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  "title": "बॉलीवुड में हिंदूफोबिया: एकता कपूर के बयान पर अयोध्या से लेकर काशी तक के संतों का समर्थन",
  "summary": "बॉलीवुड में हिंदूफोबिया को लेकर एकता कपूर द्वारा दिए गए बयान पर देश भर के साधु-संतों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अयोध्या, उज्जैन और वाराणसी के प्रमुख संतों ने उनके सुर में सुर मिलाते हुए फिल्मों में सनातन धर्म और धार्मिक प्रतीकों को गलत ढंग से पेश किए जाने का आरोप लगाया है।",
  "content": "बॉलीवुड की जानी-मानी निर्माता एकता कपूर द्वारा फिल्म इंडस्ट्री में कथित हिंदूफोबिया को लेकर उठाए गए मुद्दे पर देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों से साधु-संतों का समर्थन मिल रहा है। अयोध्या, उज्जैन और वाराणसी के कई प्रमुख संतों ने इस विषय पर खुलकर अपनी राय रखी है और फिल्मों में सनातन संस्कृति, मंदिरों तथा धार्मिक मान्यताओं को अक्सर नकारात्मक रूप में दिखाए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। कुछ संतों ने तो इस मामले में सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग भी की है।\n\nहनुमानगढ़ी और अन्य संतों की प्रतिक्रिया\nहनुमानगढ़ी के महंत डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज ने एकता कपूर के इस बयान को देश का दुर्भाग्य करार दिया है। उन्होंने कहा कि देश में सनातन धर्म को मानने वालों और इस परंपरा से जुड़े दर्शकों की संख्या बहुत बड़ी है, फिर भी फिल्मों में अक्सर हिंदू देवी-देवताओं को गलत रूप में पेश किया जाता है, जबकि इसके विपरीत विचारधाराओं को सकारात्मक बना कर दिखाया जाता है। उन्होंने फिल्मों का हवाला देते हुए कहा कि कहानी के पात्रों को मजार पर जाकर ठीक होते दिखाया जाता है, जबकि चोरी जैसी घटनाओं को मंदिरों के साथ जोड़कर दिखाया जाता है। उन्होंने एकता कपूर की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर बोलने की हिम्मत जुटाई है और संत समाज उनके साथ खड़ा है।\n\nअयोध्या के संतों के विचार\nअयोध्या के महंत सीताराम दास जी महाराज ने भी इस टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा कि फिल्मी दुनिया में दूसरे धर्मों को बहुत खूबसूरती से दिखाया जाता है, लेकिन सनातन धर्म को ज्यादातर उपहास या नकारात्मकता के साथ पेश किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के माहौल के कारण आम लोग अब खुलकर तिलक लगाने या अपनी धार्मिक पहचान बताने से भी हिचकिचाने लगे हैं। फिल्मों के माध्यम से सनातन संस्कृति को कमजोर करने की लगातार कोशिश की जा रही है, जिस पर रोक लगाने के लिए सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं श्री राम जन्मभूमि के आचार्य विट्ठल जी महाराज ने कहा कि सिनेमा समाज का आईना होता है, लेकिन कई फिल्मों में खलनायकों के नाम हिंदू धर्म से जुड़े रखे जाते हैं ताकि एक खास नकारात्मक छवि गढ़ी जा सके। उन्होंने ऐसी हर कोशिश का पुरजोर विरोध करने की बात कही।\n\nउज्जैन और वाराणसी के संतों का रुख\nउज्जैन स्थित जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरी महाराज ने भी बॉलीवुड में व्याप्त हिंदूफोबिया पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भी अक्सर सनातन धर्म को गलत ढंग से समझा जाता है। सनातन संस्कृति सिर्फ कुछ रीति-रिवाजों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक विशाल आध्यात्मिक दर्शन है जो ब्रह्मांड के हर छोटे कण में दिव्यता का अहसास कराता है। इसी तरह वाराणसी के जगतगुरु श्री बालक देवाचार्य जी महाराज ने भी एकता कपूर का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में फिल्मों में धर्म को कुछ बेहतर और सकारात्मक रूप में दिखाया जाने लगा है, लेकिन अभी भी बहुत सुधार की गुंजाइश है। महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने भी समर्थन जताते हुए कहा कि फिल्मों में मस्जिदों से जुड़े दृश्यों को श्रद्धा के साथ दिखाया जाता है, जबकि हिंदू धर्म, तिलक और संतों की वेशभूषा को कई बार उपहास का पात्र बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर हिंदू धर्म के खिलाफ नफरत फैला रहे हैं।\n\nपॉडकास्ट में क्या कहा था एकता कपूर ने\nयह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब एकता कपूर ने रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान फिल्म उद्योग के अंदरूनी रवैए पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि इंडस्ट्री विदेशी फैंटेसी और एनिमेटेड कहानियों को तुरंत अपना लेती है, लेकिन अपनी ही भारतीय लोककथाओं और पौराणिक गाथाओं को लेकर असहज हो जाती है। उन्होंने यह भी साझा किया था कि कैसे उन्हें खुद माथे पर टीका लगाने और हाथ में धागा बांधने की वजह से तांत्रिक तक कह दिया गया था। उन्होंने सवाल किया था कि अपनी आस्था को खुलेआम जाहिर करना लोगों के लिए इतनी बड़ी असहजता का विषय क्यों बन जाता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. एकता कपूर ने किस मंच पर हिंदूफोबिया का मुद्दा उठाया था?\nएकता कपूर ने रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान इस मुद्दे को उठाया था।\n\n2. किन-किन जगहों के संतों ने एकता कपूर के बयान का समर्थन किया है?\nअयोध्या, उज्जैन और वाराणसी के कई प्रमुख साधु-संतों ने एकता कपूर के बयान का समर्थन किया है।\n\n3. संतों ने फिल्मों को लेकर क्या मुख्य आरोप लगाया है?\nसंतों का आरोप है कि फिल्मों में सनातन धर्म, मंदिरों और धार्मिक प्रतीकों को अक्सर नकारात्मक या गलत तरीके से पेश किया जाता है।\n\n4. महंत डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज ने फिल्मों का कौन सा उदाहरण दिया?\nउन्होंने कहा कि फिल्मों में पात्रों को मजार पर जाकर ठीक होते दिखाया जाता है, जबकि चोरी जैसी घटनाओं को मंदिरों से जोड़ा जाता है।",
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  "category": "मनोरंजन",
  "publishedAt": "2026-10-17",
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