भारतीय सिनेमा के वैश्विक विस्तार के लिए नितेश तिवारी की फिल्म रामायण को समर्थन मिलना जरूरी, गुलशन देवैया ने रखी राय अभिनेता गुलशन देवैया ने आगामी बड़े बजट की फिल्म रामायण के महत्व पर बात करते हुए कहा कि निजी पसंद से परे भारतीय सिनेमा के वैश्विक कद को बढ़ाने के लिए ऐसी परियोजनाओं को बढ़ावा देना जरूरी है. पौराणिक गाथाओं को आधुनिक बड़े पर्दे पर उतारना हमेशा एक बड़ी रचनात्मक और सांस्कृतिक परीक्षा मानी जाती है. अभिनेता गुलशन देवैया ने इसी संदर्भ में स्पष्ट किया कि भव्य पैमाने पर तैयार होने वाली परियोजनाएं देश के फिल्म उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिला सकती हैं. उनका दृष्टिकोण है कि किसी दर्शक को व्यक्तिगत रूप से कोई प्रस्तुति भाए या न भाए, लेकिन जब कोई काम भारतीय फिल्म जगत को वैश्विक क्षितिज पर मजबूती से स्थापित करने का सामर्थ्य रखता हो, तो समूचे उद्योग और दर्शकों की तरफ से उसे व्यापक प्रोत्साहन मिलना चाहिए. दर्शकों की सांस्कृतिक आस्था और उम्मीदों की कसौटी धार्मिक और पौराणिक विषयों को लेकर आम जनता में बेहद गहरा भावनात्मक जुड़ाव रहता है. गुलशन देवैया के अनुसार, जब बात इस महाकाव्य की आती है, तो दर्शकों की संवेदनशीलता और पूर्वधारणाएं काफी प्रबल होती हैं. ऐसी स्थिति में फिल्मकारों के कंधों पर जनभावनाओं और आस्था के प्रति गंभीर सतर्कता बरतने की जवाबदेही आ जाती है. भगवान राम के स्वरूप को लेकर जनमानस में पहले से ही एक अटल और पवित्र धारणा बसी हुई है, जिसके चलते किसी भी नए रूपांतरण की तुलना तुरंत स्थापित मान्यताओं से होने लगती है. प्रतीकात्मक छवि और मुख्य किरदार के सामने कड़ी परीक्षा रामानंद सागर के ऐतिहासिक धारावाहिक और उसमें अरुण गोविल द्वारा निभाई गई मर्यादा पुरुषोत्तम की भूमिका को दशकों बाद भी एक मानदंड के रूप में देखा जाता है. बड़ी संख्या में दर्शक उसी प्रस्तुति को आदर्श मानकर चलते हैं. ऐसे में जब रणबीर कपूर बड़े पर्दे पर भगवान राम का किरदार निभाते नजर आएंगे, तो दर्शकों द्वारा अतीत के स्थापित चरित्र से तुलना किया जाना पूरी तरह स्वाभाविक रहेगा. भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में पूजा जाता है, इसलिए उनके आचरण, गरिमा और मर्यादा को स्क्रीन पर जीवंत करना किसी भी कलाकार के लिए साधारण काम नहीं बल्कि बेहद भारी दायित्व है. वैश्विक बाजार और पूर्व उदाहरणों से मिलने वाली सीख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कहानियों के प्रसार को रेखांकित करते हुए उन्होंने एसएस राजामौली की प्रसिद्ध रचना का संदर्भ दिया. उन्होंने साझा किया कि निजी तौर पर उन्हें उस फिल्म से कोई खास भावनात्मक जुड़ाव महसूस नहीं हुआ था, फिर भी जब अमेरिका में उसे अपार लोकप्रियता और सराहना मिली, तो वह बेहद प्रसन्न हुए थे. व्यक्तिगत पसंद हर किसी की अलग हो सकती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जब किसी घरेलू प्रस्तुति को व्यापक स्वीकृति मिलती है, तो वह पूरे भारतीय मनोरंजन जगत के लिए नए दरवाजे खोलती है और विदेशी दर्शकों को भारतीय सिनेमा की ओर आकर्षित करती है. भव्य निर्माण की योजना और रिलीज की रूपरेखा नितेश तिवारी के निर्देशन में संवर रही इस महागाथा को दो हिस्सों में सिनेमाघरों में पेश करने की तैयारी की गई है. इस वृहद प्रोजेक्ट में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में, साई पल्लवी माता सीता के रूप में और यश रावण के किरदार में नजर आने वाले हैं. तय कार्यक्रम के अनुसार इस गाथा के पहले भाग को दिवाली 2026 पर रिलीज करने की योजना है. यह संपूर्ण चर्चा सिर्फ कलाकारों के चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात पर भी केंद्रित है कि भारतीय कथाएं वैश्विक पटल पर किस तरह अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज करा सकती हैं. इसका आप पर असर भव्य बजट की फिल्मों का वैश्विक स्तर पर सफल होना पूरे भारतीय