# दिल्ली में लाइव शो रोककर सुरक्षाकर्मियों के सम्मान में झुके दिलजीत दोसांझ, महिला सीआरपीएफ जवान में दिखी मां की छवि

> राजधानी दिल्ली में आयोजित लाइव शो के दौरान गायक दिलजीत दोसांझ ने सुरक्षा में तैनात जवानों का आभार जताया और मंच पर एक महिला सीआरपीएफ अधिकारी को देखकर भावुक हो उठे।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-10-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/delhi-men-laiva-sho-rokakara-surakshakarmiyon-ke-sammana-men-jhuke-diljit-dosanjh-mahila-crpf-javana-men-dikhi-man-ki-chhavi-53676 · **Language:** Hindi
**Tags:** दिलजीत दोसांझ, दिल्ली कॉन्सर्ट, सीआरपीएफ, दिल्ली पुलिस, लाइव कॉन्सर्ट, डीएमआरसी, मनोरंजन समाचार

राजधानी दिल्ली में आयोजित एक बड़े संगीतमय कार्यक्रम के दौरान उस समय बेहद भावुक माहौल बन गया, जब मशहूर गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने बीच प्रस्तुति में ही अपना गायन रोक दिया। मंच पर गाते हुए अचानक उनका ध्यान चारों तरफ मुस्तैदी से पहरा दे रहे सुरक्षाबलों पर गया। उन्होंने न केवल इन जवानों के कड़े परिश्रम की खुलकर सराहना की, बल्कि वहां ड्यूटी निभा रहीं एक महिला सीआरपीएफ अधिकारी के साथ एक ऐसा आत्मीय पल साझा किया जिसने स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों की आंखें नम कर दीं।

## मंच पर प्रस्तुति रोककर जवानों को किया सलाम
राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को आयोजित इस लाइव कार्यक्रम में जब दर्शक संगीत की धुनों पर झूम रहे थे, तभी दिलजीत ने कुछ समय के लिए अपने सुर थाम लिए। उन्होंने आयोजन स्थल पर तैनात पुलिस और अन्य अर्धसैनिक बलों के योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें आदरपूर्वक सलामी दी। इसके तुरंत बाद उन्होंने सामने मौजूद विशाल जनसमूह से सुरक्षाकर्मियों के सम्मान में जोर-जोर से तालियां बजाने का आह्वान किया, जिसका दर्शकों ने पूरे उत्साह के साथ समर्थन किया।

## महिला सीआरपीएफ अधिकारी से बातचीत और मां की याद
सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में गायक सुरक्षाकर्मियों की भूमिका पर अपने विचार रखते नजर आते हैं। दिलजीत ने वहां मौजूद लोगों से कहा कि इन जवानों की मुस्तैदी की बदौलत ही नागरिक पूरी तरह बेखौफ होकर ऐसे आयोजनों का आनंद ले पाते हैं। सुरक्षा के इसी महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि ये जवान यहां तैनात न हों, तो कोई भी सुरक्षित महसूस नहीं कर पाएगा।

इसके बाद उन्होंने परिसर में पहरा दे रहीं एक महिला सीआरपीएफ अधिकारी को मंच पर आमंत्रित किया। उनसे आत्मीय संवाद करते हुए गायक बेहद भावुक हो गए। उन्होंने साझा किया कि व्यस्तता के चलते वह पूरे साल में अपनी मां से सिर्फ एक या दो बार ही भेंट कर पाते हैं। ऐसे में जब उनकी नजर ड्यूटी पर मुस्तैद उस महिला अधिकारी पर पड़ी, तो उन्हें ऐसा आभास हुआ मानो साक्षात उनकी मां ही उनके सामने आ खड़ी हुई हों।

## मां के फोन का भावनात्मक प्रसंग और आशीर्वाद
दिलजीत ने दर्शकों के साथ यह बात भी बांटी कि कार्यक्रम वाले दिन ही सुबह उनकी मां का फोन आया था। मां ने बातचीत के दौरान उनसे अपनी सेहत और खान-पान का ध्यान रखने को कहा था, जिस पर गायक ने उन्हें आश्वस्त किया था कि सब कुछ मंगलमय होगा और चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

मंच पर उपस्थित महिला अधिकारी की ओर मुखातिब होकर उन्होंने स्नेहपूर्वक उनके सिर पर हाथ रखा और कहा कि उन्हें उनमें अपनी मां का ही स्वरूप दिखाई दे रहा है। गायक के इस आदरपूर्ण और ममतामयी भाव को देखकर पूरा परिसर करतल ध्वनि से गूंज उठा। इस मार्मिक क्षण के बहाने उन्होंने विशाल जनसमूह की सुरक्षा में मुस्तैद समूची सुरक्षा टुकड़ी के प्रति दिल से आभार प्रकट किया।

## प्रशासन, मेट्रो और आयोजन से जुड़ी एजेंसियों का धन्यवाद
संगीतमय शाम के समापन के पश्चात दिलजीत ने डिजिटल मंचों पर संदेश साझा करके दिल्ली के प्रशंसकों और इस विशाल आयोजन को निर्बाध रूप से संचालित करने वाली प्रशासनिक इकाइयों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से दिल्ली पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) तथा बुकमायशो लाइव की प्रबंधकीय टीमों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली के संगीत प्रेमियों के प्रति अपने अगाध स्नेह का इजहार भी किया।

