# फिल्मों में बिकिनी और इंटीमेट सीन्स पर रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने बेबाकी से रखी अपनी राय

> रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने हाल ही में एक चैट शो में फिल्मों के इंटीमेट सीन्स और रिवीलिंग कपड़ों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि एक्टर्स को अपनी पसंद के हिसाब से बाउंड्री तय करने की पूरी आज़ादी होनी चाहिए।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-10-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/films-me-bikini-aur-intimate-scenes-par-rashmika-mandanna-aur-vijay-deverakonda-ne-rakhi-apni-ray-51007 · **Language:** Hindi
**Tags:** रश्मिका मंदाना, विजय देवरकोंडा, कॉफी विद करण, बॉलीवुड, साउथ सिनेमा, इंटीमेट सीन्स, मनोरंजन

साउथ सिनेमा के चर्चित कलाकार रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को लेकर काफी चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में यह जोड़ी करण जौहर के मशहूर चैट शो कॉफी विद करण के सीजन 9 में शामिल हुई थी। इस शो के दौरान दोनों ने होस्ट के कई मुश्किल सवालों के बेहद खुलकर और बेबाक अंदाज में जवाब दिए, जिसके बाद से उनके बयान सुर्खियों में छाए हुए हैं।

## इंटीमेट सीन्स और रिवीलिंग कपड़ों पर खुलकर बोले सितारे
चैट शो के दौरान बातचीत का मुख्य केंद्र फिल्मों में फिल्माए जाने वाले अंतरंग दृश्य और रिवीलिंग कपड़े रहे। विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी अभिनेता या अभिनेत्री को अपनी पसंद और सहजता के दायरे के अनुसार काम चुनने की पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उनका मानना है कि कला के नाम पर किसी पर भी जबरदस्ती दबाव नहीं डाला जाना चाहिए।

## मेकर्स के दबाव और ना कहने की आज़ादी
करण जौहर के साथ हुई बातचीत में विजय देवरकोंडा ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि कोई कलाकार किसी विशेष सीन या रिवीलिंग ड्रेस के लिए असहमति जताता है, तो उसे अनप्रोफेशनल या गलत करार देना पूरी तरह से गलत है। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि एक बार फिल्म साइन कर लेने के बाद कलाकारों पर फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों का एक मानसिक दबाव बन जाता है।

## रश्मिका मंदाना ने साझा किया अपना अनुभव
इस चर्चा के दौरान रश्मिका मंदाना ने अपने शुरुआती फिल्मी सफर का एक व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि अपने करियर के शुरुआती दौर में किसी सीन या ड्रेस के लिए ना कहना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण हुआ करता था। हालांकि, समय के साथ उन्होंने यह सीख लिया है कि अपने काम के लिए एक स्पष्ट दायरा या लाइन खींचना कितना जरूरी है।

## बिकिनी और एक्सपोजिंग ड्रेसेस पर दो टूक बात
रश्मिका ने आगे अपनी बात रखते हुए कहा कि कई बार कमर्शियल फिल्मों की मांग के अनुसार ऐसे कपड़े पहनने पड़ते हैं जो काफी रिवीलिंग होते हैं। उन्होंने बिना किसी झिझक के साफ किया कि वह बिकिनी या अत्यधिक एक्सपोजिंग आउटफिट्स में बिल्कुल भी सहज महसूस नहीं करती हैं। यही वजह है कि वह केवल उन्हीं फिल्म मेकर्स के साथ काम करना पसंद करती हैं जो उनके कम्फर्ट जोन का सम्मान करते हैं।

## पेद्दी फिल्म के विवाद का जिक्र
यह पूरा मुद्दा उस समय और अधिक चर्चा में आ गया जब हाल ही में तेलुगु फिल्म पेद्दी में जाह्नवी कपूर के दृश्यों, कैमरा एंगल्स और बिना सहमति वाले किसिंग सीन को लेकर काफी बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। इसी संदर्भ में बात करते हुए रश्मिका और विजय ने इस बात पर जोर दिया कि शूटिंग सेट पर ऐसा सुरक्षित माहौल होना चाहिए जहां एक्टर्स बिना किसी डर के खुलकर अपनी राय रख सकें।

