# बिपाशा बसु के प्रोटीन सप्लीमेंट में कीड़े दिखने की शिकायत पर न्यूट्रिशन ब्रांड ने शुरू की जांच

> एक्ट्रेस बिपाशा बसु द्वारा आइसोयोर प्रोटीन पाउडर में कीड़े दिखने का दावा करने और महाराष्ट्र एफडीए से कार्रवाई की मांग के बाद ब्रांड ने जांच शुरू कर दी है.

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/bipasha-basu-ke-protina-saplimenta-men-kire-dikhane-ki-shikayata-para-nyutrishana-branda-ne-shuru-ki-jancha-34401 · **Language:** Hindi
**Tags:** बिपाशा बसु, प्रोटीन पाउडर, आइसोयोर, महाराष्ट्र एफडीए, तुकाराम मुंढे, खाद्य सुरक्षा, ग्लेनबिया

बॉलीवुड एक्ट्रेस बिपाशा बसु ने अपने फिटनेस सप्लीमेंट को लेकर एक गंभीर चिंता जाहिर की है, जिससे सोशल मीडिया पर काफी हलचल मच गई है. बिपाशा ने 10 सितंबर को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो स्टोरी साझा की थी. इस वीडियो में उन्होंने दिखाया कि हाल ही में खरीदे और नए खोले गए आइसोयोर प्रोटीन पाउडर के डिब्बे में कीड़े जैसी छोटी-छोटी चीजें रेंगती दिख रही थीं. इस अप्रत्याशित अनुभव के बाद उन्होंने महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) कमिश्नर तुकाराम मुंढे को ऑनलाइन टैग करते हुए मामले में हस्तक्षेप और मदद की अपील की थी. इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए न्यूट्रिशन सप्लीमेंट बनाने वाली संबंधित कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी किया है.

## ब्रांड ने शुरू की प्रामाणिकता और गुणवत्ता की जांच
ग्लेनबिया परफॉर्मेंस न्यूट्रिशन (जीपीएन) इंडिया के जनरल मैनेजर सुमित माथुर ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी मिलते ही उनकी टीम ने बिना किसी देरी के सीधे बिपाशा बसु से संपर्क स्थापित किया है. आइसोयोर की विशेषज्ञ टीम ने एक्ट्रेस के पास मौजूद उस विशेष प्रोटीन पाउडर कंटेनर की विस्तृत जांच शुरू कर दी है. इस प्रक्रिया के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि क्या संबंधित डिब्बा ब्रांड का मूल उत्पाद है या फिर कहीं नकली माल तो बाजार में नहीं पहुंच गया. इसके अलावा सप्लीमेंट की कुल गुणवत्ता और पैकेजिंग की स्थिति का भी सूक्ष्मता से परीक्षण किया जा रहा है. कंपनी के प्रवक्ता ने दोहराया कि उनके लिए ग्राहकों का स्वास्थ्य, सुरक्षा और उत्पाद का उच्च मानक ही सर्वोच्च प्राथमिकता है.

## नकली उत्पादों से सावधान रहने और क्यूआर कोड जांचने की सलाह
न्यूट्रिशन कंपनी ने उपभोक्ताओं को बाजार में मौजूद मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थों के प्रति भी सतर्क किया है. सुमित माथुर के अनुसार, कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी नकली सप्लीमेंट्स की रोकथाम के लिए निरंतर निगरानी रखते हैं. आइसोयोर ने ग्राहकों से पुरजोर आग्रह किया है कि वे ऐसे स्वास्थ्य वर्धक उत्पाद हमेशा अधिकृत रिटेल स्टोर्स या आधिकारिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ही खरीदें. इसके अलावा किसी भी सप्लीमेंट को इस्तेमाल करने से पहले डिब्बे पर मुद्रित क्यूआर कोड को अपने स्मार्टफोन से स्कैन करके उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि अवश्य कर लें. बिपाशा बसु ने 10 सितंबर को इंस्टाग्राम वीडियो में नए डिब्बे में कीट पतंगे होने का आरोप लगाकर सीधे राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त तुकाराम मुंढे से सख्त निगरानी की मांग रखी थी.

## महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर चल रहा सघन जांच अभियान
यह पूरा विवाद ऐसे वक्त में गहराया है जब महाराष्ट्र का खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग राज्य भर में खानपान की शुद्धता और स्वच्छता मानकों को लेकर एक व्यापक निरीक्षण अभियान संचालित कर रहा है. आंकड़ों के अनुसार, जून से अगस्त 2026 की समयावधि के दौरान एफडीए की टीमों ने कुल 37,604 विभिन्न नमूनों का संग्रह किया था. इनमें अकेले खाद्य उत्पादों के 34,584 नमूने शामिल थे, जिनमें से 32,604 नमूनों की प्रयोगशाला में विस्तृत जांच पूरी की जा चुकी है. इसके साथ ही बीते 100 दिनों के भीतर लगभग 12,000 अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों, दुकानों और गोदामों का औचक निरीक्षण किया गया. तय नियमों, सफाई और सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर कई प्रतिष्ठानों के कारोबारी लाइसेंस निलंबित कर दिए गए और आवश्यक सुधार के लिए वैधानिक नोटिस भी थमाए गए हैं.

