# केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का पुनर्गठन, शशि शेखर वेम्पटि बने अध्यक्ष और पैनल में शामिल हुए पंकज त्रिपाठी-प्रीति जिंटा

> केंद्र सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी सीबीएफसी का पुनर्गठन कर दिया है। पूर्व प्रसार भारती प्रमुख शशि शेखर वेम्पटि की अध्यक्षता में 18 सदस्यीय नई समिति बनाई गई है जिसमें प्रीति जिंटा और पंकज त्रिपाठी जैसे दिग्गज चेहरे शामिल हैं।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-09-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/cbfc-ka-punargathana-shashi-shekhar-vempati-bane-adhyaksha-aura-painala-men-shamila-hue-pankaj-tripathi-preity-zinta-32828 · **Language:** Hindi
**Tags:** सीबीएफसी, शशि शेखर वेम्पटि, पंकज त्रिपाठी, प्रीति जिंटा, सेंसर बोर्ड, बॉलीवुड, मनोरंजन

भारतीय सिनेमा जगत की सबसे प्रमुख संस्था केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड में बड़ा बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार ने इस बोर्ड का नए सिरे से गठन कर दिया है जिसकी कमान पूर्व प्रसार भारती प्रमुख शशि शेखर वेम्पटि को सौंपी गई है। इस नई समिति में देश भर से सिनेमा और कला जगत के अठारह नामचीन चेहरों को जगह दी गई है। यह नया सेंसर बोर्ड पैनल तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है और अगले तीन साल या अगले आदेश तक अपनी सेवाएं देगा। इस बदलाव के तहत बॉलीवुड के साथ-साथ क्षेत्रीय सिनेमा के कई जाने-माने कलाकारों और निर्देशकों को इस पैनल में शामिल किया गया है।

नई सेंसर बोर्ड टीम में मनोरंजन जगत की कई जानी-पहचानी हस्तियों को शामिल किया गया है। सूची में प्रीति जिंटा, मशहूर अभिनेता पंकज त्रिपाठी, सुनील शेट्टी, पल्लवी जोशी, बंगाली सिनेमा के दिग्गज प्रसेनजीत चटर्जी, लोकप्रिय टेलीविजन अभिनेत्री रुपाली गांगुली, जाने-माने निर्देशक प्रियदर्शन और तीन बार ग्रैमी पुरस्कार जीत चुके संगीतकार रिकी केज का नाम शामिल है। इसके अलावा राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्मकार नीला माधब पांडा, अभिनेता मनोज जोशी, गुजराती सिनेमा के निर्माता अभिषेक जैन, तेलुगु फिल्म निर्माता सुप्रिया यारलागड्डा, प्रसिद्ध फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम, जाने-माने कवि और लेखक यतींद्र मिश्रा, अभिनेत्री निशिगंधा वाड और गायक व पूर्व सांसद हंसराज हंस को भी इस बोर्ड का सदस्य बनाया गया है।

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दिलचस्प पहलू यह है कि पुरानी समिति में से केवल दो सदस्यों को ही इस नई सूची में स्थान मिला है। इनमें निर्देशक वामन केंद्रे और वरिष्ठ लेखक रमेश पतंगे के नाम शामिल हैं, जिन्हें नए बोर्ड में भी बरकरार रखा गया है। बोर्ड की कमान संभालने के तुरंत बाद शशि शेखर वेम्पटि ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने सभी नए सदस्यों का स्वागत करते हुए अपनी खुशी जाहिर की और नए पैनल को बधाई दी।

यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब कुछ समय पहले ही बोर्ड की एक अहम उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस हाई-लेवल मीटिंग में फिल्मों के सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने तथा रिवाइजिंग कमेटी से जुड़े कई महत्वपूर्ण और लंबित मामलों पर गंभीर चर्चा हुई थी। जानकारों के अनुसार सेंसर बोर्ड का यह पुनर्गठन बेहद खास समय पर हुआ है क्योंकि नियमों के मुताबिक बोर्ड के सदस्यों का कार्यकाल तीन साल का होता है, लेकिन वर्ष 2017 के बाद से पूरे नौ सालों तक बोर्ड का आधिकारिक तौर पर पुनर्गठन नहीं किया गया था। इस प्रकार काफी लंबे अंतराल के बाद सेंसर बोर्ड को नई टीम मिली है।

बता दें कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड भारत सरकार के अंतर्गत काम करने वाली वह सर्वोच्च संस्था है जो देश भर के सिनेमाघरों और विभिन्न सार्वजनिक मंचों पर प्रदर्शित होने वाली फिल्मों की जांच करती है और उन्हें सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए उपयुक्त प्रमाण पत्र जारी करती है। यह बोर्ड सिनेमेटोग्राफ एक्ट और उसके तमाम तय नियमों तथा दिशा-निर्देशों के तहत ही फिल्मों को यू, यू/ए या फिर ए श्रेणी में प्रमाणित करने की जिम्मेदारी निभाता है ताकि दर्शकों तक सही सामग्री पहुंच सके।

## इसका आप पर असर
सीबीएफसी के इस नए पुनर्गठन का सीधा असर भारतीय फिल्म उद्योग और सिनेमाप्रेमियों पर पड़ेगा।

- **फिल्म निर्माताओं के लिए:** बोर्ड के नए नेतृत्व और पैनल के आने से फिल्मों के सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया में तेजी आने और नियमों के पालन में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। लंबित मामलों का निपटारा जल्द होने से निर्माताओं को अपनी फिल्में समय पर रिलीज करने में आसानी होगी।
- **दर्शकों के लिए:** विभिन्न क्षेत्रीय और मुख्यधारा के कलाकारों के बोर्ड में शामिल होने से फिल्मों की समीक्षा और प्रमाणन के दौरान सिनेमाई संवेदनाओं का बेहतर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सकेगा। इससे दर्शकों को उनकी पसंद के अनुसार अधिक सटीक और संतुलित श्रेणियां मिलेंगी।

## ऐसा क्यों हुआ
सेंसर बोर्ड के इस बड़े पुनर्गठन के पीछे प्रशासनिक और समयानुसार बदलाव की आवश्यकता मुख्य कारण रही है। नियमों के मुताबिक बोर्ड के सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है, लेकिन वर्ष 2017 के बाद से पूरे नौ साल तक आधिकारिक रूप से नया पैनल नहीं बनाया गया था।

- **लंबा अंतराल:** पिछला पैनल तय समय के बाद भी लंबे समय तक काम करता रहा और नौ साल तक कोई नया आधिकारिक पुनर्गठन नहीं किया गया था।
- **हालिया उच्च स्तरीय बैठक:** बोर्ड की हालिया हाई-लेवल मीटिंग में सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर दिया गया था जिसके बाद यह नया बदलाव किया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के नए अध्यक्ष कौन हैं?
पूर्व प्रसार भारती प्रमुख शशि शेखर वेम्पटि को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

### 2. सीबीएफसी की नई समिति में कुल कितने सदस्यों को शामिल किया गया है?
इस नई समिति में अध्यक्ष समेत कुल 18 सदस्यों को शामिल किया गया है।

### 3. सेंसर बोर्ड के नए सदस्यों का कार्यकाल कितने समय का होगा?
यह नई सेंसर बोर्ड समिति अगले तीन साल या अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से लागू रहेगी।

### 4. कितने वर्षों बाद सीबीएफसी का पुनर्गठन किया गया है?
वर्ष 2017 के बाद पूरे 9 सालों के लंबे अंतराल के बाद बोर्ड का आधिकारिक पुनर्गठन किया गया है।

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