फिल्म उद्योग के विकास और दर्शकों के अनुभव को सीधे प्रभावित करता है. • उद्योग विस्तार पर असर: बड़े बजट की फिल्में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सफल होती हैं तो घरेलू सिनेमा जगत में निवेश और तकनीक का स्तर बढ़ता है. इससे आम दर्शकों को भविष्य में और बेहतर दृश्य प्रभाव तथा उच्च गुणवत्ता वाला सिनेमा देखने को मिलेगा. • रोजगार और नए अवसर: वैश्विक पहचान मिलने से देश के तकनीशियनों, कलाकारों और क्रू सदस्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर काम करने के दरवाजे खुलते हैं. इस तरह की बड़ी परियोजनाओं की कामयाबी से मनोरंजन क्षेत्र में व्यापक स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनते हैं. • सांस्कृतिक पहचान: भारतीय महाकाव्यों का बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन वैश्विक स्तर पर देश की समृद्ध विरासत को नई पहचान दिलाता है. इससे दुनिया भर के दर्शकों के बीच भारतीय संस्कृति और कहानियों के प्रति रुचि और सम्मान बढ़ता है. • सिनेमाई अनुभव: दो भागों में बनने वाली ऐसी फिल्में दर्शकों के थिएटर अनुभव को फिर से परिभाषित करने का प्रयास करती हैं. त्योहारों के समय बड़े पर्दे पर रिलीज होने से परिवारों के लिए सिनेमाघरों में सामूहिक मनोरंजन का माहौल तैयार होता है. ऐसा क्यों हुआ फिल्म उद्योग में रामायण जैसी विशाल परियोजनाओं के निर्माण और उसके प्रति समर्थन की चर्चाएं दर्शकों के गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव और हालिया वैश्विक सफलता के कारण तेज हुई हैं. • सांस्कृतिक संवेदनशीलता और उम्मीदें: भारतीय दर्शकों का रामायण की गाथा से अत्यंत गहरा और आत्मीय नाता रहा है. इसी भावनात्मक जुड़ाव के कारण लोग किसी भी नए रूपांतरण को अपनी स्थापित धार्मिक आस्था और पूर्व धारणाओं की कसौटी पर कसते हैं. • पुराने चरित्रों का गहरा प्रभाव: रामानंद सागर के धारावाहिक में अरुण गोविल द्वारा निभाई गई भूमिका आज भी दर्शकों के दिलों में एक स्थायी आदर्श मानी जाती है. इस कारण वर्तमान समय में भगवान राम का चरित्र निभाना किसी भी अभिनेता के लिए स्वाभाविक रूप से एक कठिन चुनौती बन जाता है. • वैश्विक विस्तार की संभावनाएं: विगत समय में एसएस राजामौली की फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी बाजार में ऐतिहासिक सफलता हासिल की थी. उस उदाहरण से यह स्पष्ट हुआ कि स्थानीय कहानियां यदि भव्यता से पेश की जाएं तो वे वैश्विक स्तर पर भारतीय सिनेमा के लिए नए अवसर पैदा कर सकती हैं. सवाल-जवाब 1. गुलशन देवैया ने फिल्म रामायण को लेकर क्या विचार व्यक्त किए हैं? उन्होंने कहा कि दर्शकों की व्यक्तिगत पसंद अलग हो सकती है, लेकिन भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली बड़ी फिल्मों का समर्थन करना जरूरी है. 2. गुलशन देवैया के अनुसार रणबीर कपूर के सामने मुख्य चुनौती क्या होगी? रामानंद सागर के धारावाहिक में अरुण गोविल की छवि दर्शकों में बसी हुई है, इसलिए रणबीर कपूर के अभिनय की तुलना स्वाभाविक रूप से उस स्थापित मानदंड से होगी. 3. गुलशन देवैया ने अपनी बात स्पष्ट करने के लिए किस फिल्म का उदाहरण दिया? उन्होंने एसएस राजामौली की फिल्म का उदाहरण दिया, जिसने अमेरिकी बाजार में बड़ी कामयाबी हासिल कर भारतीय फिल्मों के लिए वैश्विक अवसर बढ़ाए. 4. नितेश तिवारी की फिल्म रामायण में मुख्य कलाकार कौन-कौन हैं? इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं. 5. फिल्म रामायण के पहले भाग के रिलीज की क्या योजना है? फिल्म को दो भागों में बनाने की योजना है, जिसका पहला भाग दिवाली 2026 पर सिनेमाघरों में रिलीज करने का लक्ष्य रखा गया है. https://trendkia.com/entertainment/bharatiya-sinema-ke-vaishvika-vistara-ke-lie-nitesh-tiwari-ki-philma-ramayana-ko-samarthana-milana-jaruri-gulshan-devaiah-ne-rakhi-46590 TrendKia — Har trend, sabse pehle.