गोविंदा और करिश्मा कपूर के रोमांटिक ट्रैक ‘तुमसे कोई प्यारा’ का जादू तीन दशक बाद भी बरकरार साल 1994 में आई फिल्म खुद्दार का रोमांटिक गीत तुमसे कोई प्यारा राहत इंदौरी की शायरी, अनु मलिक के संगीत और गोविंदा-करिश्मा की अदाकारी की बदौलत आज भी खूब पसंद किया जाता है। नब्बे के दौर में बॉलीवुड सिनेमा के दर्शकों को कई यादगार जोड़ियां देखने को मिलीं, जिनमें अभिनेता गोविंदा और अभिनेत्री करिश्मा कपूर की जुगलबंदी विशेष मानी जाती है। दोनों कलाकारों ने कई लोकप्रिय फिल्मों और शानदार गीतों के जरिए दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। इसी सिलसिले में 25 मार्च 1994 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई एक्शन ड्रामा फिल्म खुद्दार अपने तीखे संवादों और मारधाड़ वाले दृश्यों के अलावा एक बेहद रूमानी गीत के लिए पहचानी जाती है। इस फिल्म का गाना तुमसे कोई प्यारा रिलीज होने के तीन दशक बाद भी संगीत प्रेमियों की जुबान पर बना हुआ है। पर्दे पर गोविंदा का ऊर्जावान अंदाज और करिश्मा कपूर के मासूम चेहरे के भाव इस पूरे ट्रैक को बेहद खास बना देते हैं। राहत इंदौरी की शायरी और अनु मलिक की धुन का मेल इस रोमांटिक रचना की सबसे बड़ी ताकत इसके खूबसूरत बोल हैं, जिन्हें मशहूर शायर और गीतकार राहत इंदौरी ने अपनी कलम से संवारा था। उनके लिखे भावुक शब्दों को जाने-माने संगीतकार अनु मलिक ने अपनी लय और सुरीली धुन में ढाला। जब शब्दों और संगीत का यह संतुलन तैयार हुआ, तो इसे गाने की कमान उस जमाने की सबसे कामयाब पार्श्वगायक जोड़ी कुमार सानू और अलका याग्निक को सौंपी गई। कुमार सानू की गायकी की मिठास और अलका याग्निक के सधे हुए सुरों ने इंदौरी के लिखे हर एक शब्द को गहराई दी, जिससे यह गाना सामने आते ही श्रोताओं के बीच छा गया। बारिश में फिल्माया गया गोविंदा और करिश्मा का डांस गाने के दृश्य में गोविंदा और करिश्मा कपूर बारिश के बीच पूरे उत्साह के साथ थिरकते और रोमांस करते दिखाई देते हैं। उनके सहज डांस स्टेप्स और चेहरे के हाव-भाव ने इस ट्रैक को दर्शकों की यादों में हमेशा के लिए दर्ज करा दिया। फिल्म का निर्देशन इकबाल दुर्रानी ने किया था। इस प्रोजेक्ट में मुख्य जोड़ी के साथ शक्ति कपूर, कादर खान, अंजना मुमताज, विवेक आनंद और आदि ईरानी जैसे अनुभवी कलाकारों ने भी अहम किरदार निभाए थे। बॉक्स ऑफिस पर औसत कारोबार के बावजूद बना रहा गाने का असर व्यावसायिक नजरिए से देखा जाए तो फिल्म टिकट खिड़की पर वैसी सफलता हासिल नहीं कर पाई थी जैसी इससे अपेक्षा की जा रही थी। वैश्विक स्तर पर कुल 6.35 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज करने के बाद यह सिनेमाई परियोजना व्यावसायिक तौर पर एक औसत फिल्म की श्रेणी में ही सिमट कर रह गई। इसके बावजूद इस फिल्म का गीत ‘तुमसे कोई प्यारा’ वक्त के साथ कमजोर नहीं पड़ा। आज के डिजिटल युग में भी यूट्यूब और सोशल मीडिया के विभिन्न वीडियो मंचों पर नई पीढ़ी इस पुराने गाने पर वीडियो रील्स बनाती और सुनती नजर आती है। यही कारण है कि इसे हिंदी सिनेमा के सबसे उम्दा सदाबहार रोमांटिक गीतों में शामिल किया जाता है। इसका आप पर असर पुराने क्लासिक गानों का डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दोबारा लोकप्रिय होना संगीत प्रेमियों और कंटेंट क्रिएटर्स दोनों के लिए