## विजय देवरकोंडा ने दी रश्मिका को हिम्मत
शो के दौरान रश्मिका ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि जब भी वह किसी सीन को लेकर मानसिक रूप से परेशान या असहज होती हैं, तो विजय देवरकोंडा ही उन्हें सही स्टैंड लेने का हौसला देते हैं। विजय हमेशा उन्हें यह समझाते हैं कि अपनी बात को खुलकर रखना और अपनी शर्तों पर काम करना हर कलाकार का बुनियादी हक है।

## सकारात्मक माहौल की जरूरत
अंत में दोनों कलाकारों ने इस बात पर बल दिया कि फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसा सकारात्मक और पारदर्शी माहौल विकसित होना बहुत आवश्यक है, जहां कलाकार बिना किसी भय के अपनी बाउंड्री तय कर सकें। किसी भी प्रोजेक्ट के नाम पर किसी पर भी जबरन अनुचित दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए, जिससे कलाकारों का मानसिक सुकून बना रहे।

## इसका आप पर असर
फिल्म जगत में कलाकारों की पसंद और कम्फर्ट को लेकर उठे इस मुद्दे का असर सीधे तौर पर आने वाली फिल्मों के निर्माण और कलाकारों के अधिकारों पर पड़ेगा।

- **एक्टर्स के अधिकार:** कलाकारों को अब फिल्मों में अपनी सुविधानुसार काम चुनने और इंटीमेट सीन्स पर अपनी शर्तें रखने का हौसला मिलेगा।
- **मेकर्स की जवाबदेही:** फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों पर सेट पर सुरक्षित और सहज माहौल तैयार करने का दबाव बढ़ जाएगा।
- **सुरक्षित माहौल:** इस तरह की खुलकर चर्चा होने से फिल्म सेट पर कलाकारों के साथ होने वाले जबरदस्ती के मामलों में कमी आएगी।
- **मानसिक स्वास्थ्य:** कलाकारों पर पड़ने वाला मानसिक तनाव कम होगा क्योंकि वे बिना किसी डर के असहज सीन्स के लिए मना कर सकेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा का यह बयान हाल ही में फिल्म सेट पर हुए विवादों और कलाकारों की स्वतंत्रता को लेकर चल रही व्यापक चर्चा के बाद सामने आया है।

- **बढ़ते विवाद:** हाल ही में फिल्मों में बिना सहमति के फिल्माए गए दृश्यों और कैमरा एंगल्स को लेकर हुए बड़े विवादों ने इस मुद्दे को तूल दिया है।
- **मेकर्स का दबाव:** कॉन्ट्रैक्ट साइन होने के बाद कलाकारों पर प्रोजेक्ट पूरा करने का जो मानसिक दबाव बनाया जाता है, उसने कलाकारों को खुलकर बोलने पर मजबूर किया है।
- **व्यक्तिगत अनुभव:** दोनों कलाकारों ने अपने करियर के शुरुआती दौर में आई मुश्किलों और असहजता के अनुभवों से सीख लेकर इस पर खुलकर बात की है।

## सवाल-जवाब

### 1. रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा किस शो में नजर आए थे?
यह दोनों कलाकार हाल ही में करण जौहर के मशहूर चैट शो कॉफी विद करण के सीजन 9 में पहुंचे थे।

### 2. रश्मिका मंदाना ने किस प्रकार के कपड़ों में असहज होने की बात कही है?
रश्मिका ने स्पष्ट किया कि वह बिकिनी और अत्यधिक रिवीलिंग या एक्सपोजिंग ड्रेसेस में बिल्कुल भी कम्फर्टेबल महसूस नहीं करती हैं।

### 3. विजय देवरकोंडा ने अनप्रोफेशनल कहे जाने को लेकर क्या कहा?
विजय ने कहा कि यदि कोई एक्टर किसी सीन या रिवीलिंग ड्रेस के लिए मना करता है, तो उसे अनप्रोफेशनल समझना पूरी तरह से गलत है।

### 4. रश्मिका को असहज दृश्यों के दौरान कौन हिम्मत देता है?
रश्मिका ने बताया कि जब भी वह किसी सीन को लेकर परेशान होती हैं, तो विजय देवरकोंडा ही उन्हें सही स्टैंड लेने की हिम्मत देते हैं।

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