चिरंजीवी का 71वां जन्मदिन: मेगास्टार की वो 7 सदाबहार फिल्में जो हर सिनेप्रेमी को देखनी चाहिए साउथ सिनेमा के मेगास्टार चिरंजीवी के 71वें जन्मदिन पर जानिए उनकी सात बेहतरीन फिल्मों के बारे में, जिन्होंने अभिनय और बॉक्स ऑफिस पर नए मानक गढ़े। भारतीय सिनेमा जगत में चिरंजीवी का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। दशकों से अपनी दमदार कला, लाजवाब नृत्य कला और गजब के आकर्षण से उन्होंने दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी है। उनके जन्मदिन के इस खास अवसर पर नजर डालते हैं उनकी सात ऐसी शानदार और यादगार फिल्मों पर, जिन्हें हर सिनेमा प्रेमी को अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार जरूर देखना चाहिए। गैंग लीडर (1991) अगर आपको भरपूर एक्शन और मसालेदार कहानियों का शौक है, तो यह फिल्म आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इस फिल्म में शानदार एक्शन दृश्यों के साथ-साथ बेहतरीन कॉमेडी और कर्णप्रिय संगीत का मेल देखने को मिलता है। इस मूवी ने टिकट खिड़की पर कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए थे और आज भी इसे तेलुगु फिल्म उद्योग की एक куль-क्लासिक के रूप में याद किया जाता है। कैदी (1983) निर्देशक ए. कोदंडरामी रेड्डी के निर्देशन में बनी यह मूवी चिरंजीवी के फिल्मी सफर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई थी। इस एक्शन से भरपूर ड्रामा ने उन्हें रातों-रात बुलंदियों पर पहुंचा दिया और स्टार बना दिया। इसकी मजबूत पटकथा और बेहतरीन अभिनय ने इसे उस दौर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों की सूची में शामिल कर दिया था। स्वयंक्रुषि (1987) इस प्रोजेक्ट में दर्शक चिरंजीवी के एक बिल्कुल जुदा और अनोखे अंदाज से रूबरू हुए थे। इसमें उन्होंने सांबैया नाम के एक साधारण मोची की भूमिका निभाई थी जो अपनी मेहनत और आत्मसम्मान पर पूरा भरोसा रखता है। किसी भी तरह के बाहरी दिखावे से दूर, इस सादगी भरे किरदार में उन्होंने अपनी शानदार कला से हर दर्शक को मंत्रमुग्ध कर दिया था और आज भी यह उनकी सबसे खास फिल्मों में शुमार है। इंद्रा - द टाइगर (2002) पारिवारिक वैमनस्य और आपसी रंजिश की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था। इसके दमदार संवाद और चिरंजीवी का रौबदार मिजाज सिनेमाघरों में दर्शकों के बीच भारी उत्साह पैदा करने में कामयाब रहा था। यह मेगास्टार के करियर की सबसे बड़ी सफल फिल्मों में से एक है। रुद्रवीणा (1988) एक सामाजिक संदेश देने वाली यह फिल्म जातिगत भेदभाव और असमानता जैसे गंभीर मुद्दों पर खुलकर बात करती है। इसमें उन्होंने अपने पारंपरिक एक्शन हीरो के सांचे से बाहर निकलकर एक अत्यंत गंभीर और परिपक्व भूमिका निभाई थी। इस संवेदनशील ड्रामे में उनके शानदार अभिनय को समीक्षकों और आम दर्शकों दोनों से भरपूर सराहना मिली थी। वाल्टेयर वीरैया (2023) चिरंजीवी के चिरपरिचित मास अवतार का पूरा आनंद लेने के लिए यह फिल्म एकदम मुफीद है। एक्शन, कॉमेडी और भावनाओं के अद्भुत मिश्रण से सजी यह मूवी शुरुआत से अंत तक दर्शकों बांधे रखती है। इसमें उनका वही पुराना अंदाज और स्टार वाला जादू साफ झलकता है जो पर्दे पर देखने लायक होता है। टैगोर (2003) समाज में फैली रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक प्रोफेसर की जंग पर आधारित यह फिल्म आज भी बेहद प्रासंगिक है। इस गंभीर सामाजिक विषय वाली कहानी में अभिनेता के सशक्त प्रदर्शन ने जान फूंक दी थी। इसका मजबूत संदेश और बेहतरीन प्रस्तुति इसे दर्शकों के दिलों के बेहद करीब रखती है। इसका आप पर असर फिल्मी दुनिया के लिए: यह सूची चिरंजीवी के सिनेमाई योगदान और उनके करियर के महत्वपूर्ण पड़ावों को समझती है। दर्शकों के लिए: सिनेमा प्रेमियों को उनकी बेहतरीन क्लासिक फिल्मों को दोबारा देखने का मौका मिलता है। सवाल-जवाब 1. चिरंजीवी ने किस फिल्म से रातों-रात सुपरस्टार का दर्जा हासिल किया? उन्होंने 1983 में आई फिल्म कैदी से यह मुकाम हासिल किया। 2. स्वयंक्रुषि फिल्म में चिरंजीवी ने कौन सा किरदार निभाया था? उन्होंने इस फिल्म में सांबैया नाम के एक मोची की भूमिका निभाई थी। 3. टैगोर फिल्म की मुख्य कहानी किस विषय पर आधारित थी? यह फिल्म समाज से रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार को खत्म करने की कहानी पर आधारित थी। 4. वाल्टेयर वीरैया किस वर्ष रिलीज हुई थी? यह फिल्म साल 2023 में सिनेमाघरों में आई थी। https://trendkia.com/entertainment/chiranjeevi-71st-birthday-seven-essential-masterpieces-20098 TrendKia — Har trend, sabse pehle.