उल्लेखनीय है कि बीते कुछ महीनों के दौरान राजधानी की कानून-व्यवस्था से जुड़ी दिल्ली पुलिस खासी सुर्खियों में रही थी, खासकर जंतर-मंतर पर घटित विरोध प्रदर्शनों के समय। इसी वर्ष जुलाई के महीने में संसद मार्ग की तरफ बढ़े प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के मध्य हुई नोकझोंक के दृश्य भी डिजिटल माध्यमों पर प्रसारित हुए थे। तनावपूर्ण पृष्ठभूमि के बाद एक बड़े सार्वजनिक जलसे में कलाकारों द्वारा सुरक्षा एजेंसियों को मिले इस खुले सम्मान ने व्यापक स्तर पर जनसामान्य का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

## इसका आप पर असर
सार्वजनिक हस्तियों द्वारा सुरक्षाकर्मियों के योगदान को मंच से स्वीकार किए जाने से बड़े आयोजनों में जनता और पुलिस तंत्र के बीच आपसी सम्मान को बढ़ावा मिलता है।

- **राष्ट्रीय स्तर पर:** यह घटना रेखांकित करती है कि विशाल सार्वजनिक कार्यक्रमों के निर्बाध संचालन में केंद्रीय बलों और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी कितनी अहम होती है। आम नागरिकों के भीतर कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे जवानों के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान का भाव मजबूत होता है।
- **दिल्ली में:** हाल के महीनों में विभिन्न विरोध प्रदर्शनों और बंदोबस्त को लेकर चर्चा में रही राजधानी की पुलिस व्यवस्था के लिए यह एक सकारात्मक संदेश है। राजधानी में आयोजित होने वाले आगामी सांस्कृतिक और संगीत समारोहों में आयोजकों और सुरक्षा तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।
- **कॉन्सर्ट दर्शकों के लिए:** बड़े संगीत जलसों में आने वाले युवाओं को आयोजनों के पीछे सक्रिय सुरक्षा और परिवहन एजेंसियों के प्रयासों की अहमियत समझ आती है। दर्शक सुरक्षा नियमों का पालन करने और मौके पर तैनात कर्मियों का सहयोग करने के लिए अधिक प्रेरित होते हैं।
- **सुरक्षाबलों के मनोबल पर:** लगातार कई घंटों तक भीड़ नियंत्रण और चौकसी में लगे जवानों के कार्य को सार्वजनिक प्रशंसा मिलने से उनके कार्यबल का उत्साह बढ़ता है। यह दर्शाता है कि उच्च स्तरीय मनोरंजन कार्यक्रमों में सुरक्षा एजेंसियों के योगदान की उपेक्षा नहीं की जा सकती।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना एक बड़े संगीत समारोह के दौरान कलाकार के व्यक्तिगत पारिवारिक संदर्भ और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के प्रति कृतज्ञता के स्वाभाविक मेल के कारण घटित हुई।

- **व्यक्तिगत जुड़ाव और मां की स्मृति:** कलाकार ने साझा किया कि व्यस्तता के कारण वह वर्ष में केवल एक या दो बार ही अपनी मां से मिल पाते हैं। उसी सुबह उनकी मां ने फोन पर उनका हालचाल पूछा था, जिसके चलते सुरक्षा में तैनात महिला जवान को देखकर उनमें अपनी मां का अक्स नजर आया।
- **सुरक्षा तंत्र की अनिवार्य उपस्थिति:** स्टेडियम में उमड़ी भारी भीड़ को सुरक्षित माहौल देने के लिए दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के दस्ते रणनीतिक रूप से तैनात थे। मंच से लगातार पहरेदारी कर रहे इन कर्मियों को देखकर गायक ने उनकी अहमियत को रेखांकित करने का निर्णय लिया।
- **प्रशासनिक समन्वय की पृष्ठभूमि:** इतने बड़े स्तर के आयोजन को सुचारू रखने में दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस और प्रबंधन टीमों का साझा सहयोग शामिल था। इसी व्यापक तालमेल और हालिया चुनौतीपूर्ण सुरक्षा माहौल को ध्यान में रखते हुए मंच से सार्वजनिक सम्मान व्यक्त किया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. दिल्ली के कॉन्सर्ट में दिलजीत दोसांझ ने अपनी परफॉर्मेंस क्यों रोक दी थी?
दिलजीत ने आयोजन स्थल पर मुस्तैदी से सुरक्षा संभाल रहे पुलिस और सुरक्षाकर्मियों का आभार व्यक्त करने और उन्हें सलामी देने के लिए प्रस्तुति रोकी थी।

### 2. दिलजीत दोसांझ ने महिला सीआरपीएफ अधिकारी के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि व्यस्तता के कारण वह अपनी मां से साल में बहुत कम मिल पाते हैं, और उस महिला अधिकारी को देखकर उन्हें अपनी मां की छवि नजर आई।

### 3. यह लाइव कॉन्सर्ट दिल्ली में किस तारीख को आयोजित हुआ था?
यह कॉन्सर्ट शुक्रवार, 30 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित किया गया था।

### 4. कॉन्सर्ट के बाद दिलजीत ने किन-किन संस्थाओं को धन्यवाद दिया?
उन्होंने दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) और बुकमायशो लाइव की टीमों का आभार व्यक्त किया।

### 5. कार्यक्रम वाले दिन सुबह दिलजीत की अपनी मां से क्या बातचीत हुई थी?
उनकी मां ने फोन करके उन्हें अपना ख्याल रखने को कहा था, जिस पर दिलजीत ने जवाब दिया था कि सब अच्छा होगा और वे चिंता न करें।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._