आवारापन 2 की सफलता के बीच क्यों दुखी हैं मुस्तफा जाहिद, जानिए क्या है पूरा मामला इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर बन गई है, लेकिन इसके मशहूर गाने को अपनी आवाज देने वाले मुस्तफा जाहिद इस बात से खासे निराश हैं कि उन्हें इस सीक्वल का हिस्सा नहीं बनाया गया। संगीत की दुनिया में कुछ धुनें ऐसी होती हैं जो कभी पुरानी नहीं पड़तीं, बल्कि समय के साथ हमारे जेहन में और गहरी उतर जाती हैं। उनकी एक हल्की सी आवाज किसी पुराने लम्हे, किसी अनकही कहानी और दिल के किसी कोने को दोबारा जीवंत कर देती है। कुछ ऐसा ही साल 2007 में आई फिल्म आवारापन के गानों के साथ हुआ था, जिनकी रूहानी कसक ने सरहद पार से आकर भारत के संगीत प्रेमियों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी थी। उस समय इस संगीत ने अभिनेता इमरान हाशमी को एक नई स्टार छवि दी और जवां दिलों के साथ पुराने आशिकों को भी झकझोर दिया था। अब पूरे 19 साल के लंबे अंतराल के बाद इस कड़ी का अगला हिस्सा यानी आवारापन 2 सिनेमाघरों में आ चुका है और महज 3 दिनों के भीतर ही यह बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हो चुकी है। लेकिन इस शानदार सफलता के बीच उस जादुई आवाज के मालिक के मन में टीस है और वे उदास नजर आ रहे हैं। बीते 19 वर्षों के बाद जब आवारापन 2 पर्दे पर लौटी, तो वह अपने साथ वही पुराना सिहरन भरा अहसास लेकर आई। दर्शकों ने फिल्म को हाथों-हाथ लिया और सिनेमाघरों में पुराना गीत भी एक बिल्कुल नए कलेवर में गूंजता हुआ सुनाई दिया। मगर इस पूरी कहानी के पीछे एक गहरा खालीपन और एक टीस छुपी हुई है। जिस कलाकार के गले से निकली उस रूहानी आवाज ने मूल गीत को अमर बनाया था, उसे इस नई कड़ी में शामिल ही नहीं किया गया। आज सिनेमाघरों में गाना तो दोबारा सुनाई दे रहा है, लेकिन उस सुरीली आवाज के पीछे खड़े असली रचनाकार इस जश्न से काफी दूर खड़े हैं। मूल रूप से साल 2007 में रिलीज हुई आवारापन में इमरान हाशमी ने शिवम पंडित नाम के किरदार को पर्दे पर उतारा था। इस पूरी फिल्म का निर्देशन मोहित सूरी ने किया था। फिल्म की पटकथा और इमरान के अभिनय के साथ-साथ इसके संगीत ने भी देखने वालों पर अमिट छाप छोड़ी थी। वक्त के पहिए के साथ आवारापन को एक कल्ट फिल्म का ऊंचा दर्जा मिला और आज भी इसके गाने टूटे हुए दिलों वाले आशिकों की पसंदीदा प्लेलिस्ट का अहम हिस्सा हैं। इन तमाम गानों में सबसे ज्यादा लोकप्रियता तेरा मेरा रिश्ता पुराना को मिली थी। इस यादगार गीत को पाकिस्तानी गायक और संगीतकार मुस्तफा जाहिद ने अपनी आवाज दी थी। गाने के भावुक बोल सईद कादरी की कलम से निकले थे, जबकि इसका संगीत तैयार करने में प्रीतम और मुस्तफा जाहिद दोनों की अहम भूमिका रही थी। उनकी आवाज में एक ऐसा दर्द था जो पर्दे पर इमरान हाशमी के किरदार की छटपटाहट और बेचैनी से एकदम मेल खाता था। मुस्तफा जाहिद का सफर केवल इस एक गाने तक ही सीमित नहीं रहा। आवारापन का एक और गाना तो फिर आओ भी जबरदस्त हिट साबित हुआ, जिसने उन्हें भारत के हर घर में एक जाना-पहचाना नाम बना दिया। उस दौर में उनकी गायकी अभिनेता इमरान हाशमी की ऑन-स्क्रीन छवि का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुकी थी। मुस्तफा जाहिद पाकिस्तान के बेहद प्रतिष्ठित गायकों में गिने जाते हैं और उन्होंने रॉक्सेन बैंड के साथ भी काम किया है। उनके करियर के लिए आवारापन बॉलीवुड में एक बहुत बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई थी। तो फिर आओ और तेरा मेरा रिश्ता की भारी सफलता ने उन्हें भारतीय संगीत जगत के चहेते कलाकारों में शुमार कर दिया था। दिलचस्प बात यह है कि तो फिर आओ को लेकर मुस्तफा ने खुद अतीत में एक खुलासा किया था कि यह उनके जीवन के शुरुआती दौर में कंपोज