# देवरा के चुट्टामल्ले गाने पर बने फर्जी एआई क्लिप को लेकर राम गोपाल वर्मा ने सितारों की प्रतिक्रिया पर उठाए सवाल

> फिल्म देवरा के गाने चुट्टामल्ले से जुड़े मॉर्फ्ड एआई वीडियो विवाद में राम गोपाल वर्मा ने कहा कि मशहूर हस्तियों के बोलने से ऐसे वीडियो को बेवजह पब्लिसिटी मिलती है और करोड़ों लोग देख लेते हैं।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-10-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/devara-ke-chuttamalle-gane-para-bane-pharji-ai-klipa-ko-lekara-ram-gopal-varma-ne-sitaron-ki-pratikriya-para-uthae-savala-42761 · **Language:** Hindi
**Tags:** राम गोपाल वर्मा, जूनियर एनटीआर, देवरा, चुट्टामल्ले, एआई वीडियो विवाद, यामी गौतम

फिल्म **देवरा** के लोकप्रिय गीत **चुट्टामल्ले** को लेकर तैयार किए गए एक फर्जी एआई वीडियो पर मचे हंगामे के बीच अब फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा का अलग दृष्टिकोण सामने आया है। इससे पूर्व जूनियर एनटीआर और यामी गौतम जैसी हस्तियों ने आधुनिक तकनीक के इस तरह के अनुचित उपयोग पर तीखा असंतोष व्यक्त किया था। राम गोपाल वर्मा का मानना है कि ऐसे मामलों में बड़ी हस्तियों की ओर से सार्वजनिक तौर पर आवाज उठाने का उलटा परिणाम निकलता है, क्योंकि इससे उस आपत्तिजनक सामग्री को अप्रत्याशित प्रचार मिल जाता है और वह करोड़ों लोगों तक पहुंच जाती है।

## सेलिब्रिटीज की चर्चा से मिलता है अनुचित प्रचार
राम गोपाल वर्मा ने इस मुद्दे पर अपना नजरिया स्पष्ट करते हुए कहा कि जब जाने-माने चेहरे किसी फर्जी अथवा मॉर्फ्ड वीडियो पर जरूरत से ज्यादा बयानबाजी करते हैं, तो वह अनजाने में उस वीडियो के लिए पब्लिसिटी का काम करता है। ऐसी चर्चाओं के चलते आम दर्शकों का ध्यान उस भ्रामक कंटेंट की तरफ तेजी से आकर्षित होता है, जिसके परिणामस्वरूप उस वीडियो को करोड़ों व्यूज हासिल हो जाते हैं। उनका तर्क है कि सारा ध्यान और ऊर्जा उस व्यक्ति की पहचान करने और उसे कानून के कटघरे में लाने पर लगनी चाहिए जिसने वास्तव में यह फर्जी वीडियो तैयार किया है। असली अपराधी की तलाश करने के स्थान पर समाज केवल उस सामग्री के इर्द-गिर्द बहस में उलझ कर रह जाता है।

## फर्जी क्लिप सामने आने के बाद जूनियर एनटीआर ने जताया था कड़ा विरोध
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत उस वक्त हुई जब फिल्म देवरा के गीत चुट्टामल्ले का सहारा लेकर एआई की सहायता से एक मॉर्फ्ड और नकली वीडियो ऑनलाइन वायरल कर दिया गया। इस वीडियो क्लिप में अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक का दुरुपयोग करते हुए एक महिला को बेहद आपत्तिजनक और अनुचित रूप में पेश किया गया था। इस हरकत से आहत होकर अभिनेता जूनियर एनटीआर ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर अपना भारी आक्रोश प्रकट किया। उन्होंने इस तरह तकनीकी छेड़छाड़ करने वाले तत्वों को बीमार मानसिकता का शिकार करार दिया था।

## सख्त कानूनी कार्रवाई और नियम बनाने की पुरजोर मांग
जूनियर एनटीआर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जिस समाज में महिलाओं को देवी स्वरूप मानकर आदर दिया जाता है, वहां एआई का सहारा लेकर उनका अनादर किया जाना अत्यंत लज्जाजनक है। उन्होंने ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाने की चेतावनी दी। साथ ही उन्होंने इंटरनेट यूजर्स से आग्रह किया कि वे इस प्रकार के किसी भी फर्जी वीडियो को बिल्कुल भी लाइक अथवा फॉरवर्ड न करें। उन्होंने सचेत किया कि जो घटना आज किसी अन्य के साथ घटी है, वह कल किसी और के साथ भी दोहराई जा सकती है। इसी पृष्ठभूमि में उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि एआई तकनीक के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त और प्रभावी कानूनी नियम बनाए जाने चाहिए।

