# चोर बाजार से खरीदी जिस जैकेट ने बनाया था मिस्टर इंडिया, चार दशक बाद भी अनिल कपूर को बिल्कुल फिट

> अनिल कपूर करीब 39 साल बाद अपनी यादगार फिल्म मिस्टर इंडिया के मूल कॉस्ट्यूम में दिखाई देंगे, जिसे उन्होंने आज तक संभालकर रखा है। स्टार प्लस के शो इंडिया के टॉप 1% में वह इस अवतार के जरिए निस्वार्थ भाव से समाज सेवा करने वालों को सलाम करेंगे।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-10-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/chor-bazaar-se-kharidi-jisa-jaiketa-ne-banaya-tha-mr-india-chara-dashaka-bada-bhi-anil-kapoor-ko-bilkula-phita-45894 · **Language:** Hindi
**Tags:** अनिल कपूर, मिस्टर इंडिया, स्टार प्लस, जियोहॉटस्टार, बॉलीवुड, टेलीविजन, राज कपूर

हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई ऐसी फिल्में दर्ज हैं जिनका आकर्षण वक्त बीतने के साथ कम होने के बजाय और गहरा होता जाता है। साल 1987 में पर्दे पर आई फिल्म मिस्टर इंडिया भी ऐसी ही एक बेमिसाल कृति है, जिसका किरदार, पहनावा और अंदाज दशकों बाद भी सिनेप्रेमियों के जेहन में ताजा है। अब करीब 39 साल के लंबे अंतराल के बाद अभिनेता अनिल कपूर एक बार फिर उसी पुराने और लोकप्रिय अवतार में दर्शकों के सामने आने की तैयारी में हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने फिल्म की शूटिंग के दौरान पहनी गई शर्ट, पतलून और खास जैकेट को आज तक पूरी हिफाजत से सहेज कर रखा है। चार दशक का वक्त बीत जाने के बावजूद यह पूरी पोशाक आज भी उन पर उसी तरह पूरी तरह फिट बैठती है।

## चोर बाजार की जैकेट और पुराने लुक का संयोग
इस यादगार पोशाक को दोबारा पहनने का मौका स्टार प्लस के चर्चित कार्यक्रम इंडिया के टॉप 1% के एक विशेष एपिसोड के दौरान बना। जब शो की क्रिएटिव टीम ने मिस्टर इंडिया थीम पर आधारित एपिसोड के लिए कॉस्ट्यूम तैयार करने और ढूंढने की चर्चा की, तब अभिनेता ने सबको चौंकाते हुए बताया कि उनकी मूल ड्रेस कहीं खोई नहीं है बल्कि उनके पास पूरी तरह सुरक्षित रखी है। अपनी उस मशहूर जैकेट की यादें ताजा करते हुए उन्होंने खुलासा किया कि शूटिंग के दिनों में यह जैकेट किसी बड़े डिजाइनर शोरूम से नहीं, बल्कि मुंबई के मशहूर चोर बाजार से खरीदी गई थी। मौजूदा समय में उनके बाल भी काफी लंबे हैं, जो अनायास ही 39 साल पुराने मिस्टर इंडिया वाले लुक से मेल खा रहे हैं। इस अनोखे संयोग की वजह से पुराने कपड़े पहनते ही उनका वही पुराना विंटेज अंदाज पूरी जीवंतता से लौट आया।

## निस्वार्थ सेवा और आम इंसान के मिस्टर इंडिया बनने का फलसफा
इस खास एपिसोड का मकसद केवल पुरानी यादों को ताजा करना नहीं, बल्कि समाज के असली नायकों को एक बड़ा मंच देना भी है। अभिनेता के अनुसार मिस्टर इंडिया फिल्म की बुनियादी सोच भी यही थी कि कोई भी आम इंसान समाज की भलाई के लिए आगे आकर नायक बन सकता है। जब यह फिल्म रिलीज हुई थी, तब महान फिल्मकार राज कपूर ने भी इसकी कहानी में छिपे गहरे सामाजिक संदेश की खुलकर सराहना की थी। देश और समाज के लिए बिना किसी निजी स्वार्थ या बदले की उम्मीद के काम करने वाले लोग ही राष्ट्र निर्माण की असली ताकत होते हैं। वे अपने काम को केवल एक जिम्मेदारी मानकर चुपचाप अंजाम देते हैं। टेलीविजन शो का यह खास एपिसोड ऐसे ही कर्मठ लोगों के अमूल्य योगदान को सम्मानित करने का एक प्रयास है। दर्शक इंडिया के टॉप 1% द अनिल कपूर शो को हर शनिवार और रविवार रात 8 बजे स्टार प्लस चैनल के साथ साथ जियोहॉटस्टार पर भी देख सकते हैं।

## इसका आप पर असर
अनिल कपूर की यह अनूठी वापसी और उनका शो दर्शकों तथा फिटनेस के प्रति सजग लोगों को कई व्यावहारिक सीख देता है।

