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  "title": "हनुमान अंश के भजन से चमकी सुनील लोधी की किस्मत, ट्रेनों में गाने वाले गायक को मिले फिल्मों के ऑफर",
  "summary": "नीम करोली बाबा पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' के लोकप्रिय भजन से गायक सुनील लोधी की जिंदगी बदल गई है और उन्हें कई नई फिल्मों के ऑफर मिल रहे हैं।",
  "content": "सिनेमाघरों से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक इन दिनों फिल्म हनुमान अंश अपनी मार्मिक कहानी की वजह से दर्शकों के दिलों को छू रही है। नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित इस फिल्म को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारों के साथ पहुंच रहे हैं। फिल्म की कहानी के साथ-साथ इसका भक्तिमय ट्रैक मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान.. भी सोशल मीडिया पर जमकर ट्रेंड कर रहा है। इस चर्चित भजन को अपनी रूहानी आवाज देने वाले युवा गायक सुनील लोधी की प्रेरणादायक यात्रा अब हर तरफ चर्चा का केंद्र बन चुकी है।\n\nतंबूरे और लोकल ट्रेनों से शुरू हुआ संगीत का सफर\nमध्य प्रदेश के सागर जिले के अगरा गांव से ताल्लुक रखने वाले 25 वर्षीय सुनील लोधी जन्म से ही देख नहीं सकते हैं। शारीरिक दृष्टिहीनता के बावजूद उन्होंने संगीत के प्रति अपनी लगन को कभी कम नहीं होने दिया। शुरुआती दिनों में उनके पास आगे बढ़ने के सीमित साधन थे। वे अपने हाथों में तंबूरा लेकर गांव-देहात के इलाकों में घूम-घूमकर भजन गाया करते थे। अपने गुजारे और आजीविका के लिए वे कई बार चलती ट्रेनों में भी गीत गाकर लोगों का मनोरंजन करते और मेहनत से पैसे जुटाते थे।\n\nवायरल वीडियो और हनुमान भक्ति ने बदली तकदीर\nसुनील लोधी के जीवन का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उनका गाया एक स्थानीय भजन मोरे संकट के कटैया इंटरनेट पर साझा हुआ और देखते ही देखते वायरल हो गया। इस गाने के बाद उनकी खनकदार आवाज को बड़े स्तर पर पहचान मिली। सुनील बचपन से ही भगवान हनुमान के अनन्य भक्त रहे हैं और उन्होंने अपनी कला को हमेशा ईश्वर की भक्ति से जोड़कर रखा। उनका दृढ़ विश्वास है कि आज वे जिस मुकाम पर खड़े हैं, वह सब केवल और केवल बजरंगबली की कृपा का परिणाम है।\n\nगाजियाबाद में साझा की अपनी कहानी, मिले नए प्रोजेक्ट्स\nहाल ही में गाजियाबाद के नगर निगम कार्यालय में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान सुनील लोधी मौजूद थे। वहां उन्होंने अपनी इस पूरी यात्रा और संघर्ष के अनकहे पहलुओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि 'हनुमान अंश' के गाने को मिली अपार सफलता के बाद संगीत जगत में उनके लिए नए रास्ते खुल गए हैं। उनके पास अब कई आगामी फीचर फिल्मों में पार्श्व गायन के नए प्रस्ताव आए हैं, जिससे जल्द ही दर्शकों को उनकी सुरीली आवाज अन्य बड़े सिनेमाई प्रोजेक्ट्स में भी सुनने को मिलेगी।\n\nइसका आप पर असर\nयह खबर साबित करती है कि सोशल मीडिया की पहुंच कैसे दूरदराज के हुनर को पहचान दिलाकर मुख्यधारा के सिनेमा तक पहुंचा सकती है।\n\n• कलाकारों के लिए: यह यात्रा दिखाती है कि इंटरनेट की ताकत से बिना किसी बड़े गॉडफादर के भी कला पहचानी जा सकती है। प्रतिभागी कलाकार अपनी स्थानीय कला को सोशल प्लेटफॉर्म पर शेयर कर नए रास्ते तलाश सकते हैं।