## इसका आप पर असर
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि सोशल मीडिया पर फर्जी डिजिटल सामग्री पर प्रतिक्रिया देने के तरीकों से उसकी पहुंच सीधे तौर पर तय होती है।

- **आम इंटरनेट यूजर्स के लिए:** किसी भी फर्जी या आपत्तिजनक वीडियो पर गुस्सा जताने के चक्कर में उसे शेयर या रीपोस्ट करने से बचें। ऐसा करने से उस भ्रामक कंटेंट को ज्यादा व्यूज मिलते हैं और वह तेजी से वायरल हो जाता है।
- **डिजिटल प्राइवेसी और सुरक्षा:** एआई टूल्स की मदद से किसी की भी छवि से छेड़छाड़ करने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इसलिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी निजी तस्वीरों और वीडियोज को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
- **कानूनी जवाबदेही:** आपत्तिजनक और मॉर्फ्ड कंटेंट को फॉरवर्ड या लाइक करना भी डिजिटल अपराध को बढ़ावा देने जैसा है। ऐसी किसी भी गतिविधि को बढ़ावा देने के बजाय सीधे संबंधित प्लेटफॉर्म या साइबर सेल में रिपोर्ट करना चाहिए।
- **रेगुलेशन और नियमों की स्थिति:** इस तरह के विवादों के बाद एआई से जुड़े कड़े नियमों और नीतियों की मांग जोर पकड़ रही है। आने वाले समय में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और यूजर्स के लिए सख्त साइबर दिशानिर्देश लागू हो सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
फिल्म देवरा के एक गाने के ऑडियो और विजुअल्स का गलत इस्तेमाल कर एआई की मदद से महिला का आपत्तिजनक वीडियो बनाया गया, जिसके बाद सितारों की सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं से यह मुद्दा गर्मा गया।

- **मूल कारण:** चुट्टामल्ले गाने की पृष्ठभूमि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग करके एक महिला का फर्जी और मॉर्फ्ड वीडियो तैयार कर वायरल किया गया था। इस अनुचित कृत्य के सामने आने के बाद जूनियर एनटीआर और यामी गौतम ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई थी।
- **राम गोपाल वर्मा का विरोध:** राम गोपाल वर्मा का मानना है कि सेलिब्रिटीज के मुखर होने से लोग उत्सुकतावश उस वीडियो को खोजने लगते हैं, जिससे कंटेंट को बेवजह करोड़ों व्यूज मिल जाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि बात करने के बजाय मुख्य ध्यान आरोपी को पकड़ने पर होना चाहिए।
- **कानूनी और नीतिगत पृष्ठभूमि:** वर्तमान में डीपफेक और एआई के दुरुपयोग को लेकर सख्त केंद्रीय नियम पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, जिसके चलते जूनियर एनटीआर ने सख्त कानून बनाने की मांग उठाई है।

## सवाल-जवाब

### 1. फिल्म देवरा के गाने को लेकर क्या विवाद हुआ है?
देवरा के गीत चुट्टामल्ले का इस्तेमाल कर एआई की मदद से एक महिला का फर्जी और आपत्तिजनक मॉर्फ्ड वीडियो वायरल किया गया था।

### 2. इस फर्जी वीडियो पर राम गोपाल वर्मा ने क्या राय दी?
राम गोपाल वर्मा ने कहा कि सितारों के ज्यादा बोलने से ऐसे फर्जी कंटेंट को बेवजह पब्लिसिटी मिलती है और करोड़ों लोग उसे देख लेते हैं।

### 3. राम गोपाल वर्मा के अनुसार ऐसे मामलों में क्या किया जाना चाहिए?
उनका मानना है कि केवल कंटेंट पर बहस करने के बजाय सारा ध्यान वीडियो बनाने वाले असली आरोपी को पकड़ने पर केंद्रित होना चाहिए।

### 4. जूनियर एनटीआर ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी थी?
जूनियर एनटीआर ने एआई का ऐसा दुरुपयोग करने वालों को बीमार मानसिकता वाला बताया और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

### 5. जूनियर एनटीआर ने सोशल मीडिया यूजर्स और सरकार से क्या अपील की?
उन्होंने लोगों से ऐसे वीडियो को लाइक या शेयर न करने की अपील की और सरकार से एआई के लिए कड़े नियम बनाने का आग्रह किया।

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