किए गए गानों में से एक था। इसका सीधा मतलब यह है कि यह गीत उनके लिए महज एक सामान्य फिल्मी गाना नहीं था, बल्कि उनके पूरे संगीत के सफर का एक बेहद निजी और भावनात्मक हिस्सा था। इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड की कई अन्य फिल्मों के लिए भी अपनी आवाज का जादू बिखेरा। फिल्म एक विलेन का गाना भूला देना गाकर उन्होंने श्रोताओं को बुरी तरह भावुक कर दिया था। उनकी गायकी की सबसे बड़ी यूएसपी यही थी कि वह रोमांटिक गानों के भीतर भी एक गहरा दर्द और सन्नाटा पैदा कर देते थे। अब आवारापन 2 बड़े पर्दे पर दस्तक दे चुकी है। इस बार फिल्म में इमरान हाशमी एक बार फिर अपने पुराने अंदाज यानी शिवम पंडित के किरदार में लौट आए हैं। उनके साथ इस सीक्वल में दिशा पाटनी और शबाना आजमी जैसी दिग्गज अभिनेत्रियां भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आ रही हैं। इस फिल्म का निर्देशन नितिन कक्कड़ ने संभाला है। दर्शकों के दिलों में पुरानी यादों को फिर से ताजा करने के मकसद से मेकर्स ने उसी पुराने गाने तेरा मेरा रिश्ता को एकदम नए रूप में पेश किया है। इस नए वर्जन में सईद कादरी के लिखे हुए पुराने बोलों को तो बरकरार रखा गया है, लेकिन पूरे सीक्वल के संगीत की कमान मिथुन और अमाल मलिक के हाथों में सौंपी गई है। वहीं, इस नए ट्रैक को साज भट्ट और सुबोध शर्मा की आवाज में रिकॉर्ड किया गया है। इसका मतलब साफ है कि गाना और भावनाएं तो वही हैं, लेकिन उसे गाने वाला कलाकार पूरी तरह बदल चुका है। अपने पुराने दिनों को याद करते हुए मुस्तफा ने एक इंटरव्यू के दौरान साझा किया था कि जब उन्होंने तेरा मेरा रिश्ता की शुरुआती लाइन यानी तो फिर आओ को अपने कुछ दोस्तों को सुनाया था, तो वे उससे ज्यादा संतुष्ट या खुश नहीं हुए थे। हालांकि मुस्तफा जाहिद को इस बात का पूरा भरोसा था कि इस अकेली लाइन में अपनों को वापस खींच लाने की तड़प छिपी हुई है और यह उस खास फिल्मी परिस्थिति पर एकदम मुस्तफा बैठती है। हाल ही में शिकागो शहर में आयोजित एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान मुस्तफा जाहिद ने आवारापन 2 के ऑफिशियल एल्बम से बाहर रखे जाने पर अपना दर्द खुलकर बयां किया। उन्होंने मंच पर साझा किया कि तेरा मेरा रिश्ता उनके जीवन का वो पहला गाना था जिसे उन्होंने खुद लिखा, खुद कंपोज किया और खुद ही अपनी आवाज में रिकॉर्ड किया था। उन्होंने इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया कि अक्सर दुनिया की राजनीतिक परिस्थितियों का खामियाजा कला और कलाकारों को भी भुगतना पड़ जाता है। उन्होंने स्वीकार किया कि भले ही वे इस सीक्वल के म्यूजिक एल्बम का हिस्सा नहीं बन पाए हैं, लेकिन इसके बावजूद भारत की सरजमीं से उन्हें हमेशा जो अपार प्यार और सम्मान मिला है, वह उनके जीवन के लिए सबसे ज्यादा अनमोल और खास है। सवाल-जवाब 1. आवारापन 2 फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कैसी रही? आवारापन 2 रिलीज होने के बाद महज 3 दिनों के भीतर ही बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हो गई है। 2. मुस्तफा जाहिद क्यों दुखी हैं? मुस्तफा जाहिद इस बात से निराश हैं कि उनके गाए हुए लोकप्रिय गाने के नए वर्जन वाली फिल्म आवारापन 2 के एल्बम में उन्हें शामिल नहीं किया गया। 3. मूल फिल्म आवारापन कब रिलीज हुई थी? मूल फिल्म आवारापन साल 2007 में रिलीज हुई थी जिसका निर्देशन मोहित सूरी ने किया था। 4. आवारापन 2 में मुख्य कलाकार कौन-कौन हैं? आवारापन 2 में इमरान हाशमी, दिशा पाटनी और शबाना आजमी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। https://trendkia.com/entertainment/awarapan-2-ki-safalta-ke-beech-kyu-dukhi-hai-mustafa-zahid-17963 TrendKia — Har trend, sabse pehle.