\n• मध्य प्रदेश में: सागर जिले के एक छोटे से गांव से निकले दिव्यांग कलाकार की यह कामयाबी राज्य की स्थानीय प्रतिभाओं के लिए बड़ा हौसला है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोक गायकों और कलाकारों को आगे बढ़ने की नई उम्मीद मिलती है।\n• श्रोताओं के लिए: पारंपरिक भक्ति संगीत और भजनों को अब फिल्मों में भी बड़ा मंच मिल रहा है। दर्शक जल्द ही मुख्यधारा की कई नई फिल्मों में सुनील लोधी के गाए गाने सुन सकेंगे।\n• दिव्यांग समाज के लिए: जन्म से देख न पाने के बावजूद अपनी लगन से पहचान बनाना एक मिसाल है। यह हर उस व्यक्ति को संबल देता है जो शारीरिक सीमाओं के कारण खुद को असहाय महसूस करता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nसुनील लोधी को यह सफलता एक वायरल वीडियो और उसके बाद फिल्म 'हनुमान अंश' में मिले गायन के अवसर के कारण मिली है। उनकी लगन और निरंतर रियाज ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।\n\n• वायरल वीडियो का असर: सुनील का भजन 'मोरे संकट के कटैया' सोशल मीडिया पर बेहद तेजी से प्रसारित हुआ था। इस वीडियो ने संगीत निर्देशकों और जनता का ध्यान उनकी गायकी की तरफ खींचा।\n• फिल्म में सही मौका: नीम करोली बाबा पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' के निर्माताओं ने उनके भक्ति भाव और आवाज को पहचानते हुए 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान..' गाने का अवसर दिया।\n• साधना और संघर्ष: बचपन से दृष्टिहीन होने के बावजूद उन्होंने तंबूरे पर भजन गाने का अभ्यास जारी रखा और कभी संगीत से दूरी नहीं बनाई।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. फिल्म 'हनुमान अंश' में कौन सा गाना ट्रेंड कर रहा है?\nइस फिल्म का भजन 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान..' काफी पसंद किया जा रहा है और सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग में है।\n\n2. इस चर्चित भजन को किसने गाया है?\nइस भजन को 25 वर्षीय दृष्टिहीन गायक सुनील लोधी ने गाया है।\n\n3. सुनील लोधी कहां के रहने वाले हैं?\nसुनील लोधी मध्य प्रदेश के सागर जिले के अगरा गांव के रहने वाले हैं।\n\n4. सुनील लोधी की आवाज सबसे पहले कैसे वायरल हुई थी?\nउनका गाया एक लोक भजन 'मोरे संकट के कटैया' सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिससे उन्हें असल पहचान मिली।\n\n5. गाजियाबाद में सुनील लोधी ने अपने भविष्य को लेकर क्या बताया?\nउन्होंने गाजियाबाद के नगर निगम दफ्तर में बताया कि उन्हें अब कई नई फिल्मों में गाने के ऑफर मिले हैं।\n\n6. फिल्म 'हनुमान अंश' किसके जीवन पर आधारित है?\nफिल्म 'हनुमान अंश' नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित है।\n\nप्रेरणा और सबक\nसुनील लोधी की दास्तान सिखाती है कि साधनहीनता और शारीरिक बाधाएं कभी भी प्रतिभा के रास्ते का रोड़ा नहीं बन सकतीं।\n\n• लगन और दृढ़ता: जन्म से आंखों की रोशनी न होने के बाद भी सुनील ने हार मानने के बजाय संगीत को अपनी ताकत बनाया।\n• कठिन परिस्थितियों में प्रयास: ट्रेनों और गांवों में भजन गाकर गुजारा करने के बावजूद उन्होंने अपनी कला का अभ्यास नहीं छोड़ा।\n• आस्था और सकारात्मकता: अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर की कृपा को देते हुए उन्होंने हमेशा विनम्रता और समर्पण बनाए रखा।",
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  "publishedAt": "2026-09-19",
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