## इसका आप पर असर
फिटनेस सप्लीमेंट इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए यह खबर सीधे तौर पर सतर्कता बरतने और खरीदारी के तरीके की समीक्षा करने का संकेत देती है.

- **खरीदारी की सावधानी:** प्रोटीन पाउडर जैसे सप्लीमेंट्स केवल अधिकृत डीलरों या कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से ही खरीदें. अनाधिकृत या संदिग्ध दुकानों से भारी छूट के चक्कर में नकली माल मिलने का बड़ा जोखिम रहता है.
- **क्यूआर कोड सत्यापन:** नया डिब्बा खोलते ही उस पर छपे सुरक्षा क्यूआर कोड को स्कैन करके प्रामाणिकता जरूर जांचें. यदि कोड स्कैन करने पर विवरण मेल न खाए या सील टूटी दिखे तो तुरंत विक्रेता से संपर्क करें.
- **उपभोग पूर्व निरीक्षण:** पाउडर इस्तेमाल करने से पहले किसी भी प्रकार के कीड़े, नमी या असामान्य गंध की अच्छी तरह जांच कर लें. संदूषण या विदेशी कण दिखने पर तुरंत सेवन रोक दें और उत्पाद को सुरक्षित रखकर शिकायत दर्ज करें.
- **नियामक शिकायत:** पैकेज्ड फूड में मिलावट या खराबी मिलने पर राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग या एफडीए में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. महाराष्ट्र में चल रहे मौजूदा सघन अभियान की तरह नियामक संस्थान ऐसे मामलों पर तत्काल कार्रवाई करते हैं.

## ऐसा क्यों हुआ
यह मामला एक प्रमुख बॉलीवुड हस्ती के सप्लीमेंट कंटेनर में दूषित तत्व दिखने और उसके बाद नियामक अधिकारियों को सतर्क करने के कारण उत्पन्न हुआ.

- **प्रत्यक्ष घटना:** बिपाशा बसु ने 10 सितंबर को अपने नए खोले गए आइसोयोर प्रोटीन पाउडर में कीड़े दिखने का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था. उन्होंने महाराष्ट्र एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे से सीधे कार्रवाई और सहायता की मांग की थी.
- **ब्रांड की कार्रवाई:** शिकायत सामने आने के बाद ग्लेनबिया परफॉर्मेंस न्यूट्रिशन ने तुरंत बिपाशा से संपर्क किया और उस पैक की प्रयोगशाला जांच शुरू की. कंपनी यह सुनिश्चित कर रही है कि उत्पाद असली है या बाजार में किसी तरह की जालसाजी हुई है.
- **व्यापक नियामक पृष्ठभूमि:** यह विवाद उस समय सामने आया जब महाराष्ट्र एफडीए पूरे राज्य में खाद्य सुरक्षा को लेकर कड़े निरीक्षण अभियान चला रहा है. विभाग ने हाल ही में हजारों खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की है और नियमों के उल्लंघन पर कड़े कदम उठाए हैं.

## सवाल-जवाब

### 1. बिपाशा बसु ने प्रोटीन पाउडर को लेकर क्या दावा किया है?
बिपाशा बसु ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर दावा किया कि उनके नए खोले गए आइसोयोर प्रोटीन पाउडर के डिब्बे में कीड़े दिखाई दिए हैं.

### 2. बिपाशा बसु ने किस अधिकारी से मदद की गुहार लगाई?
उन्होंने इस मामले में महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) कमिश्नर तुकाराम मुंढे को टैग करके मदद की अपील की थी.

### 3. आइसोयोर ब्रांड ने इस शिकायत पर क्या कदम उठाया है?
ग्लेनबिया परफॉर्मेंस न्यूट्रिशन ने बिपाशा से संपर्क कर उस प्रोटीन पाउडर पैक की जांच शुरू कर दी है ताकि उसकी प्रामाणिकता और गुणवत्ता का पता लगाया जा सके.

### 4. कंपनी ने ग्राहकों को नकली सप्लीमेंट से बचने के लिए क्या सलाह दी है?
कंपनी ने कहा है कि उत्पाद केवल अधिकृत दुकानों या वेबसाइटों से ही खरीदें और इस्तेमाल से पहले डिब्बे पर दिए गए क्यूआर कोड को जरूर स्कैन करें.

### 5. महाराष्ट्र एफडीए ने हाल के महीनों में कितनी जांच की है?
महाराष्ट्र एफडीए ने जून से अगस्त 2026 के दौरान 37,604 सैंपल एकत्र किए, जिनमें से 32,604 की जांच की जा चुकी है, साथ ही 100 दिनों में 12,000 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया.

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