फिल्म सिटी में सोनाली बेंद्रे के शो सेट पर भड़की भीषण आग, सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से की कानूनी कार्रवाई की मांग मुंबई स्थित फिल्म सिटी में 5 अक्टूबर को टीवी शो 'पति पत्नी और पंगा 2' का सेट आग की चपेट में आ गया। इस हादसे के बाद ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच और एफआईआर दर्ज करने की गुहार लगाई है। मुंबई की प्रसिद्ध फिल्म सिटी परिसर में 5 अक्टूबर को अचानक आग भड़कने से अफरा-तफरी मच गई। इस अग्निहादसे की चपेट में अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे का चर्चित टेलीविजन धारावाहिक 'पति पत्नी और पंगा 2' का सेट आ गया। राहत की बात यह रही कि उस समय वहां किसी भी तरह का फिल्मांकन नहीं चल रहा था, जिसके चलते कोई जनहानि नहीं हुई और सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित बच गए। हालांकि, सेट पर धधकती लपटों के दृश्य इंटरनेट और सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो गए, जिसके बाद मनोरंजन जगत में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। श्रमिक संगठन ने उठाई उच्च स्तरीय पड़ताल की मांग इस दुर्घटना के सामने आते ही ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन ने सीधे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को औपचारिक पत्र भेजकर पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कराने की मांग रखी है। सिने वर्कर्स यूनियन का कहना है कि संबंधित टेलीविजन चैनल, धारावाहिक के निर्माताओं और प्रोडक्शन हाउस के खिलाफ सख्त वैधानिक कदम उठाए जाने चाहिए। संगठन ने मांग की है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ विधिवत प्राथमिकी दर्ज की जाए। इसके अतिरिक्त, एसोसिएशन ने परिसर प्रबंधन की जवाबदेही तय करते हुए फिल्म सिटी के प्रबंध निदेशक के इस्तीफे की भी मांग उठाई है। सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल और नेतृत्व का रुख यूनियन के प्रमुख सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने शासन को भेजे गए पत्र में बुनियादी अग्नि सुरक्षा प्रबंधों पर गहरी चिंता व्यक्त की। सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने कहा, "पति पत्नी और पंगा के सेट पर आग लगने का आखिर कारण क्या था?" इसके साथ ही संगठन ने पत्र में तर्क दिया कि यह केवल एक सामान्य इत्तेफाक नहीं बल्कि प्रबंधन स्तर की गंभीर लापरवाही का नतीजा प्रतीत होता है। यूनियन के अनुसार स्टूडियो परिसरों में रोजाना हजारों की तादाद में तकनीशियन, दैनिक वेतनभोगी मजदूर और कलाकार अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर काम करते हैं। निर्माताओं के भारी व्यावसायिक मुनाफे के बीच जमीनी स्तर के कामगारों की सलामती को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि किसी भी बड़े हादसे का सबसे दर्दनाक असर सीधे उनके परिवारों पर पड़ता है। निर्माताओं की ओर से स्थिति स्पष्ट सोशल मीडिया मंचों पर सेट से जुड़े कई वीडियो सामने आए थे, जिनमें भयानक लपटें उठती साफ नजर आ रही थीं। दुर्घटना के बाद कार्यक्रम से जुड़ी प्रोडक्शन टीम ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि परिसर में आग लगने की घटना सच है, लेकिन मौके पर किसी भी तरह का नुकसान इंसानी जान को नहीं पहुंचा। टीम के अनुसार हादसे के वक्त स्टूडियो में शूटिंग बंद थी, जिसके कारण एक बहुत बड़ा संकट टल गया। इसका आप पर असर इस अग्निहादसे ने मनोरंजन उद्योग से जुड़े हजारों दैनिक कामगारों और तकनीशियनों की सुरक्षा को लेकर व्यवस्थागत सुधारों की आवश्यकता को रेखांकित किया है। • भारत में: टीवी और फिल्म उद्योग से जुड़े तकनीशियनों के लिए