने का उनका यह अनुभव ही उन्हें बदलते वक्त और तकनीकों को सहजता से स्वीकार करने की दृष्टि देता है।

## इसका आप पर असर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बड़े कॉर्पोरेट निवेश पर अनुभवी अभिनेता के विचार आम कामगारों और युवाओं को बदलते वक्त के अनुकूल ढलने की प्रेरणा देते हैं।

- **भारत में कार्यबल पर:** नए तकनीकी दौर में केवल पुराने तरीकों पर निर्भर रहने वाले पेशेवरों के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं। यदि कामकाजी लोग AI आधारित नए टूल्स को समय रहते सीख लेते हैं, तो वे अपनी कार्यक्षमता बढ़ाकर कार्यक्षेत्र में अपनी उपयोगिता बनाए रख सकते हैं।
- **पश्चिम बंगाल में:** अदाणी समूह द्वारा राज्य में किए जाने वाले निवेश से स्थानीय स्तर पर नई आर्थिक गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद है। यदि इस पूंजी प्रवाह से जमीनी स्तर पर रोजगार और स्थानीय बुनियादी ढांचे का विकास होता है, तो वहां के आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
- **पेशेवरों के दृष्टिकोण पर:** तकनीकी बदलावों से घबराने के बजाय उन्हें एक अवसर की तरह देखना करियर की मजबूती के लिए जरूरी है। कंप्यूटर और इंटरनेट के पिछले दौर की तरह ही इस बार भी सक्रिय रहने वाले लोग नए अवसरों का अधिक फायदा उठाएंगे।
- **आर्थिक विषमता के संदर्भ में:** बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के लाभ का वितरण समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना जनहित के लिए आवश्यक है। इससे यह सुनिश्चित करने पर बल मिलता है कि आर्थिक प्रगति का दायरा केवल संपन्न तबके तक सीमित न रहे।

## ऐसा क्यों हुआ
दैनिक कामकाज में आधुनिक तकनीकों के बढ़ते उपयोग और देश के विभिन्न राज्यों में बड़े औद्योगिक निवेशों के बीच अभिनेता आशीष विद्यार्थी ने सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बदलते परिवेश में कामगारों की चिंताओं और आर्थिक विकास के संतुलन पर रोशनी डाली।

- **तकनीक का तेज प्रसार:** कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित टूल्स का विभिन्न पेशों में बढ़ता उपयोग कार्यशैली को तेजी से बदल रहा है। इस तेज बदलाव के कारण पारंपरिक कामगारों में अपनी आजीविका को लेकर चिंता और असुरक्षा पैदा हो रही है।
- **ऐतिहासिक तकनीकी बदलावों का अनुभव:** पहले जब कंप्यूटर और इंटरनेट प्रचलन में आए थे, तब भी समाज में इसी प्रकार की घबराहट देखी गई थी। समय के साथ उन तकनीकों को सीखकर लोगों ने अपने काम को कई गुना अधिक प्रभावी बनाया, जिससे वर्तमान बदलाव को समझने की दृष्टि मिलती है।
- **औद्योगिक विस्तार पर सामाजिक बहस:** पश्चिम बंगाल में बड़े औद्योगिक घरानों के निवेश को लेकर अक्सर जनहित और आर्थिक विकास के संतुलन पर चर्चाएं होती हैं। इसी संदर्भ में अभिनेता ने अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि कॉर्पोरेट निवेश का अंतिम फायदा जनता तक पहुंचना चाहिए।

## सवाल-जवाब

### 1. आशीष विद्यार्थी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर क्या मुख्य सलाह दी है?
उन्होंने कहा कि तकनीक से डरने के बजाय उसे स्वीकार करना और अपने काम को बेहतर बनाने के लिए नए उपकरण सीखना ही सही कदम है।

### 2. अभिनेता ने AI के डर की तुलना किस दौर से की?
उन्होंने बताया कि जब कंप्यूटर और इंटरनेट की शुरुआत हुई थी, तब भी लोगों के मन में इसी तरह का डर और अनिश्चितता थी।

### 3. पश्चिम बंगाल में अदाणी समूह के निवेश पर उनकी क्या राय थी?
उन्होंने इस निवेश का स्वागत करते हुए कहा कि बड़े वित्तीय कदमों का वास्तविक लाभ आम जनता और स्थानीय लोगों तक पहुंचना चाहिए।

### 4. आशीष विद्यार्थी ने अपने फिल्मी करियर में किन प्रमुख फिल्मों में काम किया है?
उन्होंने ‘द्रोहकाल’, ‘बाजी’, ‘जीत’, ‘घातक’, ‘कहो ना प्यार है’, ‘वास्तु शास्त्र’, ‘1942: ए लव स्टोरी’ और ‘किस्मत’ जैसी कई लोकप्रिय फिल्मों में अभिनय किया है।

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