- **फिटनेस और स्वास्थ्य:** लगभग 39 साल पुरानी पोशाक का आज भी फिट आना दिखाता है कि नियमित अनुशासन और सेहतमंद जीवनशैली उम्र के प्रभाव को कम कर सकती है। दर्शक अपनी दैनिक दिनचर्या में संतुलित आहार और कसरत को प्राथमिकता देने के लिए इससे प्रेरित हो सकते हैं।
- **टेलीविजन दर्शक:** सप्ताहांत पर सार्थक मनोरंजन की तलाश कर रहे दर्शक इस विशेष एपिसोड का आनंद ले सकते हैं। यह कार्यक्रम हर शनिवार और रविवार रात 8 बजे स्टार प्लस टीवी चैनल और जियोहॉटस्टार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होता है।
- **सस्टेनेबल फैशन और यादें:** पुराने कपड़ों को सहेज कर रखना यह सिखाता है कि गुणवत्तापूर्ण और यादगार चीजों की कद्र लंबे समय तक की जा सकती है। लोग अपनी पुरानी पसंदीदा पोशाकों को फेंकने के बजाय उन्हें सहेजने या दोबारा इस्तेमाल करने पर विचार कर सकते हैं।
- **सामाजिक प्रेरणा:** शो में दिखाए जाने वाले निस्वार्थ नायकों की कहानियां आम नागरिकों को समाज कल्याण के छोटे-छोटे प्रयासों से जुड़ने की सीख देती हैं। इससे लोगों में बिना किसी लालच के दूसरों की मदद करने का भाव मजबूत होता है।

## ऐसा क्यों हुआ
अनिल कपूर द्वारा चार दशक पुरानी पोशाक दोबारा पहनने और इस खास एपिसोड के निर्माण की पृष्ठभूमि कई दिलचस्प वजहों से जुड़ी है।

- **टेलीविजन एपिसोड का खास विषय:** स्टार प्लस के कार्यक्रम में समाज के गुमनाम और निस्वार्थ नायकों को सम्मानित करने के लिए एक विशेष थीम की जरूरत थी। निर्माताओं ने आम आदमी के नायक बनने के प्रतीक के रूप में मिस्टर इंडिया की थीम को सबसे उपयुक्त पाया।
- **मूल कपड़ों का सुरक्षित होना:** जब प्रोडक्शन टीम ने कॉस्ट्यूम की खोज शुरू की, तब अभिनेता के पास मूल शर्ट, पैंट और जैकेट पूरी तरह सुरक्षित मौजूद थी। कपड़ों की इस उपलब्धता ने रीमेक कॉस्ट्यूम बनाने के बजाय असली विंटेज ड्रेस पहनने का रास्ता साफ किया।
- **प्राकृतिक लुक का मेल:** मौजूदा समय में अनिल कपूर के बाल स्वाभाविक रूप से लंबे हैं, जो फिल्म के मूल स्वरूप से बिल्कुल मेल खाते हैं। इस शारीरिक समानता ने पुरानी पोशाक पहनकर हूबहू वही लुक दोबारा बनाने के फैसले को और आसान बना दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. अनिल कपूर किस शो में मिस्टर इंडिया के लुक में नजर आएंगे?
वह स्टार प्लस पर प्रसारित होने वाले शो 'इंडिया के टॉप 1% - द अनिल कपूर शो' के एक विशेष एपिसोड में इस लुक में दिखाई देंगे।

### 2. अनिल कपूर ने अपनी मशहूर जैकेट कहां से खरीदी थी?
उन्होंने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान यह प्रसिद्ध जैकेट मुंबई के चोर बाजार से खरीदी गई थी।

### 3. मिस्टर इंडिया फिल्म को रिलीज हुए कितने साल बीत चुके हैं?
फिल्म के रिलीज और इस कॉस्ट्यूम को करीब 39 साल का समय बीत चुका है।

### 4. फिल्म मिस्टर इंडिया का मुख्य संदेश क्या था?
फिल्म का मूल विचार यह था कि कोई भी आम इंसान बिना किसी स्वार्थ के देश और समाज की सेवा करके मिस्टर इंडिया बन सकता है।

### 5. यह शो कब और कहां देखा जा सकता है?
यह कार्यक्रम हर शनिवार और रविवार रात 8 बजे स्टार प्लस चैनल और जियोहॉटस्टार पर देखा जा सकता है।

## प्रेरणा और सबक
अनिल कपूर के इस अनुभव और मिस्टर इंडिया के मूल फलसफे से आम पाठक कई प्रेरणादायक सबक सीख सकते हैं।

- **अनुशासन और फिटनेस की ताकत:** चार दशकों तक अपने शरीर की बनावट को बनाए रखना यह साबित करता है कि निरंतर शारीरिक अनुशासन से उम्र के बंधन को तोड़ा जा सकता है।
- **निस्वार्थ कर्तव्य की भावना:** समाज की सेवा बिना किसी प्रचार या बदले की उम्मीद के करना ही वास्तविक बड़प्पन है, जैसा कि फिल्म का मूल संदेश सिखाता है।
- **सादगी में महानता:** चोर बाजार से खरीदी गई एक साधारण जैकेट भी इतिहास रच सकती है, जो यह दर्शाती है कि महंगे साधनों से ज्यादा काम के प्रति समर्पण मायने रखता है।
- **हर आम व्यक्ति में नायक:** समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किसी अलौकिक शक्ति की नहीं, बल्कि सही नीयत और जिम्मेदारी की जरूरत होती है।

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