कार्यस्थलों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल और अनिवार्य बीमा नियमों को कड़ा करने की मांग तेज होगी। इसके परिणामस्वरूप प्रोडक्शन हाउसों को अग्नि सुरक्षा ऑडिट की अनिवार्य रिपोर्ट पेश करनी पड़ सकती है। • मुंबई में: गोरेगांव फिल्म सिटी और आसपास के स्टूडियो परिसरों में आगामी हफ्तों के दौरान स्थानीय प्रशासन की ओर से औचक सुरक्षा निरीक्षण बढ़ सकते हैं। सेट निर्माण के दौरान इस्तेमाल होने वाले ज्वलनशील पदार्थों और अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता की नए सिरे से समीक्षा की जा सकती है। • मनोरंजन उद्योग के लिए: संबंधित टीवी शो के निर्माताओं को क्षतिग्रस्त सेट के पुनर्निर्माण के कारण शूटिंग शेड्यूल में अल्पकालिक बदलाव करने पड़ सकते हैं। इसका असर शो के एपिसोड प्रसारण की समय-सीमा पर पड़ सकता है। • श्रमिकों के परिवारों के लिए: सिने वर्कर्स एसोसिएशन की सक्रियता से जोखिम भरे माहौल में काम करने वाले ग्राउंड क्रू के लिए उचित सुरक्षा उपकरणों की मांग को मजबूती मिलेगी। यह पहल कार्यस्थल पर मजदूरों के कानूनी अधिकारों की रक्षा करने में मददगार साबित हो सकती है। ऐसा क्यों हुआ यह घटना मुंबई के फिल्म सिटी परिसर में एक बंद पड़े सेट पर आग भड़कने के कारण हुई, जिसकी वास्तविक वजह का अब तक आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं हो पाया है। श्रमिक संगठन का आरोप है कि कार्यस्थल पर समुचित अग्निशमन प्रबंधों का अभाव और प्रबंधन की लापरवाही इस बड़े नुकसान का मुख्य आधार बनी। • सीधा कारण: स्टूडियो परिसर में अचानक आग लग गई और कुछ ही पलों में उसने पूरे सेट ढांचे को अपनी जद में ले लिया। फिलहाल आग लगने के सटीक तकनीकी कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है और जांच लंबित है। • पृष्ठभूमि और स्थितियां: श्रमिक संगठन के मुताबिक सेट पर बुनियादी अग्नि सुरक्षा इंतजामों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं थी। सुरक्षा दिशानिर्देशों के अभाव के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया। • समान घटनाएं और ऐतिहासिक संदर्भ: फिल्म और टेलीविजन सेटों पर ज्वलनशील सामग्रियों के अत्यधिक प्रयोग के चलते पहले भी आग लगने की कई घटनाएं सामने आती रही हैं। पर्याप्त निगरानी और स्वतंत्र ऑडिट की कमी के कारण ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति बार-बार देखने को मिलती है। • आगामी कार्रवाई: एसोसिएशन द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद पुलिस जांच, चैनल और निर्माताओं की भूमिका की समीक्षा तथा लापरवाही के आरोपों पर विधिक कार्रवाई किए जाने की संभावना है। सवाल-जवाब 1. फिल्म सिटी में आग किस तारीख को लगी थी? यह अग्निहादसा 5 अक्टूबर को मुंबई स्थित फिल्म सिटी परिसर में हुआ था। 2. हादसे की चपेट में किस टीवी शो का सेट आया? सोनाली बेंद्रे के टेलीविजन शो 'पति पत्नी और पंगा 2' का सेट इस आग की चपेट में आया था। 3. क्या इस घटना में कोई हताहत हुआ? नहीं, उस वक्त सेट पर किसी प्रकार की शूटिंग नहीं चल रही थी, इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई और सभी लोग सुरक्षित रहे। 4. ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने क्या मांग की है? एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर चैनल व निर्माताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने, उच्च स्तरीय जांच कराने और फिल्म सिटी के एमडी का इस्तीफा लेने की मांग की है। https://trendkia.com/entertainment/film-city-men-sonali-bendre-ke-sho-seta-para-bharaki-bhishana-aga-aicwa-ne-mukhyamntri-se-ki-kanuni-karravai-ki-manga-43930 TrendKia — Har trend, sabse pehle.