खास अनुभव लेकर आता है। • संगीत प्रेमियों के लिए: 90 के दशक के गानों की धुनें आज भी श्रोताओं को एक सुकूनभरा और सदाबहार अनुभव प्रदान करती हैं। लोग तनाव दूर करने और पुरानी यादें ताजा करने के लिए इन्हें अपनी प्लेलिस्ट में शामिल करते हैं। • कंटेंट क्रिएटर्स के लिए: सोशल मीडिया पर ऐसे सदाबहार गीतों का इस्तेमाल कर रील्स और शॉर्ट वीडियो तेजी से वायरल होते हैं। क्रिएटर्स इन लोकप्रिय धुनों पर डांस और लिप-सिंक करके नए दर्शकों तक आसानी से पहुंच बना सकते हैं। • फिल्म उद्योग के लिए: यह साबित करता है कि औसत कारोबार करने वाली फिल्मों के बेहतरीन गीत भी पीढ़ियों तक जीवित रह सकते हैं। फिल्म निर्माताओं को समझ आता है कि अच्छे संगीत और शायरी की अहमियत बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों से कहीं ज्यादा लंबी होती है। • नई पीढ़ी के श्रोताओं के लिए: आज के युवाओं को डिजिटल माध्यमों के जरिए भारतीय सिनेमा के समृद्ध और क्लासिक संगीत को जानने का अवसर मिलता है। वे आसानी से समझ पाते हैं कि बिना तकनीकी शोरगुल के सादा संगीत कैसे दिल छूता है। ऐसा क्यों हुआ फिल्म खुद्दार के इस गाने की दीर्घकालिक लोकप्रियता के पीछे गीत, संगीत और कलाकारों की अदाकारी का दुर्लभ संतुलन रहा है। • राहत इंदौरी की सरल और प्रभावी शायरी: गाने की रचना में राहत इंदौरी ने बेहद सहज और प्रेम से भरे शब्दों का चयन किया था। उनकी इस शायरी ने आम श्रोताओं के दिलों को तुरंत छू लिया और बोल सीधे जुबान पर चढ़ गए। • अनु मलिक का संगीत और गायकी का जादू: अनु मलिक ने बोलों की भावुकता को समझते हुए एक बेहद मधुर और गुनगुनाने लायक धुन तैयार की थी। इसके साथ ही कुमार सानू और अलका याग्निक की आवाज ने इसे एक संपूर्ण रोमांटिक क्लासिक का रूप दे दिया। • गोविंदा और करिश्मा की स्क्रीन केमिस्ट्री: बारिश के दृश्य में दोनों कलाकारों ने सहज भाव और खूबसूरत डांस स्टेप्स पेश किए थे। उनके इस ऑन-स्क्रीन रोमांस और तालमेल ने गाने को दृश्य के स्तर पर भी यादगार बना दिया। • सोशल मीडिया का नया दौर: आज के समय में इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब शॉर्ट्स जैसे प्लेटफॉर्म पुराने गानों को दोबारा जिंदा कर रहे हैं। नई पीढ़ी इन पुराने ट्रैक्स को अपनी रचनात्मकता के साथ जोड़कर फिर से चर्चा में ले आती है। सवाल-जवाब 1. फिल्म ‘खुद्दार’ सिनेमाघरों में कब रिलीज हुई थी? यह फिल्म 25 मार्च 1994 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। 2. गाना ‘तुमसे कोई प्यारा’ के बोल किस गीतकार ने लिखे थे? इस लोकप्रिय गीत के बोल मशहूर शायर और गीतकार राहत इंदौरी ने लिखे थे। 3. इस गाने को किन गायकों ने अपनी आवाज दी है? इस गाने को मशहूर पार्श्वगायक कुमार सानू और गायिका अलका याग्निक ने गाया है। 4. फिल्म ‘खुद्दार’ का निर्देशन किसने किया था? इस एक्शन ड्रामा फिल्म का निर्देशन इकबाल दुर्रानी ने किया था। 5. फिल्म ने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर कुल कितना कारोबार किया था? फिल्म ने दुनियाभर में कुल 6.35 करोड़ रुपये की कमाई की थी और यह औसत साबित हुई थी। https://trendkia.com/entertainment/govinda-aura-karisma-kapoor-ke-romantika-traika-tumse-koi-pyara-ka-jadu-tina-dashaka-bada-bhi-barakarara-41334 TrendKia — Har trend, sabse pehle.